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Yamuna Nagar News: मांग में गिरावट से जूझ रहा कारोबार
Mon, 16 Feb 2026 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:35 AM IST
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प्लाईवुड फैक्टरी की चिमनी से निकलता धुआं। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाले यमुनानगर के कारोबार की वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। प्लाईवुड, लकड़ी, स्टील और रिटेल बाजार सहित अधिकांश सेक्टर में मांग में गिरावट दर्ज की जा रही है। उद्योग संगठनों और व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार पिछले एक साल में कारोबार की रफ्तार लगातार धीमी हुई है, जिसका असर उत्पादन, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है।
यमुनानगर का प्लाईवुड और लकड़ी उद्योग देशभर में अपनी पहचान रखता है। जिले में करीब 900 से अधिक प्लाईवुड, बोर्ड और लकड़ी आधारित इकाइयां संचालित हैं, जो हजारों लोगों को रोजगार देती हैं। लेकिन उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा समय में उत्पादन क्षमता का केवल 60-70 प्रतिशत ही उपयोग हो पा रहा है। यानी करीब 30-40 प्रतिशत उत्पादन घट चुका है।
पहले जहां फैक्ट्रियों के पास तीन से चार महीने तक के ऑर्डर बुक रहते थे, अब कई इकाइयों को सप्ताह दर सप्ताह काम तलाशना पड़ रहा है। वहीं लक्कड़ मंडी एसोसिएशन के प्रधान बलदेव पंवार का कहना है पॉपुलर की लकड़ी के रेट कम होने से मंडी में यूपी से लकड़ी नहीं आ रही। किसान उत्पादक घाटे का सौदा बताते हुए लकड़ी मंडी में लकड़ी लाने से मना कर दिया। इससे उनका कारोबार पर असर पड़े से नुकसान हो रहा है।
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उधर, प्लाईवुड फैक्टरी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जेके बिहानी ने बताया कि हमें आम बजट से जो उम्मीद थी वह नहीं मिला। बिलकुल भी कारोबार की तरफ ध्यान नहीं दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ महंगाई के चलते मुनाफा भी कम हो रहा है। यदि सरकार कारोबारियों के बारे में कुछ सोचे तो तभी कुछ हो सकता है।
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यमुनानगर। औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाले यमुनानगर के कारोबार की वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। प्लाईवुड, लकड़ी, स्टील और रिटेल बाजार सहित अधिकांश सेक्टर में मांग में गिरावट दर्ज की जा रही है। उद्योग संगठनों और व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार पिछले एक साल में कारोबार की रफ्तार लगातार धीमी हुई है, जिसका असर उत्पादन, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है।
यमुनानगर का प्लाईवुड और लकड़ी उद्योग देशभर में अपनी पहचान रखता है। जिले में करीब 900 से अधिक प्लाईवुड, बोर्ड और लकड़ी आधारित इकाइयां संचालित हैं, जो हजारों लोगों को रोजगार देती हैं। लेकिन उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा समय में उत्पादन क्षमता का केवल 60-70 प्रतिशत ही उपयोग हो पा रहा है। यानी करीब 30-40 प्रतिशत उत्पादन घट चुका है।
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पहले जहां फैक्ट्रियों के पास तीन से चार महीने तक के ऑर्डर बुक रहते थे, अब कई इकाइयों को सप्ताह दर सप्ताह काम तलाशना पड़ रहा है। वहीं लक्कड़ मंडी एसोसिएशन के प्रधान बलदेव पंवार का कहना है पॉपुलर की लकड़ी के रेट कम होने से मंडी में यूपी से लकड़ी नहीं आ रही। किसान उत्पादक घाटे का सौदा बताते हुए लकड़ी मंडी में लकड़ी लाने से मना कर दिया। इससे उनका कारोबार पर असर पड़े से नुकसान हो रहा है।
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उधर, प्लाईवुड फैक्टरी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जेके बिहानी ने बताया कि हमें आम बजट से जो उम्मीद थी वह नहीं मिला। बिलकुल भी कारोबार की तरफ ध्यान नहीं दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ महंगाई के चलते मुनाफा भी कम हो रहा है। यदि सरकार कारोबारियों के बारे में कुछ सोचे तो तभी कुछ हो सकता है।