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Yamuna Nagar News: बसें बढ़ी पर दिक्कत नहीं घटी, विद्यार्थी जोखिम में डाल रहे जान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Feb 2024 01:03 AM IST
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Buses increased but problems did not decrease, students are risking their lives
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज की बसें बढ़ने पर भी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की परेशानी कम नहीं हो पाई है। क्योंकि डिपो की अधिकांश नई बसें जिले के ग्रामीण रूटों के बजाय दूसरे जिलों व राज्यों के रूटों पर चल रही हैं। इससे कई ग्रामीण रूटों पर अब भी कोई बस नहीं है, वहीं बाकी ग्रामीण रूटों पर बसों के फेरे मांग से कम हैं। ग्रामीण रूटों पर बसें न होने या कम होने से सबसे ज्यादा विद्यार्थी वर्ग परेशान है। इनमें अधिकांश के पास बस पास भी हैं, तब भी यह रोडवेज या सहकारी समिति की बसों में खड़े होकर या सीढि़यों पर लटक व छतों पर बैठ सफर करने पर मजबूर हैं। इस तरह शिक्षण संस्थानों से घर आते-जाते समय रोज विद्यार्थी जान जोखिम में डालते दिखते हैं। यानी सब कुछ जगजाहिर होने पर भी रोडवेज अफसर हालात नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं जबकि यह बड़े हादसे की वजह बन सकती है। बता दें कि एक साल पहले यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की करीब 130 बसें थी। इसके बाद सालभर में 65 यूरो-6, 10 एसी, पांच इलेक्ट्रिक बसें आईं। इस बीच कुछ बसें कंडम घोषित भी हुईं। इसके बाद भी मौजूदा समय में डिपो पर कुल बसों की संख्या 180 हैं, जिनमें 170-175 बसें विभिन्न रूटों पर चलती हैं। नई बसों के आने से जिले के ग्रामीण रूटों पर भी बस सेवा बढ़ने की उम्मीद थी। ग्रामीणों को आस थी कि जिन रूटों पर बसें नहीं हैं, वहां बसें चलेंगी और जिन रूटों पर बसों के फेरे कम हैं, वहां फेरे बढ़ेंगे। लेकिन ग्रामीण रूटों पर हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। कई ग्रामीण रूटों पर अभी भी बसें नहीं हैं, वहीं जिन रूटों पर बसें हैं, उन पर मांग से बसों के फेरे कम हैं। इससे ग्रामीण रूटों से शिक्षण संस्थान जाने वाले विद्यार्थी सबसे ज्यादा परेशान हैं। जिले के ग्रामीण रूटों के बीच ही नहीं बल्कि यमुनानगर व जगाधरी सहित अन्य बस अड्डों पर विद्यार्थियों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। विद्यार्थियों और लोगों में ग्रामीण रूटों पर पड़ने वाले स्टॉपेज पर बस रुकते ही उनमें चढ़ने की होड़ रहती है और कई बार धक्का मुक्की की स्थिति भी बन जाती है। यही नहीं कई विद्यार्थी बसों के दरवाजों पर लटककर और छतों पर चढ़कर शिक्षण संस्थानों में पहुंचते हैं। इन हालात में सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को होती है, जिनमें अधिकांश भीड़ के बीच बसों में नहीं चढ़ पाती और मजबूरन अन्य साधन से आने-जाने पर मजबूर हैं।

विद्यार्थी बोले- अन्य रूटों पर ध्यान, ग्रामीण रूटों के यात्री परेशान
यमुनानगर व जगाधरी बस स्टैंड से सैकड़ों छात्र-छात्राएं दामला, रादौर, कुरुक्षेत्र, मुलाना, हथिनी कुंड सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बने शिक्षण संस्थान में पढ़ने जाते हैं। हजारों विद्यार्थियों के पास रोडवेज के बस पास भी हैं। यमुनानगर बस स्टैंड से दामला जाने वाले विद्यार्थियों में राजेश, सन्नी, निशा, अंकिता ने बताया कि रोज यहां से दामला तक बसों के दरवाजों पर लटक या अंदर खड़े होकर सफर करना पड़ता है और वापसी में कई बार बस मिलती नहीं और ऑटो व अन्य वाहनों में महंगा किराया अदा कर आना पड़ता है।
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डिपो से संचालित सभी रूटों पर मांग मुताबिक बसें व समय रखे गए हैं। इसमें किसी रूट पर बस व समय बढ़ाने या किसी नए रूट को चलाने की मांग है तो उसे पूरा करने का प्रयास होगा।
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- भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।
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