फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   budget of Ramlila increases beyond limit

तीस हजार की रामलीला दो लाख पर पहुंची

Wed, 18 Sep 2013 08:10 PM IST
यमुनानगर
यमुनानगर Updated Wed, 18 Sep 2013 08:10 PM IST
विज्ञापन
budget of Ramlila increases beyond limit
रामलीला पर भी बढ़ती महंगाई की मार देखने को मिल रही है। पहले जहां खर्च हजारों में आता था, लेकिन इस समय यह खर्च लाखों में पहुंच गया है। रामलीला मंडल के लिए रामलीला कराना मुश्किल होता जा रहा है।
विज्ञापन


पेपर मिल में होने वाली रामलीला में कभी हजारों रुपये में ही रामलीला करने से लेकर रावण दहन तक का कार्य हो जाता था, लेकिन अब लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी पहले जैसी रामलीला नहीं हो पाती।
विज्ञापन

मंडल पदाधिकारियों का कहना है कि स्टेज डेकोरेशन, मंच सज्जा, लाइट और रावण दहन को लेकर काफी खर्च आने लगा है।  

बाहर से आ रहे कलाकारों से भी बढ़ा बजट
पहले जहां स्थानीय कलाकारों की ओर से खुद अपने स्तर पर ही किरदार किया जाता था, इससे कलाकारों का बजट तो बच जाता था, लेकिन अब बाहर से आने वाले कलाकारों का बजट भी अलग से निकालना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे भी रामलीला का बजट बढ़ा है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ रही है उसी रफ्तार से रामलीला का बजट भी बढ़ता जा रहा है। मंडल पदाधिकारी ज्ञानचंद शर्मा, योगेंद्र सिंह, रमेश भार्गव, बचन सिंह और भगवती प्रसाद ने बताया कि जो पार्टी आती है वह भी हर साल रेट बढ़ा रही है।

उनका कहना है कि करीब 20 साल पहले जहां पूरी रामलीला में उनका खर्च 30 हजार के करीब आता था वह अब दो लाख पार कर गया है और आगे भी यह बजट कम होने की बजाए ज्यादा होने की ही उम्मीद है।

हर दिन हजारों होते हैं खर्च

मंडल पदाधिकारियों ने बताया कि रामलीला करना अब छोटी बात नहीं रही है, जो व्यवस्था पहले ही की हुई होती है उससे अलग भी हर दिन का खर्च हजारों में आता है।

कहीं फलों का खर्च, फूलों का खर्च, मेकअप का खर्च, स्टेज की डेकोरेशन का खर्च व अन्य बहुत से काम होते हैं, जिनके लिए रोजाना अलग से बजट बनाकर रखना पड़ता है। उनका कहना है कि दर्शकों के बैठने के लिए जो पंडाल लगाया जाता है और स्टेज पर जो टेंट का सामान लगता है वह भी अब काफी महंगा हो गया है।


आखिरी दिन आता है सबसे ज्यादा खर्च

वैसे तो रामलीला शुरू होने से पहले ही तैयारियों में बहुत ज्यादा खर्च आ जाता है, लेकिन अंतिम दिन दशहरे पर सबसे ज्याया खर्च आता है। इसमें आतिशबाजी सबसे से महंगी हो गई है। रावण दहन में कई क्विंटल पटाखे लगाने पड़ते हैं। इसके साथ ही रावण बनाने और अन्य तैयारियों में बजट का एक बड़ा भाग खपता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed