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पीढ़ियों और संस्कृतियों के बीच पुल हैं किताबें : रजनी
Sun, 26 Apr 2026 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 26 Apr 2026 12:19 AM IST
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पुस्तक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित आयोजक व पाठक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिला पुस्तकालय में पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम की थीम किताबें पीढ़ियों और संस्कृतियों के बीच पुल रही हैं रहा। वरिष्ठ पुस्तकालय अध्यक्ष रजनी सैनी ने कहा कि किताबें पीढ़ियों और संस्कृतियों के बीच पुल हैं
राजकीय महाविद्यालय छछरौली के प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा के निर्देश पर जिला पुस्तकालय में विलियम शेक्सपियर, मुंशी प्रेमचंद व अन्य लेखकों की पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान रजनी सैनी ने कहा कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं और युवाओं को इसके प्रति आकर्षित होना चाहिए। युवाओं को पुस्तकों का महत्व बताने के लिए विभिन्न कार्यक्रम करवाए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि अनुवाद से विदेशी साहित्य हमें वैश्विक संस्कृति से जोड़ता है। एक पीढ़ी किताबें लिखती है, अगली पीढ़ी उनसे अपना भविष्य लिखती है। एक किताब उठाइएं तो संभव है कि आप किसी और की जिंदगी का पुल बन जाएं। गीता हो या प्रेमचंद की गोदान, यह पुस्तकें 100 साल पहले भी उतनी ही सच थीं, जितनी आज हैं।
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हमारे बुजुर्गों का अनुभव, उनकी गलतियां, उनकी उपलब्धियां, प्राचीन सभ्यता व संस्कृति सब किताबों में दर्ज है। हम वही गलतियां दोबारा न करें, इसलिए किताबें जरूरी हैं। उन्न्होंने कहा कि लेखक की बिना अनुमति किताबों की नकल करना रचनाकारों के अधिकारों का हनन है। इसके लिए कॉपीराइट का नियम बनाया गया है। सभी को इसके दायरे में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में युवा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए आते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया गया कि विषय के साथ साहित्य भी पढ़ें और अपने साथियों व बच्चों के जन्मदिन पर उपहार में किताबें देने को बढ़ावा दें। इस दौरान ऋतु, कपिल देव, अभिमन्यु, पाठक शुभम, ज्वाला, रोबिन, मुकेश, सुगंध, तन्नू सहित अन्य उपस्थित रहे।
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जगाधरी। जिला पुस्तकालय में पुस्तक दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम की थीम किताबें पीढ़ियों और संस्कृतियों के बीच पुल रही हैं रहा। वरिष्ठ पुस्तकालय अध्यक्ष रजनी सैनी ने कहा कि किताबें पीढ़ियों और संस्कृतियों के बीच पुल हैं
राजकीय महाविद्यालय छछरौली के प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा के निर्देश पर जिला पुस्तकालय में विलियम शेक्सपियर, मुंशी प्रेमचंद व अन्य लेखकों की पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान रजनी सैनी ने कहा कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं और युवाओं को इसके प्रति आकर्षित होना चाहिए। युवाओं को पुस्तकों का महत्व बताने के लिए विभिन्न कार्यक्रम करवाए जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि अनुवाद से विदेशी साहित्य हमें वैश्विक संस्कृति से जोड़ता है। एक पीढ़ी किताबें लिखती है, अगली पीढ़ी उनसे अपना भविष्य लिखती है। एक किताब उठाइएं तो संभव है कि आप किसी और की जिंदगी का पुल बन जाएं। गीता हो या प्रेमचंद की गोदान, यह पुस्तकें 100 साल पहले भी उतनी ही सच थीं, जितनी आज हैं।
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हमारे बुजुर्गों का अनुभव, उनकी गलतियां, उनकी उपलब्धियां, प्राचीन सभ्यता व संस्कृति सब किताबों में दर्ज है। हम वही गलतियां दोबारा न करें, इसलिए किताबें जरूरी हैं। उन्न्होंने कहा कि लेखक की बिना अनुमति किताबों की नकल करना रचनाकारों के अधिकारों का हनन है। इसके लिए कॉपीराइट का नियम बनाया गया है। सभी को इसके दायरे में काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में युवा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए आते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया गया कि विषय के साथ साहित्य भी पढ़ें और अपने साथियों व बच्चों के जन्मदिन पर उपहार में किताबें देने को बढ़ावा दें। इस दौरान ऋतु, कपिल देव, अभिमन्यु, पाठक शुभम, ज्वाला, रोबिन, मुकेश, सुगंध, तन्नू सहित अन्य उपस्थित रहे।