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Yamuna Nagar News: सरकारी व निजी अस्पतालों में सुविधाओं का खाका हो रहा तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Dec 2023 12:53 AM IST
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Blueprint of facilities in government and private hospitals is being prepared
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सड़क हादसे के बाद घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार मिल सके इसके लिए गृह मंत्रालय की तरफ से प्रदेश के सभी जिला नागरिक, सीएचसी, पीएचसी के अलावा प्रमुख निजी अस्पतालों का ट्रामा बेसलाइन सर्वे कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट 25 दिसंबर तक मंत्रालय को सौंपनी है। सरकारी व निजी अस्पतालों में कौन-कौन सी सुविधाएं मरीजों के लिए उपलब्ध हैं इसी सारी जानकारी उन्हें गूगल शीट पर देनी होगी। इस गूगल शीट में करीब 354 सवाल हैं, जिनका जवाब अस्पताल संचालकों को हां या ना में ऑनलाइन देना है।
कोई भी सड़क हादसा होने के बाद घायल को सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पताल में भी भर्ती कराया जाता है। परंतु जब हादसा होता है तो उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद लोगों को पता नहीं होता कि किस तरह की चोट लगने पर घायल को कौन से स्पेशलिस्ट अस्पताल में लेकर जाना होता है। भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए माना जा रहा है कि घायल को सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पताल में भी भर्ती कराने की व्यवस्था की जा सकेगी। इसलिए निजी अस्पतालों का भी बेसलाइन सर्वे करके यह पता किया जा रहा है कि उनके पास आपात स्थिति के लिए क्या संसाधन उपलब्ध हैं।
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अस्पतालों से यह मांगी जा रही जानकारी

अस्पताल में 24 घंटे आईसीयू, ब्लड बैंक, लैब, दवाई, हेल्प डेस्क, रजिस्ट्रेशन डेस्क, पुलिस आउटपोस्ट या एमएलसी कार्यवाही विभाग, काउंसलिंग रूम, पोर्टेबल एक्स-रे, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड मशीन, सिटी स्कैन, एमआरआई, स्थायी ऑक्सीजन यूनिट, बी-टाइप के ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑपरेशन थियेटर में शेडो लेस लाइट, कैमरा, मॉनिटर, एनेस्थीसिया मशीन, इंटरनेट कनेक्शन, ट्रीटमेंट, रेफरल रजिस्टर, अस्पताल में कुल कितने बेड, इमरजेंसी में कितने बेड हैं, आईसीयू में कितने बेड, कितने ऑपरेशन थियेटर, वेंटीलेटर, सीसीटीवी, बिजली बैकअप, सर्जिकल मास्क, वाटरलेस हैंड क्लीनर, एंबुलेंस आने जाने का रास्ता, नो पार्किंग जोन, कितने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, न्यूरो सर्जन के पद, सर्जन व अन्य हैं या नहीं। साथ ही लोगों से भी पूछा जा रहा है कि मुख्य मार्गों पर ट्रामा सेंटरों के लोकेशन व साइन बोर्ड, रात में एलईडी से ट्रामा सेंटर का नाम चमकता है या नहीं।
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शहर में इन 34 अस्पतालों का होगा सर्वे
राज अस्पताल, स्वामी विवेकानंद, महेंद्रा अस्पताल, आईक्यू विजन, एनके यूरोलॉजी सेंटर, गोयल अस्तपाल, गर्ग ईएनटी अस्पताल, कपिल अस्पताल, गोयल आई केयर सेंटर, गुलाटी अस्पताल, विशाल अस्पताल, कोहली अस्पताल, वरदान अस्पताल, विक्रम अस्पताल, सुधीर अस्पताल, सब्बरवाल अस्पताल, केबी गुप्ता, श्री मेडिकल केयर सेंटर, संतोष अस्पताल, जिंदल अस्पताल, एसपी अस्पताल, शर्मा अस्पताल, दाबड़ा अस्पताल, आशीर्वाद अस्पताल, नियो मेडिकेयर, पारस अस्पताल, आरके गुप्ता, विघ्नेश अस्पताल, एडवांस आई अस्पताल, चड्ढा अस्पताल, ईशान अस्पताल, केपिटल सुपर स्पेशलिटी, गाबा अस्पताल व अग्रवाल अस्पताल शामिल हैं।


यह सर्वे सड़क सुरक्षा का हिस्सा : हिमाद्रि कौशिक
बेसलाइन सर्वे की नोडल ऑफिसर एएसपी हिमाद्रि कौशिक का कहना है कि सरकारी व निजी अस्पतालों का बेसलाइन सर्वे कराया जा रहा है। यह सर्वे सड़क सुरक्षा का ही हिस्सा है। सर्वे से पता चलेगा कि सरकारी व निजी अस्पतालों में ग्राउंड लेवल पर किस स्तर की सुविधाएं हैं।
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