फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Black scrap dealers' dark exploits will be exposed

Yamuna Nagar News: काला कबाड़ी के खुलेंगे काले कारनामे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2024 06:26 AM IST
विज्ञापन
Black scrap dealers' dark exploits will be exposed
यमुनानगर। काली कमाई और अवैध निर्माण से बड़ी-बड़ी इमारत खड़ी करने वाले नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी की संपत्तियों पर मंगलवार को दूसरे दिन भी नगर निगम की कार्रवाई जारी रही। पुलिस के कड़े पहरे के बीच काला कबाड़ी के भवनों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। यही नहीं पुलिस ने काला कबाड़ी के सभी काले कारनामे उजागर करने के लिए अब उन केसों को भी दोबारा खोलने का निर्णय लिया है, जिसमें उसे क्लीन चिट मिल गई थी। इसके तहत पुलिस ने थाना हुडा सेक्टर-17 में अक्तूबर 2023 में दर्ज हुए केस को रि-ओपन भी किया है। इस केस में पूछताछ करने के लिए पुलिस नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी को 13 जून को जेल से प्रोडक्शन रिमांड पर लेगी।
विज्ञापन

काला कबाड़ी पर पत्नी पर फायरिंग करने के आरोप में भी केस दर्ज है। मामले में एसपी को दी गई शिकायत में काला कबाड़ी की पत्नी ने ही उस पर संगीन आरोप लगाए थे। इसके बाद अब थाना हुडा सेक्टर-17 में अक्तूबर 2023 में दर्ज केस की दोबारा से जांच की जाएगी, जिसमें एक पीड़ित युवती ने दिल्ली में नौकरी दिलवाने के बहाने यमुनानगर लाकर दुष्कर्म करने और देह व्यापार कराने का आरोप लगाया था। पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह नौकरी की तलाश में थी। उस दौरान उसकी मुलाकात आरोपी राजकुमार के साथ हुई। राजकुमार उसे नौकरी दिलवाने के बहाने यमुनानगर लेकर आया। यहां आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने उसे नहर कालोनी निवासी अंजली, विक्की और मुस्कान के हवाले कर दिया। यहां विक्की ने भी उसे नौकरी दिलवाने के बहाने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस केस में काला कबाड़ी का भी नाम आया था परंतु उसने अपनी पहुंच का फायदा उठाते हुए केस को कुरुक्षेत्र में ट्रांसफर करवा लिया था, जहां से कुरुक्षेत्र पुलिस ने उसे क्लीन चिट दे दी थी। ऐसे में केस दोबारा ओपन होने से काला कबाड़ी की मुश्किलें बढ़नी तय माना जा रहा है। मामले की जांच में क्लीन चिट देने वाले पुलिस कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं। इसके अलावा एक अन्य केस और दर्ज है जिसे इसके बाद में खोला जाएगा।
विज्ञापन


जिम और पीजी को तोड़ा गया, मुंडा माजरा में दुकान भी ध्वस्त
ग्रीन विहार कालोनी नगर निगम द्वारा काला कबाड़ी की कुल नौ प्रॉपर्टी को तोड़ा जाना था, जिसमें से सात भवनों को सोमवार को तोड़ दिया गया था। सुबह आठ बजे से शुरू हुई कार्रवाई रात साढ़े सात बजे तक चली थी। इसके बाद मंगलवार को दो अन्य संपत्ति जिम और पीजी भवन पर भी निगम की जेसीबी गरजी। इसके अलावा निगम की टीम ने काला कबाड़ी की मुंडा माजरा क्षेत्र में बनी दुकान भी ध्वस्त कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


काला कबाड़ी की करनी भुगत रहे आसपास के भी लोग
कार्रवाई के दौरान हादसे की आशंका को देखते हुए बंद की गई बिजली आपूर्ति
ग्रीन विहार कॉलोनी में जो लोग काला कबाड़ी के घर के आसपास रहते हैं, वह भी उसकी करनी की सजा भुगत रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अवैध भवनों को तोड़ने के दौरान कोई हादसा न हो, इसके लिए बिजली निगम की तरफ से सोमवार सुबह ही पांच ट्रांसफार्मरों से होने वाली पावर सप्लाई को बंद कर दिया गया था। इतनी गर्मी में हजाराें लोग बिजली बंद होने से परेशान रहे। इनमें से चार ट्रांसफार्मर तो निगम ने सोमवार शाम शुरू कर दिए थे, लेकिन एक ट्रांसफार्मर मंगलवार को दूसरे दिन भी बंद रहा। दो दिन से बिजली न होने से लोग गर्मी से बेहाल हो गए हैं। घराें में रखे इनवर्टर सोमवार को ही कुछ घंटे में जवाब दे गए थे। बिजली निगम के एसडीओ का कहना है कि उम्मीद है कि जो ट्रांसफार्मर बंद है, वह मंगलवार शाम तक चल जाए।

नगर निगम के अधिकारी भी सवालों के घेरे में
काला कबाड़ी ने पांच साल में नौ ऊंचे-ऊंचे भवन बिना नक्शा पास कराए खड़े कर दिए और नगर निगम के अधिकारियों को पता भी नहीं चला। ऐसे में निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में है। लोगों तो यहां तक कह रहे हैं कि आम आदमी शहर में बिना नक्शा पास कराए एक ईंट भी रख देता है तो नगर निगम का अमला वहां पहुंच जाता है परंतु काला कबाड़ी के मामले में जिम्मेदारी की चुप्पी जांच का विषय है।
जिम से लेकर पीजी, ज्वेलर की दुकान, पशु डेयरी, कबाड़ी की दुकान आदि किसी का भी नक्शा पास नहीं कराया गया। भवनों का निर्माण हुआ, उस पर टाइलें लगीं लेकिन नगर निगम का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, काला कबाड़ी से पुलिसकर्मियों का भी खूब याराना था। पुलिसकर्मी दिन में कई-कई बार उसके इन अवैध आशियानों में आकर घंटों बैठते थे।

शिकायत अब आई है : सतपाल
नगर निगम के बिल्डिंग इंस्पेक्टर सतपाल का कहना है कि निगम क्षेत्र में कोई अवैध निर्माण कर रहा है इसका पता ऐसे नहीं चलता। लोगों की शिकायतों के बाद ही पता चलता है। काला कबाड़ी ने बिना नक्शे पास कराए निर्माण किया है, इसकी शिकायत जब आई, उसके बाद कार्रवाई की जा रही है।


एक केस रि-ओपन किया है : गंगाराम पूनिया
एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि नरेश वर्मा उर्फ काला कबाड़ी पर पहले जो केस दर्ज हैं, उनमें से फिलहाल एक केस को रि-ओपन किया गया है। इसमें पूछताछ के लिए उसे 13 जून को प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed