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Yamuna Nagar News: होलिका दहन पर भद्रा का साया, सात मार्च से शुरू होगा होलाष्टक

Thu, 06 Mar 2025 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 06 Mar 2025 03:05 AM IST
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Bhadra's shadow on Holika Dahan, Holashtak will start from March 7
साढौरा। इस साल होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा, जिससे सही समय पर पूजा करना शुभ होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और 14 मार्च को रंगों का त्योहार होली मनाया जाएगा। सात मार्च से होलाष्टक शुरू हो जाएंगे, जिसमें शुभ कार्य करने की मनाही होती है। ये जानकारी ज्योतिषाचार्य पंडित रामराज कौशिक ने दी।
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उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त एक घंटा चार मिनट है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 13 मार्च को शाम को भद्रा की छाया पृथ्वी पर होने के कारण होलिका दहन के शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना होगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि, इस वर्ष 13 मार्च सुबह 10:02 से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हो जाएगी, जिसकी समाप्ति 14 मार्च सुबह 11:11 पर होगी। ऐसे में 13 मार्च को ही होलिका दहन किया जाएगा। लेकिन 13 मार्च को पूरे दिन लगभग 13 घंटे तक भद्रा का साया बना रहेगा, जबकि शास्त्रों में होलिका दहन के लिए भद्रा रहित और निशा काल में पूर्णिमा तिथि का होना अनिवार्य बताया गया है।
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13 मार्च को धरती पर होगा भद्रा का वास
इस साल 13 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भद्रा का वास धरती पर है। कहा जाता है कि जब भद्रा का वास धरती पर होता है तो कोई भी शुभ-मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। होलिका दहन पर पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्रा की भी शुरुआत हो जाएगी जोकि रात 10:36 तक रहेगी। इसलिए भद्रा खत्म होने के बाद ही होलिका दहन किया जाएगा।
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होलिका दहन का मुहूर्त
भद्रा रहित और पूर्णिमा तिथि को देखते हुए होलिका 13 मार्च की रात में किया जाएगा। होलिका दहन के लिए ज्योतिषाचार्य ने रात 10 बजकर 35 मिनट से 11 बजकर 26 मिनट तक का समय शुभ बताया है। ऐसे में होलिका दहन देर रात किया जाएगा और इसके लिए लगभग 1 घंटे 9 मिनट का ही शुभ समय मिलेगा। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा का मुख काल छोड़ कर पूंछ काल में होलिका दहन हो सकेगा। होलिका दहन के दिन भद्रा पूंछ शाम 6 बजकर 57 मिनट से रात 8 बजकर 14 मिनट तक है। इस दौरान होलिका दहन करना शुभ माना गया है।
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