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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सतर्क : कमलदीप
Mon, 09 Mar 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Mar 2026 01:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने लोगों को साइबर ठगी के नए तरीके डिजिटल अरेस्ट से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अब लोगों को डराकर और खुद को पुलिस, सीबीआई या नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
एसपी ने बताया कि कई मामलों में ठग पहले फोन कर कहते हैं कि आपके बेटे या बेटी को ड्रग्स या किसी अन्य अवैध गतिविधि में पकड़ा गया है और वह पुलिस हिरासत में है। इसके अलावा कई बार विदेश से पार्सल आने और उसमें आपत्तिजनक वस्तु मिलने का झूठा दावा भी किया जाता है। इसके बाद पीड़ित को वीडियो कॉल पर लेकर डराया-धमकाया जाता है और केस खत्म करने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। उन्होंने बताया कि डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगों द्वारा अपनाया गया नया तरीका है। इसमें आरोपी वीडियो कॉल के दौरान खुद को किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को घंटों तक कॉल पर ही रोके रखते हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल से घबराएं नहीं और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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यमुनानगर। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने लोगों को साइबर ठगी के नए तरीके डिजिटल अरेस्ट से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अब लोगों को डराकर और खुद को पुलिस, सीबीआई या नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
एसपी ने बताया कि कई मामलों में ठग पहले फोन कर कहते हैं कि आपके बेटे या बेटी को ड्रग्स या किसी अन्य अवैध गतिविधि में पकड़ा गया है और वह पुलिस हिरासत में है। इसके अलावा कई बार विदेश से पार्सल आने और उसमें आपत्तिजनक वस्तु मिलने का झूठा दावा भी किया जाता है। इसके बाद पीड़ित को वीडियो कॉल पर लेकर डराया-धमकाया जाता है और केस खत्म करने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। उन्होंने बताया कि डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगों द्वारा अपनाया गया नया तरीका है। इसमें आरोपी वीडियो कॉल के दौरान खुद को किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को घंटों तक कॉल पर ही रोके रखते हैं। एसपी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल से घबराएं नहीं और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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