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Yamuna Nagar News: बाल रामलीला आज से, स्कूलों के पास नहीं ड्रेस

Mon, 14 Oct 2024 03:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 14 Oct 2024 03:53 AM IST
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Bal Ramlila from today, schools don't have uniforms
राजकीय प्राथमिक पाठशाला में दशहरा उत्सव मनाते बच्चे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। शिक्षा विभाग के निर्देशों पर राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण बाल रामलीला कराई जा रही है। स्कूलों में रामलीला का मंचन सोमवार से होगा।इसके लिए सभी विद्यार्थी और अध्यापक काफी दिनों से तैयारी कर रहे थे। इस दौरान स्कूलों में मंचन के लिए बच्चों को अभ्यास कराया जा रहा था।
चुनाव ड्यूटी में व्यस्त चल रहे शिक्षकों ने बच्चों को कम समय में अभ्यास तो करा दिया। परंतु मंचन के लिए उन्हें ड्रेस नहीं जुटा पाए। निदेशालय के आदेशानुसार मंचन में ड्रेस और अन्य तमाम सामग्री शिक्षकों और स्कूल को अपने स्तर पर जुटानी है। शिक्षक बच्चों को नई ड्रेस का बंदोबस्त करने के लिए नहीं कह सकते हैं।
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ऐसे में स्कूलों में मंचन के लिए शिक्षक ड्रेस नहीं जुटा पाए हैं। जिले के कई स्कूल ऐसे हैं जहां बच्चों ने अपने किरदार के अनुसार स्वयं ही ड्रेस का बंदोबस्त किया है। ऐसे में शिक्षक इसे लेकर परेशान हैं। इसके चलते छुट्टी के दिन भी शिक्षक इधर उधर से ड्रेसों का इंतजाम करने में जुटे रहे।
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सबसे ज्यादा रावण पक्ष की चाहिए ड्रेस

निपुण बाल रामलीला में किरदार निभाने के लिए सबसे ज्यादा रावण पक्ष की ड्रेस की आवश्यकता है। चूंकि श्रीराम-लखन व सीता के किरदार में सामान्य वस्त्रों की आवश्यकता है। जबकि हनुमान, सुग्रीव, अंगद, बाली, रावण, कुंभकरण और मेघनाद के किरदारों के लिए वस्त्रों की आवश्यकता है। इसके अलावा गदा, खड़ग और धनुष-बाण सामग्री भी आवश्यकता है। कई स्कूल ऐसे हैं जिनके बाद यह सामान नहीं है और वे इसका इंतजाम भी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में शिक्षकों ने अभिभावकों को घर से ही बच्चों को तैयार करके भेजने के लिए कहा है। बता दें कि विभाग की ओर से सीता स्वयंवर, चित्रकूट भरत मिलाप, सूर्पणखा, खर-दूषण वध, हनुमान-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, रावण अंगद संवाद का मंचन करवाने के आदेश हैं। इसके अलावा शिक्षकों अपने स्तर पर व छठी के पाठ्यक्रम से भी सीन करवाने की अनुमति दी गई है।


ग्रांट का कर सकते हैं प्रयोग

एफएलएन समन्वयक संजीव सैनी ने कहा कि स्कूलों में निपुण रामलीला करवाने की सभी तैयारियां कर ली गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल में जहां ज्यादा व्यवस्था नहीं है। वहां ऐसी दिक्कत आती हैं। चूंकि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी दुकानें नहीं होती हैं, जहां से ड्रेस ली जा सके। शिक्षक चुनाव के कारण व्यस्त थे, जिस कारण इस बार इसमें विलंब हो गया है। रामलीला मंचन 13 से 27 अक्टूबर तक किया जाना है। इसके लिए मुख्यालय की ओर से सीन निर्धारित किए गए हैं। उन दृश्यों व कथाओं का ही मंचन किया जाना है। वहीं, जिन स्कूलों के पास ड्रेस नहीं है वे अपनी ग्रांट से भी ले सकते हैं। इसके लिए पहले से ही प्रावधान है। अधिकांश किरदारों में सामान्य वस्त्रों की ही आवश्यकता है।
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