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महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक
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शिविर के दौरान अतिथियों का स्वागत करते कॉलेज सदस्य। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला में राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की ओर से चल रहे सात दिवसीय शिविर के दूसरे दिन बुधवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। इस दौरान स्वयंसेवकों को महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया।
अतिथि के तौर पर छछरौली के राजकीय महाविद्यालय से डॉ. संजीव कुमार, प्रो. अशोक बंसल व आर्य कन्या महाविद्यालय अंबाला कैंट से डॉ. अमनदीप मक्कड़ ने हिस्सा लिया। डॉ. संजीव कुमार ने कहा की कन्या भ्रूण हत्या, दहेज को लेकर महिलाओं का उत्पीड़न सहित अनेक घटनाएं हमारी मानसिकता दर्शाती हैं। मौजूदा समय में महिलाओं का सशक्त होना अति आवश्यक है। समाज में फैली बुराइयों से महिलाओं को बचाने के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षित महिला अपने अधिकारों व कर्तव्यों की पहचान कर अपनी भागीदार सुनिश्चित कर सकती हैं।
डॉ. अमनदीप मक्कड़ ने कहा कि जन्म व मृत्यु के मध्य जीवन किसी प्रकार से व्यतीत करना है, यह विचार का विषय है। निष्काम भाव से कार्य करते हुए देश के प्रति समर्पित रहना चाहिए। महिलाओं के सशक्तिकरण साथ मानव सशक्तिकरण भी बहुत जरूरी है। एक शिक्षित महिला दो परिवारों को शिक्षित करती है। धरती से आसमान तक देश की बेटी ने हर जगह अपना परचम लहराया है।
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प्रो. अशोक बंसल ने कहा कि सरकार महिलाओं व बेटियों को बचाने के लिए बहुत संवेदनशील है। सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमन ने स्वयंसेवकों को एनएसएस का उद्देश्य के बारे में बताया। स्वयंसेवकों को यमुना ग्रुप, सतलुज ग्रुप, नर्मदा ग्रुप, गंगा ग्रुप समूहों में बांट गया है। इस दौरान डॉ. सतनाम सिंह, अमरपाल, अमित कपूर, अमित कुमार, डॉ. ममता मग्गो, डॉ. अजय रतन व निशा उपस्थित रहे।
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बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला में राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की ओर से चल रहे सात दिवसीय शिविर के दूसरे दिन बुधवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर विभिन्न गतिविधियां करवाई गईं। इस दौरान स्वयंसेवकों को महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया।
अतिथि के तौर पर छछरौली के राजकीय महाविद्यालय से डॉ. संजीव कुमार, प्रो. अशोक बंसल व आर्य कन्या महाविद्यालय अंबाला कैंट से डॉ. अमनदीप मक्कड़ ने हिस्सा लिया। डॉ. संजीव कुमार ने कहा की कन्या भ्रूण हत्या, दहेज को लेकर महिलाओं का उत्पीड़न सहित अनेक घटनाएं हमारी मानसिकता दर्शाती हैं। मौजूदा समय में महिलाओं का सशक्त होना अति आवश्यक है। समाज में फैली बुराइयों से महिलाओं को बचाने के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षित महिला अपने अधिकारों व कर्तव्यों की पहचान कर अपनी भागीदार सुनिश्चित कर सकती हैं।
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डॉ. अमनदीप मक्कड़ ने कहा कि जन्म व मृत्यु के मध्य जीवन किसी प्रकार से व्यतीत करना है, यह विचार का विषय है। निष्काम भाव से कार्य करते हुए देश के प्रति समर्पित रहना चाहिए। महिलाओं के सशक्तिकरण साथ मानव सशक्तिकरण भी बहुत जरूरी है। एक शिक्षित महिला दो परिवारों को शिक्षित करती है। धरती से आसमान तक देश की बेटी ने हर जगह अपना परचम लहराया है।
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प्रो. अशोक बंसल ने कहा कि सरकार महिलाओं व बेटियों को बचाने के लिए बहुत संवेदनशील है। सरकार की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमन ने स्वयंसेवकों को एनएसएस का उद्देश्य के बारे में बताया। स्वयंसेवकों को यमुना ग्रुप, सतलुज ग्रुप, नर्मदा ग्रुप, गंगा ग्रुप समूहों में बांट गया है। इस दौरान डॉ. सतनाम सिंह, अमरपाल, अमित कपूर, अमित कुमार, डॉ. ममता मग्गो, डॉ. अजय रतन व निशा उपस्थित रहे।