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महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला कर किया घायल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 11:09 PM IST
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attack
attack - फोटो : Yamuna Nagar
गांव अराइयावाला में बंदरों के झुंड ने महिला पर हमला कर उसे बुरी तरह जख्मी कर दिया। महिला को अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बंदरों ने महिला की बाजू बुरी तरह काट खाई। महिला की बाजू पर 14 टांकें लगे हैं। उसकी छुट्टी कर दी गई। अराइयावाला गांव की महिला ममता ने बताया कि गांव में बंदरों का काफी आतंक है। घरों की छतों पर बंदरों के झुंड घूमते रहते हैं। महिला ने बताया कि वह अपने मकान की छत पर गई थी। जैसे ही वह छत पर पहुंची तो बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बंदरों के हमले से वह बुरी तरह जख्मी हो गई। बंदरों ने उसे बूरी तरह काटा, जिससे वह बेहोश हो गई। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी सास व बच्चे छत पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह बंदरों को वहां से भगाया। जिसके के बाद वे उसे अस्पताल ले आए।
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सरकारी अस्पताल में नहीं मिलता एंटी रेबीज
जिला अस्पताल को छोड़कर किसी भी सीएचसी और पीएचसी में एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं मिलते हैं। जिससे ग्रामीणों को कुत्ता या बंदर आदि के काटने पर निजी अस्पतालों में महंगे खर्चें पर इलाज करवाना पड़ता है। घायल महिला ने बताया कि वह बंदरों के काटने पर पहले प्रतापनगर के सरकारी अस्पताल गए थे, लेकिन वहां इंजेक्शन न होने के कारण बाहर निजी अस्पताल से इलाज करवाना पड़ा। खंड छछरौली और प्रतापनगर के सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं है। जबकि जंगल के साथ लगते अधिकतर गावों में बंदरों की तादात अधिक होने से ग्रामीणों को भय के साये में जीना पड़ता है।
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वन्य प्राणी विभाग बिना पंचायत के रेजुलेशन के नहीं पकड़ता बंदर
वन्य प्राणी विभाग बिना पंचायत के रेजुलेशन के बंदर नहीं पकड़ता। पंचायतें अपने खर्चें पर बंदरों को पकड़ने के लिए तैयार नहीं होती। बंदरों की बढ़ रही तादात और उनके आतंक से परेशान ग्रामीणों के लिए विभाग और प्रशासन के पास कोई समाधान नहीं है। इस बारे में वन्य प्राणी विभाग के जिला निरीक्षक सुनील ने बताया कि पंचायत यदि बंदरों को पकड़ने के लिए रेजुलेशन बनाकर विभाग को दे, तो वे इसके लिए पत्र बनाकर उच्चधिकारियों के पास भेज देंगे। अप्रूवल आने के बाद ही बंदरों को पंचायत के खर्चें पर पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। वहीं बंदर पकड़कर जंगलों में छोड़ दिया जाता है।
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