Yamunanagar: छह नई खूबियों के साथ देश के सबसे ऊंचे अशोक चक्र पर अष्टमंगला छत्रावली स्थापित, पढ़ें रिपोर्ट
यमुनानगर के रादौर के गांव टोपरा कलां साल 2017 में अशोका एडिक्ट्स पार्क में भारत के सबसे ऊंचे अशोक चक्र को स्थापित किया गया था। लेकिन बारिश और हवा से फरवरी वर्ष-2022 में जमीन पर गिर गई थी। अब अष्टमंगला छत्रावली को फिर से स्थापित कर दिया गया है।
विस्तार
देश के सबसे ऊंचे अशोक चक्र पर स्थापित अष्टमंगला छत्रावली (छत्र सम्मान का प्रतीक) बारिश और हवा से फरवरी वर्ष-2022 में जमीन पर गिर गई थी। अब दो साल बाद इसे छह नई खूबियों के साथ फिर से स्थापित किया गया है। ब्लॉक रादौर के गांव टोपरा कलां में स्थापित लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज 30 फीट ऊंचे अशोक चक्र की शोभा बढ़ाने के लिए 61 फीट की छत्रावली पर करीब 12 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
गांव टोपरा कलां में स्थापित अशोक चक्र का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी है दर्ज
रादौर के गांव टोपरा कलां साल 2017 में अशोका एडिक्ट्स पार्क में भारत के सबसे ऊंचे अशोक चक्र को स्थापित किया गया था। अशोक चक्र के ऊपर स्थापित होने वाली इस छत्रावली को अष्टमंगला इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें आठ सिंबल जिसमें मछली का जोड़ा, रस्सी का गुच्छा, चक्र, शंख, कलश, कमल, ध्वज, छत्र शामिल है। प्राचीन समय में राजा या महापुरुष के सम्मान में इस तरह के छत्र का प्रयोग हुआ करते थे। इस छत्रावली का डिजाइन सारनाथ और सांची के स्तूप के छत्र की तरह का है। इस छत्रावली में छह नई खूबियां हैं जो पुरानी से बहुत भिन्न है। इससे पहले इसे पांच मई को बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्थापित किया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से स्थापित नहीं किया जा सका था।
अधिकारी के अनुसार
अष्टमंगला छत्रावली को फिर से स्थापित कर दिया गया है। यह देश के सबसे ऊंचे अशोक चक्र की शोभा बढ़ाएगी। इस बार छह नई खूबियों के साथ इसे नया रूप दिया गया है, जिस पर करीब 12 लाख रुपये खर्च आया है। -सिद्धार्थ गौरी, फाउंडर अशोक पार्क डेवलपमेंट ट्रस्ट।
नई अष्टमंगला छत्रावली में ये हैं छह नई खूबियां
1. मटेरियल : माइल्ड स्टील
2. डिजाइन : वायुगतिकी : छत्र की डिस्क को वर्टिकल की जगह एंगुलर रखा गया है। विंड प्रेशर को कम करने के लिए। छेदी शीट का भी प्रयोग किया है। इससे भी विंड प्रेशर और भी कम हो जाएगा।
3. कांसेप्ट : अष्टकोणीय छत्र में आठ शुभ संकेतों का एक पवित्र संयोजन है। हर एक भाग एक चिन्ह् को दर्शाता है। यहां बौद्ध धर्म में आठ शुभ प्रतीकों, अंतहीन गांठ, कमल ध्वज, पहिया, कलश, दो मछली, छत्र, शंख का क्रमिक क्रम है।
4. विशिष्टता : छत्र की ऊंचाई 61 फीट और हल्के स्टील में लगभग 1.8 टन वजन है। छत्रावली 14 फीट, 10 फीट और 5 फीट व्यास की 3 डिस्क संरचना है।
5. रंग : सुनहरा रंग अध्यात्म को दर्शाता है और सफेद रंग पवित्रता और शांति का प्रतीक है।
6. तकनीकी परामर्श : विशाल स्मारक को बनाने में टेक्निकल इनपुट्स कमल इंजीनियरिंग के अनिल कुमार गद्द ने दिए हैं। उन्होंने बताया इस ड्राइंग को तैयार करने में एक साल का समय लगा।