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Yamuna Nagar News: आशा कर्मियों ने हाईवे पर फूंका पुतला
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मांगों के संदर्भ में आशा कर्मियों ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री कंवरपाल के आवास की तरफ कूच किया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ डीएसपी अभिलक्ष जोशी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने आशाकर्मियों को मंत्री आवास तक नहीं जाने दिया और कॉलोनी के गेट के बाहर से ही पांवटा पर बेरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान आशाकर्मियों ने मंत्री के घर के सामने पुतला फूंकने की बात कही, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाया और शांत कराया। इसके बाद कर्मियों ने जगाधरी पांवटा नेशनल हाईवे के बीच में पुतला रख कर नारेबाजी की और सरकार के पुतले को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान नीरूबाला ने किया, जबकि संचालन पूजा खेड़की ने किया। आशा कर्मियों ने डीडीओ श्यामलाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसके कुछ देर बाद आशा कर्मी अनाजमंडी स्थित धरना स्थल पर लौट आईं।
प्रदर्शन के दौरान नीरूबाला ने कहा आशाकर्मियों की हड़ताल को 63 दिन हो गए हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर गंभीरता से चर्चा नहीं की जा रही। आशा कर्मियाें में सरकार के प्रति हर दिन रोष बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन को सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, सर्व कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन ने समर्थन दिया। सीटू प्रधान रामकुमार कांबोज, आंगनबाड़ी प्रधान सरबती देवी ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है। मंत्रियों व नेताओं के चेहतों को आंगनबाड़ी में भर्ती किया जा रहा है। पूर्व में काम कर रही कर्मियों को निकाला जा रहा है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। वहीं रामकुमार कांबोज, राजेश कुमारी, पूजा ने कहा कि 18 अक्तूबर को उनका महापड़ाव है। यह पड़ाव मंत्री आवास पर होगा। प्रशासन उन्हें मंत्री आवास के पास महापड़ाव के लिए स्थान दे। यदि उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे नेशनल हाईवे पर बैठ जाएंगे।
पुलिस ने आशाकर्मियों को जगाधरी पांवटा नेशनल हाईवे पर ही रोक दिया था। परंतु प्रदर्शन को लेकर ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया गया। मंत्री की काॅलोनी के गेट से हाईवे तक आशा कर्मी खड़ी रहीं। ऐसे आशा कर्मियों के बीच से ही वाहन निकलते रहे। हर बार प्रदर्शन के दौरान पुलिस ट्रैफिक डायवर्ट कर देती थी। प्रदर्शन के दौरान करीब आधा किलोमीटर तक ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता था, ताकि किसी को परेशान न हो। परंतु इस बार ऐसा न किया गया। नेशनल हाईवे होने के कारण यहां से भारी वाहन निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान भी ट्रक, ट्रॉले, ट्रैक्टर-ट्रॉली इत्यादि भारी वाहन निकले।
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प्रदर्शन के दौरान नीरूबाला ने कहा आशाकर्मियों की हड़ताल को 63 दिन हो गए हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर गंभीरता से चर्चा नहीं की जा रही। आशा कर्मियाें में सरकार के प्रति हर दिन रोष बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन को सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, सर्व कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन ने समर्थन दिया। सीटू प्रधान रामकुमार कांबोज, आंगनबाड़ी प्रधान सरबती देवी ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है। मंत्रियों व नेताओं के चेहतों को आंगनबाड़ी में भर्ती किया जा रहा है। पूर्व में काम कर रही कर्मियों को निकाला जा रहा है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। वहीं रामकुमार कांबोज, राजेश कुमारी, पूजा ने कहा कि 18 अक्तूबर को उनका महापड़ाव है। यह पड़ाव मंत्री आवास पर होगा। प्रशासन उन्हें मंत्री आवास के पास महापड़ाव के लिए स्थान दे। यदि उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे नेशनल हाईवे पर बैठ जाएंगे।
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पुलिस ने आशाकर्मियों को जगाधरी पांवटा नेशनल हाईवे पर ही रोक दिया था। परंतु प्रदर्शन को लेकर ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया गया। मंत्री की काॅलोनी के गेट से हाईवे तक आशा कर्मी खड़ी रहीं। ऐसे आशा कर्मियों के बीच से ही वाहन निकलते रहे। हर बार प्रदर्शन के दौरान पुलिस ट्रैफिक डायवर्ट कर देती थी। प्रदर्शन के दौरान करीब आधा किलोमीटर तक ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता था, ताकि किसी को परेशान न हो। परंतु इस बार ऐसा न किया गया। नेशनल हाईवे होने के कारण यहां से भारी वाहन निकलते हैं। प्रदर्शन के दौरान भी ट्रक, ट्रॉले, ट्रैक्टर-ट्रॉली इत्यादि भारी वाहन निकले।
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