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Yamuna Nagar News: मंत्रों की गूंज संग सरस्वती महोत्सव का आगाज

Mon, 12 Feb 2024 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 12 Feb 2024 03:17 AM IST
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araswati Mahotsav begins with echo of mantras
संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। शिवालिक की पहाड़ियों के बीच आदिबद्री में सरस्वती नदी के किनारे रविवार को वैदिक मंत्रों की गूूंज के साथ सरस्वती महोत्सव शुरू हुआ। महोत्सव 11 से 14 फरवरी तक चवेगा। महोत्सव के पहले दिन का कार्यक्रम श्री आदिबद्री के समीप सरस्वती नदी सरोवर के किनारे किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री कंवरपाल व विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के वाइस चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने की। सबसे पहले सरस्वती उद्गम स्थल पर पूजा अर्चना की गई। सरस्वती सरोवर के समीप 31 कुंडीय हवन यज्ञ में मुख्य अतिथि, प्रशासनिक अधिकारियों सहित स्थानीय लोगों ने पूर्णा आहुति डाली।
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मंत्रों उच्चारण का कार्य आचार्य अरविंद चौबे ने पूरे विधि विधान से संपन्न करवाया। हवन यज्ञ में मुख्य अतिथि कंवरपाल, धूमन सिंह किरमिच, जिलाध्यक्ष राजेश सपरा, सुरेंद्र बनकट, सरपंच ठाठ सिंह, मुकेश शर्मा, अरुण कुमार, विनेश गर्ग सहित मुख्य यजमान ने पूर्णा आहुति डाल क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। मंत्री ने सरस्वती सरोवर के समीप पौधरोपण भी किया।
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राजकीय आदर्श संस्कृति माॅडल स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। अमित स्वामी व रजनी शर्मा ने हरियाणवी रागनी गाकर समा बांधा। धूमन सिंह किरमिच ने कहा कि सरस्वती नदी विश्व के प्राचीन नदियों में से एक है। भारत के करोड़ों लोगों की आस्था सरस्वती नदी की पवित्र धारा से जुड़ी है। सरस्वती नदी को प्रवाहित करने के लिए बोर्ड के माध्यम से अनेक विकास कार्य किए जा रहे है।
सरस्वती हेरिटेज बोर्ड गठन के पश्चात वसंत पंचमी के अवसर सरस्वती महोत्सव मनाए जाने का निर्णय लिया था। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में शिक्षाविद व शिक्षार्थी नदी के उत्थान काे लेकर 12 फरवरी को सेमिनार में भाग लेंगे। सरस्वतीनगर में सरस्वती के घाट के समीप समारोह का आयोजन 13 फरवरी को किया जाएगा पेहवा में सरस्वती तीर्थ पर 14 फरवरी को समारोह का समापन किया जाएगा। जिन गांवों से सरस्वती नदी गुजर रही है वहां के सरपंचों व ग्रामीणों ने सरस्वती के लिए आगे आए हैं, उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
नासा भी प्रमाणित कर चुका सरस्वती नदी को : कंवरपाल
मंत्री कंवरपाल ने कहा कि सरस्वती से एक ऐसी विचारधारा प्रवाहित हुई है, जिस पर हमें गर्व महसूस होने लगा है। दुनिया में सबसे पहले लिखे गए ग्रंथ वेद हैं जो कि परमात्मा की वाणी है। वेद सरस्वती के किनारे लिखे गए है। इससे सरस्वती नदी की प्रमाणिकता सिद्ध होती है। नासा ने भी स्पष्ट किया है कि यहां से पवित्र पानी की धारा प्रवाहित होकर गुजरात व समुद्र तक जाती है। हमारे लिए हर्ष की बात है कि प्रदेश स्तरीय सरस्वती महोत्सव का शुभारंभ आदिबद्री से हुआ है। इस बार सरस्वती नदी उद्गम स्थल पर पानी प्रवाहित होने की मात्रा में बढ़ोतरी हुई है। दर्शन लाल जैन ने इसके लिए बहुत अथक प्रयास किया था।

करोड़ों लोगों की जुड़ी है आस्था : घनश्याम
विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि सरस्वती की पवित्र धारा से पूरे विश्व के करोडों लोगों की आस्था जुड़ी है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से धरा पर प्रवाहित करने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट बना कर कार्य किया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा सरस्वती के विकास काे लेकर सहयोग मिल रहा है। मौके पर जिला महामंत्री सुरेंद्र गुर्जर, सरपंच अरुण कुमार, सचिव बलकार सिंह, सरपंच मुकेश शर्मा, सरपंच प्रतिनिधि पंकुश खुराना, राजकुमार, संदीप कुमार, अशोक धीमान, एसडीओ धर्मपाल आदि मौजूद रहे।
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