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Yamuna Nagar News: प्लाटों से अवैध कब्जा हटवाने की गुहार
Fri, 09 Aug 2024 04:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 09 Aug 2024 04:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत मिले 100-100 गज के प्लाटों से अवैध कब्जा मुक्त करवाने व इंतकाल दर्ज करने की मांग को लेकर गांव खेड़ा ब्राह्मण के लोग वीरवार को लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी से मुलाकात नहीं होने पर वे लघु सचिवालय के गेट पर धरना देने बैठ गए।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों को आगे जाने से रोक दिया। लोगों के धरने पर बैठने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को एडीसी से मिलवाया। एडीसी ओक गांव के रामरतन, बिंद्रा, कमल कुमार, ऋषिपाल, अमन कुमार, हुकुमपाल, रुकमणि, कस्तूरी, धर्मेंद्र कुमार, ओमप्रकाश, जसवंत, श्याम लाल, सुशील कुमार ने बताया कि योजना के तहत उनके गांव के 104 लोगों को साल 2009 में 100-100 गज के प्लाट दिए गए थे।
उन्हें 15 साल बाद भी अपना हक नहीं मिला है। इन प्लाटों पर गांव के प्रभावशाली लोगों का कब्जा है। इस पर वे लोग खेती कर रहे हैं। इस बारे वे कई बार बिलासपुर के तहसीलदार से मिलें और उन्हें इंतकाल दर्ज कर तस्दीक करने की मांग की। परंतु इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। न लोगों के नाम इंतकाल करवाया गया और न ही प्लाट कब्जा मुक्त करवाए गए। इसी मांग को लेकर वे डीसी से मिलने पहुंचे है।
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डीसी के न होने पर ग्रामीण एडीसी से मिले। एडीसी ने शिकायत डीडीपीओ को मार्क कर दी। इसके बाद ग्रामीण बिलासपुर एसडीएम से मिले। एसडीएम ने मामले में शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि यदि इसमें प्रशासन सुनवाई नहीं करेगा तो मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ेगा।
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जगाधरी। महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत मिले 100-100 गज के प्लाटों से अवैध कब्जा मुक्त करवाने व इंतकाल दर्ज करने की मांग को लेकर गांव खेड़ा ब्राह्मण के लोग वीरवार को लघु सचिवालय पहुंचे। डीसी से मुलाकात नहीं होने पर वे लघु सचिवालय के गेट पर धरना देने बैठ गए।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों को आगे जाने से रोक दिया। लोगों के धरने पर बैठने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को एडीसी से मिलवाया। एडीसी ओक गांव के रामरतन, बिंद्रा, कमल कुमार, ऋषिपाल, अमन कुमार, हुकुमपाल, रुकमणि, कस्तूरी, धर्मेंद्र कुमार, ओमप्रकाश, जसवंत, श्याम लाल, सुशील कुमार ने बताया कि योजना के तहत उनके गांव के 104 लोगों को साल 2009 में 100-100 गज के प्लाट दिए गए थे।
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उन्हें 15 साल बाद भी अपना हक नहीं मिला है। इन प्लाटों पर गांव के प्रभावशाली लोगों का कब्जा है। इस पर वे लोग खेती कर रहे हैं। इस बारे वे कई बार बिलासपुर के तहसीलदार से मिलें और उन्हें इंतकाल दर्ज कर तस्दीक करने की मांग की। परंतु इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। न लोगों के नाम इंतकाल करवाया गया और न ही प्लाट कब्जा मुक्त करवाए गए। इसी मांग को लेकर वे डीसी से मिलने पहुंचे है।
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डीसी के न होने पर ग्रामीण एडीसी से मिले। एडीसी ने शिकायत डीडीपीओ को मार्क कर दी। इसके बाद ग्रामीण बिलासपुर एसडीएम से मिले। एसडीएम ने मामले में शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि यदि इसमें प्रशासन सुनवाई नहीं करेगा तो मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ेगा।