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Yamuna Nagar News: अंकुरजीत बने नवांशहर के डीसी, मनाई खुशी
Thu, 27 Feb 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 27 Feb 2025 01:29 AM IST
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साढौरा। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी अंकुरजीत सिंह को पंजाब सरकार ने जिला नवांशहर का डीसी नियुक्त किया है। मूलरूप से रसूलपुर गांव के रहने वाले अंकुरजीत सिंह की इस नियुक्ति पर ग्रामीणों ने खुशी मनाई।
उनकी माता जसविंद्र कौर वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग में सीडीपीओ के पद पर कार्यरत हैं। जबकि पिता सुखदेव सिंह रेलवे में कार्यरत हैं। अंकुरजीत सिंह ने अप्रैल 2018 में घोषित यूपीएससी के परिणामों में 414वां रैंक प्राप्त करके इस क्षेत्र का पहला आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया था। मसूरी की आईएएस अकेडमी में आईएएस का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अंकुरजीत सिंह को पंजाब कैडर मिला था। 2020 में उनकी प्रथम नियुक्ति पटियाला के एसडीएम के तौर पर हुई थी।
इसके बाद वह जालंधर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) के मुख्य प्रशासक के रूप में तैनात रहे। जिला पठानकोट के एडीसी के पद पर रहे अंकुरजीत को अब जिला नवांशहर का डीसी नियुक्त किया गया है।
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शहीद भगत सिंह की भूमि पर डीसी के पद पर नई नियुक्ति के लिए अंकुरजीत सिंह ने गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशों के अनुसार शहीद भगत सिंह नगर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। अंकुरजीत सिंह सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारण व कड़ी मेहनत को जरूरी मानते हैं।
मेहनत के आगे कमजोरी नहीं बन सकती रुकावट : रसूलपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय से दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद 12वीं तक की शिक्षा जगाधरी के एसडी स्कूल से पाई थी। इसके बाद 2015 में अंकुरजीत सिंह ने रुड़की की आईआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की। बीटेक करने के दौरान ही अंकुरजीत सिंह ने प्रशासनिक सेवाओं में काम करने की अपनी बचपन की ललक को पूरा करने के प्रयास शुरु कर दिए थे।
एक बार असफलता मिलने के बावजूद अंकुरजीत सिंह ने निराश न होकर अपने प्रयास जारी रखे। आखिरकार 2018 में 414वें रैंक के साथ आईएएस चुन लिए गए। अंकुरजीत सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता जसविंद्र कौर, पिता सुखदेव सिंह व बहन रविजीत कौर की प्रेरणा व त्याग देते हैं।
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उनकी माता जसविंद्र कौर वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग में सीडीपीओ के पद पर कार्यरत हैं। जबकि पिता सुखदेव सिंह रेलवे में कार्यरत हैं। अंकुरजीत सिंह ने अप्रैल 2018 में घोषित यूपीएससी के परिणामों में 414वां रैंक प्राप्त करके इस क्षेत्र का पहला आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया था। मसूरी की आईएएस अकेडमी में आईएएस का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अंकुरजीत सिंह को पंजाब कैडर मिला था। 2020 में उनकी प्रथम नियुक्ति पटियाला के एसडीएम के तौर पर हुई थी।
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इसके बाद वह जालंधर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) के मुख्य प्रशासक के रूप में तैनात रहे। जिला पठानकोट के एडीसी के पद पर रहे अंकुरजीत को अब जिला नवांशहर का डीसी नियुक्त किया गया है।
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शहीद भगत सिंह की भूमि पर डीसी के पद पर नई नियुक्ति के लिए अंकुरजीत सिंह ने गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशों के अनुसार शहीद भगत सिंह नगर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। अंकुरजीत सिंह सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारण व कड़ी मेहनत को जरूरी मानते हैं।
मेहनत के आगे कमजोरी नहीं बन सकती रुकावट : रसूलपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय से दसवीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद 12वीं तक की शिक्षा जगाधरी के एसडी स्कूल से पाई थी। इसके बाद 2015 में अंकुरजीत सिंह ने रुड़की की आईआईटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की। बीटेक करने के दौरान ही अंकुरजीत सिंह ने प्रशासनिक सेवाओं में काम करने की अपनी बचपन की ललक को पूरा करने के प्रयास शुरु कर दिए थे।
एक बार असफलता मिलने के बावजूद अंकुरजीत सिंह ने निराश न होकर अपने प्रयास जारी रखे। आखिरकार 2018 में 414वें रैंक के साथ आईएएस चुन लिए गए। अंकुरजीत सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता जसविंद्र कौर, पिता सुखदेव सिंह व बहन रविजीत कौर की प्रेरणा व त्याग देते हैं।