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Yamuna Nagar News: पशु ढूंढ़ें निवाला, नहीं बनी गोशाला
Sun, 22 Sep 2024 04:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 22 Sep 2024 04:24 AM IST
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राहुल शर्मा
यमुनानगर।विधानसभा चुनाव सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश का मुद्दा लोगों की जुबान पर है। गोवंश कई सड़क दुर्घटनाओं की वजह बन चुके हैं, वहीं कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। इस तरह जानमाल को नुकसान पहुंचाते गोवंश के लिए नगर निगम की कार्रवाई धरातल पर नहीं दिख पाई है। दड़वा में गोशाला और ससौली में नंदीशाला बनाने की परियोजना जमीन चिह्नित करने से आगे नहीं बढ़ पाई। हालांकि इसके लिए निगम की सदन बैठकों में प्रस्ताव पास हैं।
उल्लेखनीय है कि 30 जून 2021 को नगर निगम सदन की बैठक में दड़वा में गोशाला का निर्माण करने का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके लिए दड़वा में करीब पांच एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी, पर इसके आगे गोशाला निर्माण की कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे ही 24 मार्च 2022 की सदन बैठक में ससौली में गोचरान की भूमि पर नंदीशाला बनाने का प्रस्ताव पास किया गया।
नंदीशाला का कार्य पूरा न होने तक बेसहारा पशुओं काे रखने वाली गोशाला को 2100 रुपये प्रति बड़ा पशु व 1100 रुपये प्रति छोटा पशु नगर निगम फंड से देने की भी बात थी। ससौली में नंदीशाला के निर्माण के लिए भी 14 एकड़ जमीन चिह्नित की गई, पर निर्माण के लिए कार्रवाई नहीं हुई।
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शहर की सड़कों पर आज भी गोवंश घूम रहे हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं। स्थिति यह है कि ऐसी कोई कॉलोनी नहीं, जहां गाय व गोवंश कचरे में निवाला ढूंढते न दिखें। ये देख निवर्तमान पार्षद व गोरक्षा संगठनों के प्रतिनिधि अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। साथ लोग विधानसभा चुनाव के माहौल में सभी राजनीतिक दलों से सड़कों पर घूमते गोवंश के लिए भी घोषणाएं व बयान जारी करने की मांग कर रहे हैं। संवाद
निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि 15 अगस्त 2017 को नगर निगम अफसरों ने शहर काे कैटल फ्री घोषित किया था। उस दौरान शहर की गलियों व सड़कों से 549 गोवंश व अन्य पशुओं को पकड़ कर गोशाला भेजा गया था, लेकिन इसके आगे यह कार्रवाई सुस्त पड़ गई। गोशालाओं का प्रस्ताव बैठकों में पास हो चुका है, पर कार्रवाई ढाक के तीन पात है।
गोसंवर्धन न्यास के जिला संयोजक दीक्षित शर्मा ने कहा कि सदन में प्रस्ताव पास कर केवल कागजों में काम दिखाने का प्रयास है, जबकि जमीन पर नंदी व गोशाला निर्माण की कोई कार्रवाई नहीं हुई। वह भी तब जब निगम क्षेत्र में गोचरान की 4200 एकड़ भूमि है, जिसे कब्जा मुक्त कराने की एक दशक से चल रही मांग भी पूरी नहीं हो पाई है।
इस बारे में संबंधित अफसरों से बात करेंगे। मामले में जो भी नियमानुसार कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाएंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर।विधानसभा चुनाव सड़कों पर घूमते बेसहारा गोवंश का मुद्दा लोगों की जुबान पर है। गोवंश कई सड़क दुर्घटनाओं की वजह बन चुके हैं, वहीं कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। इस तरह जानमाल को नुकसान पहुंचाते गोवंश के लिए नगर निगम की कार्रवाई धरातल पर नहीं दिख पाई है। दड़वा में गोशाला और ससौली में नंदीशाला बनाने की परियोजना जमीन चिह्नित करने से आगे नहीं बढ़ पाई। हालांकि इसके लिए निगम की सदन बैठकों में प्रस्ताव पास हैं।
उल्लेखनीय है कि 30 जून 2021 को नगर निगम सदन की बैठक में दड़वा में गोशाला का निर्माण करने का प्रस्ताव पास हुआ था। इसके लिए दड़वा में करीब पांच एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी, पर इसके आगे गोशाला निर्माण की कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे ही 24 मार्च 2022 की सदन बैठक में ससौली में गोचरान की भूमि पर नंदीशाला बनाने का प्रस्ताव पास किया गया।
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नंदीशाला का कार्य पूरा न होने तक बेसहारा पशुओं काे रखने वाली गोशाला को 2100 रुपये प्रति बड़ा पशु व 1100 रुपये प्रति छोटा पशु नगर निगम फंड से देने की भी बात थी। ससौली में नंदीशाला के निर्माण के लिए भी 14 एकड़ जमीन चिह्नित की गई, पर निर्माण के लिए कार्रवाई नहीं हुई।
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शहर की सड़कों पर आज भी गोवंश घूम रहे हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं। स्थिति यह है कि ऐसी कोई कॉलोनी नहीं, जहां गाय व गोवंश कचरे में निवाला ढूंढते न दिखें। ये देख निवर्तमान पार्षद व गोरक्षा संगठनों के प्रतिनिधि अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। साथ लोग विधानसभा चुनाव के माहौल में सभी राजनीतिक दलों से सड़कों पर घूमते गोवंश के लिए भी घोषणाएं व बयान जारी करने की मांग कर रहे हैं। संवाद
निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि 15 अगस्त 2017 को नगर निगम अफसरों ने शहर काे कैटल फ्री घोषित किया था। उस दौरान शहर की गलियों व सड़कों से 549 गोवंश व अन्य पशुओं को पकड़ कर गोशाला भेजा गया था, लेकिन इसके आगे यह कार्रवाई सुस्त पड़ गई। गोशालाओं का प्रस्ताव बैठकों में पास हो चुका है, पर कार्रवाई ढाक के तीन पात है।
गोसंवर्धन न्यास के जिला संयोजक दीक्षित शर्मा ने कहा कि सदन में प्रस्ताव पास कर केवल कागजों में काम दिखाने का प्रयास है, जबकि जमीन पर नंदी व गोशाला निर्माण की कोई कार्रवाई नहीं हुई। वह भी तब जब निगम क्षेत्र में गोचरान की 4200 एकड़ भूमि है, जिसे कब्जा मुक्त कराने की एक दशक से चल रही मांग भी पूरी नहीं हो पाई है।
इस बारे में संबंधित अफसरों से बात करेंगे। मामले में जो भी नियमानुसार कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाएंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।