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‘यहां अब तारीख नहीं लगेगी फैसला होगा ऑन द स्पॉट’
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:35 AM IST
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यमुनानगर
- फोटो : यमुनानगर
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यमुनानगर। शिकायतकर्ता की शिकायत का निपटारा समय पर किया जाए। कष्ट निवारण समिति में परिवादी बड़ी उम्मीद लेकर आते हैं, उन्हें यहां हर कीमत पर न्याय मिलना चाहिए। सभी शिकायतकर्ताओं को मीटिंग में बुलाया जाए और बाइज्जत मीटिंग में बिठाया जाए। कागजी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अब से बैठक में तारीख नहीं फैसला ऑन द स्पॉट होगा। शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने अफसरों को निर्देश जारी करते हुए यह बात कही। बैठक में शुक्रवार को कुल 17 परिवादों में से मात्र चार का ही मौके पर निपटारा हो पाया। बैठक में यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, जिला परिषद अध्यक्षा रेणू बाला, डीसी डा. एसएस फुलिया, नगर निगम आयुक्त गिरीश अरोड़ा, एसपी मनीष चौधरी, एडीसी डॉ. शालीन, जगाधरी एसडीएम प्रेम चंद, नगराधीश भारत भूषण कौशिक आदि अधिकारी मौजूद रहे।
दो मामलों में ईओ को लताड़
नगर निगम से संबंधित दो मामलों में मंत्री ने ईओ को भी खूब लताड़ा। परिवाद नंबर चार में दी थापर इंडस्ट्रियल वर्कर्स सहकारी आवासीय समिति के प्रबंधक पवन कुमार ने समिति की चार सौ वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दी। इसमें अवैध तरीके से नक्शा बनवाने का आरोप था। पवन ने कहा कि पहली मीटिंग में इन नक्शों को रद करने और अवैध निर्माण को गिराने का आश्वासन मिला था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम ईओ ने जवाब में कहा कि नोटिस दिया था, कार्रवाई की जा रही है। भड़के मंत्री विज ने कहा कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की और बिना रजिस्ट्री देखे ऐसे ही नक्शा पास करवा देते हो। मंत्री ने मामले में नक्शा पास करने और नक्शा रद करने की जांच करने के लिए एडीसी को आदेश दिए। दूसरे मामले में परिवाद नंबर 14 में आई महेंद्र गागट की शिकायत में एक सेनेटरी इंस्पेक्टर पर घोटाले का आरोप लगाया। मंत्री ने ईओ को कहा कि भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं। मामले की जांच उन्होंने डीएसपी को सौंपी।
आदेशों का अनुपालन नहीं करना क्या :
सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने ग्रीन पार्क पर पब्लिक हेल्थ के ट्यूबवेल के साथ रिहायशी मकान बनाकर कब्जा देने की शिकायत दी थी। समिति की पिछली मीटिंग में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने पब्लिक हेल्थ के अफसरों को ग्रीन पार्क में बने रिहायशी मकानों को सात दिन में हटाने के आदेश दिए थे। लेकिन आदेशों का पालन नहीं हुआ। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक्सईएन ने जवाब दिया कि ट्यूबवेल ऑपरेटर को तीन नोटिस दिए हैं। मकान जल्द खाली करवा दिए जाएंगे। मंत्री विज बोले इम्लाइज को नोटिस कैसा। अध्यक्ष के आदेशों का अनुपालन जरूरी है। आदेशों की अनुपालन नहीं करना क्या।
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...तो खड़ा होकर बनवाऊंगा
परिवाद नंबर छह में मुस्तफाबाद के रजपुरा निवासी अवतार सिंह परिवार के साथ बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा कि मार्च 2015 में नाला खुदाई के समय प्रशासन ने उसके घर की चारदीवारी बिना नोटिस दिए गिरा दी। सीएम विंडो पर शिकायत देकर मुआवजे की मांग की थी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री विज ने तहसीलदार के नेतृत्व में तीन सदस्य कमेटी का गठन कर जमीन की पैमाइश कर जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अगर दीवार गलत तोड़ी गई तो मैं खुद खड़ा होकर बनवाऊंगा।
अंदर मीटिंग, बाहर हंगामा
स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री विज पहली बार मीटिंग में आए। उनको लेकर शिकायतकर्ता में भी काफी उत्साह था। परिवादों से अलग लगभग 200 लोग शिकायतें लेकर आए। लेकिन मीटिंग हॉल में जगह न होने पर अधिकतर शिकायतकर्ता बाहर थे। ऐसे में हॉल का दरवाजा बंद करना पड़ा। परिवादों से संबंधित शिकायतकर्ता भी बाहर ही रह गए। जब तीन परिवादों तक कोई शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा तो मंत्री ने बाहर खड़े शिकायतकर्ताओं में से परिवादों से संबंधित शिकायतकर्ताओं को बुलाया। इसके बाद लिस्ट के आधार पर शिकायतकर्ता अंदर भेजे गए। बाहर भीड़ अधिक होने पर हंगामे की स्थिति बनी रही।
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दो मामलों में ईओ को लताड़
नगर निगम से संबंधित दो मामलों में मंत्री ने ईओ को भी खूब लताड़ा। परिवाद नंबर चार में दी थापर इंडस्ट्रियल वर्कर्स सहकारी आवासीय समिति के प्रबंधक पवन कुमार ने समिति की चार सौ वर्ग गज जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत दी। इसमें अवैध तरीके से नक्शा बनवाने का आरोप था। पवन ने कहा कि पहली मीटिंग में इन नक्शों को रद करने और अवैध निर्माण को गिराने का आश्वासन मिला था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम ईओ ने जवाब में कहा कि नोटिस दिया था, कार्रवाई की जा रही है। भड़के मंत्री विज ने कहा कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की और बिना रजिस्ट्री देखे ऐसे ही नक्शा पास करवा देते हो। मंत्री ने मामले में नक्शा पास करने और नक्शा रद करने की जांच करने के लिए एडीसी को आदेश दिए। दूसरे मामले में परिवाद नंबर 14 में आई महेंद्र गागट की शिकायत में एक सेनेटरी इंस्पेक्टर पर घोटाले का आरोप लगाया। मंत्री ने ईओ को कहा कि भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं। मामले की जांच उन्होंने डीएसपी को सौंपी।
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आदेशों का अनुपालन नहीं करना क्या :
सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने ग्रीन पार्क पर पब्लिक हेल्थ के ट्यूबवेल के साथ रिहायशी मकान बनाकर कब्जा देने की शिकायत दी थी। समिति की पिछली मीटिंग में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने पब्लिक हेल्थ के अफसरों को ग्रीन पार्क में बने रिहायशी मकानों को सात दिन में हटाने के आदेश दिए थे। लेकिन आदेशों का पालन नहीं हुआ। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक्सईएन ने जवाब दिया कि ट्यूबवेल ऑपरेटर को तीन नोटिस दिए हैं। मकान जल्द खाली करवा दिए जाएंगे। मंत्री विज बोले इम्लाइज को नोटिस कैसा। अध्यक्ष के आदेशों का अनुपालन जरूरी है। आदेशों की अनुपालन नहीं करना क्या।
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...तो खड़ा होकर बनवाऊंगा
परिवाद नंबर छह में मुस्तफाबाद के रजपुरा निवासी अवतार सिंह परिवार के साथ बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा कि मार्च 2015 में नाला खुदाई के समय प्रशासन ने उसके घर की चारदीवारी बिना नोटिस दिए गिरा दी। सीएम विंडो पर शिकायत देकर मुआवजे की मांग की थी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री विज ने तहसीलदार के नेतृत्व में तीन सदस्य कमेटी का गठन कर जमीन की पैमाइश कर जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि अगर दीवार गलत तोड़ी गई तो मैं खुद खड़ा होकर बनवाऊंगा।
अंदर मीटिंग, बाहर हंगामा
स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री विज पहली बार मीटिंग में आए। उनको लेकर शिकायतकर्ता में भी काफी उत्साह था। परिवादों से अलग लगभग 200 लोग शिकायतें लेकर आए। लेकिन मीटिंग हॉल में जगह न होने पर अधिकतर शिकायतकर्ता बाहर थे। ऐसे में हॉल का दरवाजा बंद करना पड़ा। परिवादों से संबंधित शिकायतकर्ता भी बाहर ही रह गए। जब तीन परिवादों तक कोई शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा तो मंत्री ने बाहर खड़े शिकायतकर्ताओं में से परिवादों से संबंधित शिकायतकर्ताओं को बुलाया। इसके बाद लिस्ट के आधार पर शिकायतकर्ता अंदर भेजे गए। बाहर भीड़ अधिक होने पर हंगामे की स्थिति बनी रही।