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नाराज किसानों ने लगाया जाम
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यमुनानगर। लखीमपुर खीरी जा रहे भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी से नाराज किसानों ने सोमवार की देर रात जमकर हंगामा किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में अग्रसेन चौक पर जाम लगा दिया। देर रात जब चढ़ूनी की रिहाई की उन्हें सूचना दी गई तब वे माने और जाम खत्म किया। उधर, जिले के भाकियू पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिले में बैठकों का आयोजन किया और गांव-गांव जाकर प्रदर्शन के लिए आह्वान किया।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना की अगुवाई में किसान सोमवार की देर रात शिक्षामंत्री के आवास का घेराव करने के लिए जगाधरी पहुंचे, लेकिन वहां गली के बाहर ही बैरिकेडिंग की गई थी। किसानों के रोष को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मध्यनजर भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। शिक्षा मंत्री के निवास की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को अवरोधक लगाकर सील कर दिया गया। तब किसान अग्रसेन चौक पर पहुंचे और वहां अपने वाहन अड़ाकर जाम लगा दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
किसान करीब ढाई घंटे तक ये जाम लगा रहा और किसान अपने प्रदेशाध्यक्ष की रिहाई को लेकर नारेबाजी करते नजर आए। रात के अंधेरे और तेज बारिश में भी किसान जाम लगाकर डटे रहे। आधी रात को एसपी कमलदीप गोयल डीएसपी को साथ लेकर किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना से बात की और किसानों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन काफी देर तक किसानों को समझाने में लगा रहा, लेकिन किसान जाम लगाकर डटे रहे।
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इसी बीच एसपी ने किसान नेताओं को जानकारी दी कि गुरनाम सिंह को यूपी पुलिस ने छोड़ दिया है। चढ़ूनी का वीडियो देखने के बाद ही किसानों ने जाम खोला। किसान नेता मनदीप रोड छप्पर व संजू गुंदयाना ने बताया कि गुरनाम सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने पहले शिक्षा मंत्री के निवास के घेराव का एलान किया था, लेकिन इसके बाद घेराव न करते हुए अग्रसेन चौक पर जाम लगाया गया। किसानों ने रात को कई अन्य जगहों पर भी जाम लगाकर अपना विरोध जताया।
मनदीप रोड छप्पर ने बताया कि सरकार के हर जुल्मों को सहने के लिए हमने कमर कस ली है। लखीमपुर खीरी में हमारे किसान भाइयों ने कुर्बानी दी है। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं आएगी और हम सब हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। सरकार को झुकना ही पड़ेगा। क्योंकि जब तक तीन कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना की अगुवाई में किसान सोमवार की देर रात शिक्षामंत्री के आवास का घेराव करने के लिए जगाधरी पहुंचे, लेकिन वहां गली के बाहर ही बैरिकेडिंग की गई थी। किसानों के रोष को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मध्यनजर भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। शिक्षा मंत्री के निवास की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को अवरोधक लगाकर सील कर दिया गया। तब किसान अग्रसेन चौक पर पहुंचे और वहां अपने वाहन अड़ाकर जाम लगा दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
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किसान करीब ढाई घंटे तक ये जाम लगा रहा और किसान अपने प्रदेशाध्यक्ष की रिहाई को लेकर नारेबाजी करते नजर आए। रात के अंधेरे और तेज बारिश में भी किसान जाम लगाकर डटे रहे। आधी रात को एसपी कमलदीप गोयल डीएसपी को साथ लेकर किसानों के पास पहुंचे। उन्होंने जिलाध्यक्ष संजू गुंदयाना से बात की और किसानों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन काफी देर तक किसानों को समझाने में लगा रहा, लेकिन किसान जाम लगाकर डटे रहे।
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इसी बीच एसपी ने किसान नेताओं को जानकारी दी कि गुरनाम सिंह को यूपी पुलिस ने छोड़ दिया है। चढ़ूनी का वीडियो देखने के बाद ही किसानों ने जाम खोला। किसान नेता मनदीप रोड छप्पर व संजू गुंदयाना ने बताया कि गुरनाम सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने पहले शिक्षा मंत्री के निवास के घेराव का एलान किया था, लेकिन इसके बाद घेराव न करते हुए अग्रसेन चौक पर जाम लगाया गया। किसानों ने रात को कई अन्य जगहों पर भी जाम लगाकर अपना विरोध जताया।
मनदीप रोड छप्पर ने बताया कि सरकार के हर जुल्मों को सहने के लिए हमने कमर कस ली है। लखीमपुर खीरी में हमारे किसान भाइयों ने कुर्बानी दी है। उनकी शहादत व्यर्थ नहीं आएगी और हम सब हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। सरकार को झुकना ही पड़ेगा। क्योंकि जब तक तीन कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।