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सड़कों पर फूटा आंगनबाड़ी वर्करों का गुस्सा, टर्मिनेशन नोटिसों की प्रतियां जलाई
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यमुनानगर। 2018 में प्रधानमंत्री के द्वारा मानदेय बढ़ाने की घोषणा के अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय न देने के विरोध और मांगों के लिए जगाधरी अनाज मंडी में कई दिनों से धरने पर बैठीं आंगनबाड़ी वर्करों का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान वर्करों ने बर्खास्तगी नोटिस की प्रतियों को आग के हवाले कर दिया।
जिला प्रधान रेखा सैनी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर 12 जनवरी को जिला मुख्यालय पर पहुंचकर गिरफ्तारियां देंगी। उन्होंने बताया कि पांच जनवरी को प्रदेश भर की 35 हजार आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर रोष जताने के लिए करनाल अनाज मंडी में पहुंची थी। एक तरफ सरकार के साथ चंडीगढ़ में वार्ता चल रही थी और दूसरी तरफ सरकार के खिलाफ करनाल में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन चल रहा था वार्ता में सरकार द्वारा 2018 में प्रधानमंत्री के द्वारा की गई घोषणा अनुसार वर्कर को 1500 रुपए व हेल्पर को 750 रुपए मानदेय देने की बात कही गई थी, उसको मानने से इनकार कर दिया गया। बाकी सभी मांगों पर सरकार द्वारा सहमति जताई गई थी जिस कारण से वार्ता विफल होने के कारण आठ दिसंबर से चल रही हड़ताल को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
जिला प्रधान ने बताया कि सरकार के कहने पर हमारे आंदोलन को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन वर्करों व हेल्परों के आंगनबाड़ी केंद्रों व घरों पर बर्खास्तगी नोटिस चिपका रहा है। जिसकी उन्हें कोई परवाह नहीं है। एसकेएस के जिला प्रधान महिपाल सौदे व जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने आंगनबाड़ी यूनियन के 12 जनवरी के जेल भरो आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि इस दिन सभी विभागों के कर्मचारी भी इनके समर्थन में गिरफ्तारियां देंगे। धरने पर पीटीआई शिक्षक संघर्ष समिति के जिला प्रधान यशवंत राणा भी अपने साथियों सहित समर्थन देने के लिए पहुंचे। नौ जनवरी के शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन पर आने का निमंत्रण भी दिया गया।
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जिला प्रधान रेखा सैनी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर 12 जनवरी को जिला मुख्यालय पर पहुंचकर गिरफ्तारियां देंगी। उन्होंने बताया कि पांच जनवरी को प्रदेश भर की 35 हजार आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर रोष जताने के लिए करनाल अनाज मंडी में पहुंची थी। एक तरफ सरकार के साथ चंडीगढ़ में वार्ता चल रही थी और दूसरी तरफ सरकार के खिलाफ करनाल में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन चल रहा था वार्ता में सरकार द्वारा 2018 में प्रधानमंत्री के द्वारा की गई घोषणा अनुसार वर्कर को 1500 रुपए व हेल्पर को 750 रुपए मानदेय देने की बात कही गई थी, उसको मानने से इनकार कर दिया गया। बाकी सभी मांगों पर सरकार द्वारा सहमति जताई गई थी जिस कारण से वार्ता विफल होने के कारण आठ दिसंबर से चल रही हड़ताल को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
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जिला प्रधान ने बताया कि सरकार के कहने पर हमारे आंदोलन को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन वर्करों व हेल्परों के आंगनबाड़ी केंद्रों व घरों पर बर्खास्तगी नोटिस चिपका रहा है। जिसकी उन्हें कोई परवाह नहीं है। एसकेएस के जिला प्रधान महिपाल सौदे व जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने आंगनबाड़ी यूनियन के 12 जनवरी के जेल भरो आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि इस दिन सभी विभागों के कर्मचारी भी इनके समर्थन में गिरफ्तारियां देंगे। धरने पर पीटीआई शिक्षक संघर्ष समिति के जिला प्रधान यशवंत राणा भी अपने साथियों सहित समर्थन देने के लिए पहुंचे। नौ जनवरी के शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन पर आने का निमंत्रण भी दिया गया।
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