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Yamuna Nagar News: नकटी नदी क्षेत्र के अवैध कब्जों पर जताया रोष

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Mar 2025 01:41 AM IST
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Anger expressed over illegal occupation of Nakti river area
साढौरा। प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे करने वालों पर नकेल न कसे जाने का फायदा उठाते हुए नदी प्रवाह क्षेत्र में निरंतर नए कब्जे हो रहे हैं। यही नहीं कस्बे में जलभराव रोकने के लिए बनाए गए तटबंध पर ही कुछ लोगों ने झुग्गियां बनाकर अवैध कब्जा कर लिया है।
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नकटी नदी में निरंतर हो रहे अवैध कब्जों को रोकने के लिए मंगलवार को समाजसेवी अमित सेतिया ने सैंकड़ों लोगों के साथ बीडीपीओ कार्यालय के प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया। बीडीपीओ कार्तिक चौहान की गैर मौजूदगी में ग्राम सचिव भूपेन्द्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी मौके पर बिलासपुर के एसडीएम जसपाल गिल को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
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लगातार पांच घंटे चले धरना प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा गया। नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह ने इस ज्ञापन को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखकर अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया। तब जाकर प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया।
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अमित सेतिया ने बताया कि बाईपास मार्ग पर नदी प्रवाह क्षेत्र में नगर पालिका व साढौरा नदीपार पंचायत की बेशकीमती जमीन है, लेकिन यहां हो रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए न तो नगर पालिका और न ही साढौरा नदी पार पंचायत द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है। नतीजन अवैध कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद होने से यहां धड़ल्ले से निरंतर कब्जे हो रहे हैं।
नए अवैध कब्जे करने वालों का तरीका वही पुराना ही है। यानि कब्जा करने की शुरुआत सरकारी जमीन पर पहले बल्लियों या झाड़ियों से बाड़ करने से होती है। इसके बाद कब्जाई हुई जमीन पर बाद में चारदीवारी कर दी जाती है। तब भी किसी ने न रोका तो पहले छान और उसके बाद पक्का निर्माण करके इस अवैध कब्जे को स्थाई बना दिया जाता है।
अमित सेतिया का आरोप है कि अवैध कब्जे करने वालों को इस कदर राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है कि अवैध कब्जे की जगह पर उन्हें बिजली व पानी का कनैक्शन हासिल होने के अलावा अवैध कब्जों की जगहों पर स्ट्रीट लाइट तक उपलब्ध हो जाती है। कुछ दुस्साहसी लोग तो यहां अवैध कब्जे करने के बाद इन कब्जाई हुई जमीनों को बेचने के धंधे में भी लगे हुए हैं।

इस मौके पर श्री श्याम गोशाला के महंत शोभादास, बृजपाल छप्पर, रामकुमार निजामपुर, धर्मपाल सैनी, सचदेव चुघ, नरेश बख्शी, विकास कुमार, देवेन्द्र लवली, कुलविंद्र सिंह चड्ढा, मनीराम सैनी, अमित वर्मा, राजेश कुमार आदि माैजूद रहे।
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