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आंगनबाडी वर्कर्स ने मंत्री के पुतले की शव यात्रा निकाली
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समझौते में मानी मांगें और प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणा लागू न करने के विरोध में वीरवार को सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने यूनियन के बैनर तले मंत्री का पुतला फूंका। वहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला सचिव उर्मिल ने की। जबकि संचालन जगाधरी ग्रामीण से सत्या देवी और भोगपुर की कविता ने किया। पुतला शव दहन बिलासपुर प्रधान कमलेश के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने रोष भी जताया।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार धरने के 90 दिन होने के बाद भी वर्करों और हेल्पर की एकता का परीक्षा लेना चाहती है। सरकार के कर्मचारी, मजदूर विरोधी नीतियों के कारण सभी वर्गों में रोष है। राज्य प्रधान कुंज भट्ट ने कहा 2018 में संघर्ष के बाद किए गए समझौते की मांगों को भी लागू करवाने के लिए दोबारा संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने पूरे देश की वर्कर्स और हेल्पर के मानदेय में 1500 व 750 रुपये की बढ़ोतरी घोषित की थी। जमीनी स्तर ये तीन साल बाद भी लागू न होने से कर्मचारियों में रोष है। जिला उपप्रधान रीटा कत्याल ने कहा डिजिटल इंडिया के नाम पर वर्कर व हेल्पर का शोषण सहन नहीं किया जाएगा। यदि सरकार अतिरिक्त कार्य लेना चाहती है तो वर्कर को कुशल श्रमिक की श्रेणी में रखा जाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने के पुतले की शव यात्रा निकाली और फिर उसका संस्कार किया। इस दौरान लक्ष्मी, ओम देवी, इंदिरा, प्रीति, माधुरी, सुमन, सुमन कुमारी, कुसुम भदोली सहित काफी संख्या में वर्कर्स व हेल्पर शामिल रहीं।
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यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार धरने के 90 दिन होने के बाद भी वर्करों और हेल्पर की एकता का परीक्षा लेना चाहती है। सरकार के कर्मचारी, मजदूर विरोधी नीतियों के कारण सभी वर्गों में रोष है। राज्य प्रधान कुंज भट्ट ने कहा 2018 में संघर्ष के बाद किए गए समझौते की मांगों को भी लागू करवाने के लिए दोबारा संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने पूरे देश की वर्कर्स और हेल्पर के मानदेय में 1500 व 750 रुपये की बढ़ोतरी घोषित की थी। जमीनी स्तर ये तीन साल बाद भी लागू न होने से कर्मचारियों में रोष है। जिला उपप्रधान रीटा कत्याल ने कहा डिजिटल इंडिया के नाम पर वर्कर व हेल्पर का शोषण सहन नहीं किया जाएगा। यदि सरकार अतिरिक्त कार्य लेना चाहती है तो वर्कर को कुशल श्रमिक की श्रेणी में रखा जाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने के पुतले की शव यात्रा निकाली और फिर उसका संस्कार किया। इस दौरान लक्ष्मी, ओम देवी, इंदिरा, प्रीति, माधुरी, सुमन, सुमन कुमारी, कुसुम भदोली सहित काफी संख्या में वर्कर्स व हेल्पर शामिल रहीं।
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