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Yamuna Nagar News: आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
Fri, 08 Aug 2025 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 08 Aug 2025 12:20 AM IST
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अधिकारी को ज्ञापन सौंपतीं यूनियन की पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नए पोषण ट्रैकर एप बंद करने व अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन ने सेक्टर-17 स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद यूनियन ने महिला एवं बाल विकास केंद्रीय मंत्री के नाम जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान सुनीता सुघ ने किया। उन्हों ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन काम भी दिया जा रहा है।
विभाग ने जीरो से छह साल के बच्चों की ई-केवाईसी करने के आदेश दिए हैं। परंतु यह बिल्कुल भी संभव नहीं है। चूंकि वे उन बच्चों की ई-केवाईसी कर सकते हैं, जो आंगनबाड़ी में आते हैं। जो माता-पिता अपने बच्चों को केंद्र ही नहीं भेजते हैं या प्ले-वे स्कूल जाते हैं, उनके बच्चों की केवाईसी नहीं की जा सकती है। पहले विभाग ने यह केवल माताओं की केवाईसी के लिए कहा था, इसके बाद तीन से छह साल के बच्चे और अब नवजात से छह साल के बच्चों की केवाईसी के आदेश दिए हैं।
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जगाधरी। नए पोषण ट्रैकर एप बंद करने व अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन ने सेक्टर-17 स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पर नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद यूनियन ने महिला एवं बाल विकास केंद्रीय मंत्री के नाम जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान सुनीता सुघ ने किया। उन्हों ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन काम भी दिया जा रहा है।
विभाग ने जीरो से छह साल के बच्चों की ई-केवाईसी करने के आदेश दिए हैं। परंतु यह बिल्कुल भी संभव नहीं है। चूंकि वे उन बच्चों की ई-केवाईसी कर सकते हैं, जो आंगनबाड़ी में आते हैं। जो माता-पिता अपने बच्चों को केंद्र ही नहीं भेजते हैं या प्ले-वे स्कूल जाते हैं, उनके बच्चों की केवाईसी नहीं की जा सकती है। पहले विभाग ने यह केवल माताओं की केवाईसी के लिए कहा था, इसके बाद तीन से छह साल के बच्चे और अब नवजात से छह साल के बच्चों की केवाईसी के आदेश दिए हैं।
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