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संपत्ति सर्वे का कमाल : प्लॉट पर ऑनलाइन दिख रहा मकान, साइट से गायब
Sat, 16 Sep 2023 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 16 Sep 2023 01:54 AM IST
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राहुल शर्मा
यमुनानगर। सेक्टर-17 के पार्ट-2 में 216 वर्गगज के प्लॉट पर ऑनलाइन एनडीसी पोर्टल पर मकान दिख रहा है। ये देख पहले तो प्लॉट मालिक के परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा, पर बाद में साइट पर पहुंच पहले जैसा प्लॉट देख हैरत में पड़ गया। क्योंकि ऑनलाइन दिख रहा मकान साइट पर प्लॉट से गायब था। परिवार ने पूरी बात वार्ड पार्षद रामआसरा भारद्वाज को बताई, जिन्होंने उनकी उलझन दूर कर स्पष्ट किया कि यह शहर के नए संपत्ति सर्वे की त्रुटि है। इसकी जांच कराने पर परिवार ने पाया सर्वे में प्लॉट की नई आईडी एनडीसी पोर्टल पर सर्च करने पर पड़ोसी को मालिक बताकर उसके मकान का फोटा दर्शाया गया है।
सेक्टर-17 निवासी कमल ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-17 पार्ट-2 में दो वर्ष पहले पत्नी के नाम से 216 वर्गगज प्लॉट लिया था। संपत्ति के सर्वे के बाद काफी लोगों की संपत्ति आईडी में त्रुटियां का पता लगा तो उन्होंने भी 13 सितंबर को उक्त प्लाॅट की नई आईडी का पता किया। इसमें सर्वे में बनी नई सहित अपनी संपत्ति की पुरानी आईडी एनडीसी पोर्टल पर सर्च करने पर पाया कि उनके प्लॉट को मकान दर्शाया जा रहा है। इस बारे में वार्ड पार्षद रामआसरा से बात की। तब पता चला कि यह नए संपत्ति सर्वे की त्रुटि के चलते हुआ है। इसमें जांच कराई तो पाया कि उनके प्लॉट की संपत्ति आईडी पर ऑनलाइन जो मकान दिख रहा है, वह पड़ोसी का है। पड़ोसी को ही प्लॉट की संपत्ति आईडी सर्च करने पर संपत्ति मालिक दर्शाया जा रहा है। यह त्रुटि कैसे व कब तक दूर होगी, इसे लेकर असमंजस में हैं।
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प्लान के तहत बनी हुडा की संपत्ति को चुनौती दे रहा सर्वे
पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) के याशी द्वारा किया सर्वे हुडा की प्लानिंग को चुनौती देता नजर आ रहा है। जबकि हुडा के सेक्टर प्लानिंग के तहत विकसित होते हैं और यहां के सभी प्लॉट व मकान नियमों व पूरे रिकॉर्ड के तहत हैं। ऐसे में सेक्टरों में सर्वे की जरूरत नहीं थी। अब लोग अपनी संपत्तियों का ब्योरा ठीक कराने को निगम कार्यालय चक्कर काटने पर मजबूर हैं।
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वर्जन-
संपत्ति आईडी की त्रुटियों में सुधार के लिए नगर निगम की ओर से शिविर लगाकर आपत्तियां ली जा रही है। साथ ही उनका निपटान किया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द सभी संपत्तियों की त्रुटियों में सुधार कर लिया जाए।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। सेक्टर-17 के पार्ट-2 में 216 वर्गगज के प्लॉट पर ऑनलाइन एनडीसी पोर्टल पर मकान दिख रहा है। ये देख पहले तो प्लॉट मालिक के परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा, पर बाद में साइट पर पहुंच पहले जैसा प्लॉट देख हैरत में पड़ गया। क्योंकि ऑनलाइन दिख रहा मकान साइट पर प्लॉट से गायब था। परिवार ने पूरी बात वार्ड पार्षद रामआसरा भारद्वाज को बताई, जिन्होंने उनकी उलझन दूर कर स्पष्ट किया कि यह शहर के नए संपत्ति सर्वे की त्रुटि है। इसकी जांच कराने पर परिवार ने पाया सर्वे में प्लॉट की नई आईडी एनडीसी पोर्टल पर सर्च करने पर पड़ोसी को मालिक बताकर उसके मकान का फोटा दर्शाया गया है।
सेक्टर-17 निवासी कमल ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-17 पार्ट-2 में दो वर्ष पहले पत्नी के नाम से 216 वर्गगज प्लॉट लिया था। संपत्ति के सर्वे के बाद काफी लोगों की संपत्ति आईडी में त्रुटियां का पता लगा तो उन्होंने भी 13 सितंबर को उक्त प्लाॅट की नई आईडी का पता किया। इसमें सर्वे में बनी नई सहित अपनी संपत्ति की पुरानी आईडी एनडीसी पोर्टल पर सर्च करने पर पाया कि उनके प्लॉट को मकान दर्शाया जा रहा है। इस बारे में वार्ड पार्षद रामआसरा से बात की। तब पता चला कि यह नए संपत्ति सर्वे की त्रुटि के चलते हुआ है। इसमें जांच कराई तो पाया कि उनके प्लॉट की संपत्ति आईडी पर ऑनलाइन जो मकान दिख रहा है, वह पड़ोसी का है। पड़ोसी को ही प्लॉट की संपत्ति आईडी सर्च करने पर संपत्ति मालिक दर्शाया जा रहा है। यह त्रुटि कैसे व कब तक दूर होगी, इसे लेकर असमंजस में हैं।
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प्लान के तहत बनी हुडा की संपत्ति को चुनौती दे रहा सर्वे
पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) के याशी द्वारा किया सर्वे हुडा की प्लानिंग को चुनौती देता नजर आ रहा है। जबकि हुडा के सेक्टर प्लानिंग के तहत विकसित होते हैं और यहां के सभी प्लॉट व मकान नियमों व पूरे रिकॉर्ड के तहत हैं। ऐसे में सेक्टरों में सर्वे की जरूरत नहीं थी। अब लोग अपनी संपत्तियों का ब्योरा ठीक कराने को निगम कार्यालय चक्कर काटने पर मजबूर हैं।
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वर्जन-
संपत्ति आईडी की त्रुटियों में सुधार के लिए नगर निगम की ओर से शिविर लगाकर आपत्तियां ली जा रही है। साथ ही उनका निपटान किया जा रहा है। प्रयास है कि जल्द सभी संपत्तियों की त्रुटियों में सुधार कर लिया जाए।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।