फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   agriculture

पिपली माजरा का मुस्तफा कर रहा यह काम, जानिए सालाना कितना कमा रहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Apr 2021 01:04 AM IST
विज्ञापन
agriculture
खेत में फसल दिखाता किसान - फोटो : ?????
(यमुनानगर) छछरौली। समय के साथ जिले में परपंरागत खेती में बदलाव देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में किसानी अब केवल गन्ने व सब्जियों तक ही सीमित नहीं रह गई है। यमुनानगर की पहचान परंपरागत के साथ उद्यान संबंधी खेती से भी हो रही है। छछरौली ब्लाक के पिपली माजरा गांव निवासी मुस्तफा ने स्ट्रॉबेरी की शानदार खेती की शुरुआत की है। स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाकर किसानों के लिए वह प्रेरणादायक साबित हो रहा है।
विज्ञापन

मुस्तफा प्रतिवर्ष एक कनाल से तीन लाख की कमाई कर रहा है। खेत में उगाई स्ट्रॉबेरी खेत से ही बिक जाती है। अकेले मुस्तफा ही नहीं उनकी तरह दो दर्जन गांवों में किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। मुस्तफा ने बताया कि उसका परिवार शुरू से ही सब्जियों की खेती करता रहा है। पूरा परिवार पिछले 10 साल से अपने खेत में बिना दवाई व स्प्रे के खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेत में तैयार की गई सब्जी खेत से ही बिक जाती है। पिछले 10 सालों में वह कभी भी खेत से सब्जी तोड़कर मंडी में लेकर नहीं गए हैं। यमुनानगर शहर उनके गांव से 30 किलोमीटर दूर पड़ता है। रोज लोग शहर से उनके खेतों में स्पेशल सब्जी लेने के लिए आते हैं। उसने बताया कि इसमें मुनाफा कम होता है। इसके साथ उसने एक कनाल भूमि पर स्ट्रॉबेरी लगाई थी, जिससे चार महीने में ही तीन लाख रुपये की आमदनी हो गई। उसने बताया कि उसके खेत में तैयार की गई स्ट्रॉबेरी के ग्राहक अच्छे हैं। सुबह खेत से ताजा स्ट्रॉबेरी तोड़ता है और सारी स्ट्रॉबेरी तोड़ते समय ही ताजा ताजा खेत से ही बिक जाती है। उसने बताया कि वह हर साल इसकी पौध भी खुद ही तैयार करता है। उसने बताया कि वह स्पेशल किस्म की स्ट्रॉबेरी तैयार करता है। स्ट्रॉबेरी का सीजन 4 महीने का होता है। इन 4 महीनों में वह लगभग तीन लाख रुपये की कमाई एक कनाल भूमि से लेता है।
विज्ञापन

अधिक दिन नहीं रख सकते
-शीतोष्ण प्रदेशों में होने वाला यह फल भारत में पर्वतीय भागों में उगाया जाने लगा है। इसकी कई किस्में हैं, खट्टा मीठा फल होने के साथ-साथ यह गुणकारी भी है। दिल के आकार में होने वाली स्ट्रॉबेरी में लवण कैल्शियम सहित कई गुणकारी तत्व हैं। स्ट्रॉबेरी ऐसा फल है, जिसे अधिक दिनों तक बिना किसी सुविधा के रखना संभव नहीं है। ऐसे में इसका बाजार स्थानीय स्तर पर ही निर्भर है। अगर इसका प्रसंस्करण हो तो इसका बाहर भेजने पर इसके अधिक दाम मिल सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-किसानों का रुझान बागवानी संबंधी खेती की तरफ तेजी से बदल रहा है। सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान भी दिया जाता है। स्ट्रॉबेरी की मांग यमुनानगर से लेकर दिल्ली की सभी मंडियों में है। फल और फूल की खेती करने वाले किसान अच्छा मुनाफा ले रहे हैं।
-डॉ. रमेश सैनी, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed