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Yamuna Nagar News: यमुनानगर की बौद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की वकालत
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मलयेशिया के बौद्ध भिक्षु सेक कायली महाथेरो ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व केंद्रीय वन एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल को ईमेल के जरिए पत्र लिखकर यमुनानगर में बौद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की वकालत की है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि यहां बुद्ध ने 2500 साल पहले आकर अपनी शिक्षाएं दी थीं। ऐसे में यहां तीर्थयात्रा करना उनके लिए आदर्श है। यहां सांस्कृतिक उत्सव, प्रचारात्मक लघु फिल्में और बौद्ध देशों के प्रतिष्ठित गुरुओं को आमंत्रित करने से इन बुद्ध कारिका स्थलों को एक जीवित विरासत बनाने में मदद मिलेगी। इससे यह भी पता चल पाएगा अतीत में क्या हुआ था। सेक कायली महाथेरो ने कहा उनका मानना है हरियाणा में भी बिहार और उत्तर प्रदेश जैसी समान क्षमता है, लेकिन सबसे बढ़कर हरियाणा का विकसित बुनियादी ढांचा और नई दिल्ली से निकटता इसकी बड़ी खूबी है।
महाथेरो ने बुद्धिस्ट फोरम के जनरल सेक्रेटरी सिद्धार्थ गौरी को पत्र में बताया कि टोपरा कलां में जिन सरकारी स्कूल के बच्चों ने प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया था। उनसे वे काफी प्रभावित हुए, उनके लिए अब स्टेशनरी भेजी जाएगी। यह स्टेशनरी 350 बच्चों को मिलेगी। उल्लेखनीय है 23 नवंबर को सेक कायली महाथेरो अपने 37 भिक्षुओं के साथ टोपरा कलां, सुघ और चनेटी में भ्रमण किया था। टोपरा कलां में महाथेरो ने बच्चों को शिक्षा संबंधित संदेश भी दिया था। उल्लेखनीय है कि जी-20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अशोक स्तंभ के इतिहास का जिक्र विदेशी मेहमानों के सामने किया था, उसके बाद से भिक्षुओं ने यहां बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों को भ्रमण करने की जिज्ञासा जताई थी। प्रतिनिधि मंडल में 27 महिला और 11 पुरुष अनुयायी यहां आए थे। सिद्धार्थ गौरी ने बताया कि सेक कायली महाथेरो ने उन्हें यहां हर संभव सहयोग करने का भी भरोसा दिया है। संवाद
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मलयेशिया के बौद्ध भिक्षुओं ने यमुनानगर में भ्रमण करने के बाद बौद्ध विरासत के बारे में जो फीडबैक दिया है वह काफी सराहनीय है। इस दिशा में सीएम से चर्चा कर भविष्य के लिए कार्य करने का प्रयास करेंगे।
-कंवरपाल, केंद्रीय वन एवं पर्यटन मंत्री, हरियाणा सरकार।
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उन्होंने पत्र में लिखा है कि यहां बुद्ध ने 2500 साल पहले आकर अपनी शिक्षाएं दी थीं। ऐसे में यहां तीर्थयात्रा करना उनके लिए आदर्श है। यहां सांस्कृतिक उत्सव, प्रचारात्मक लघु फिल्में और बौद्ध देशों के प्रतिष्ठित गुरुओं को आमंत्रित करने से इन बुद्ध कारिका स्थलों को एक जीवित विरासत बनाने में मदद मिलेगी। इससे यह भी पता चल पाएगा अतीत में क्या हुआ था। सेक कायली महाथेरो ने कहा उनका मानना है हरियाणा में भी बिहार और उत्तर प्रदेश जैसी समान क्षमता है, लेकिन सबसे बढ़कर हरियाणा का विकसित बुनियादी ढांचा और नई दिल्ली से निकटता इसकी बड़ी खूबी है।
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महाथेरो ने बुद्धिस्ट फोरम के जनरल सेक्रेटरी सिद्धार्थ गौरी को पत्र में बताया कि टोपरा कलां में जिन सरकारी स्कूल के बच्चों ने प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया था। उनसे वे काफी प्रभावित हुए, उनके लिए अब स्टेशनरी भेजी जाएगी। यह स्टेशनरी 350 बच्चों को मिलेगी। उल्लेखनीय है 23 नवंबर को सेक कायली महाथेरो अपने 37 भिक्षुओं के साथ टोपरा कलां, सुघ और चनेटी में भ्रमण किया था। टोपरा कलां में महाथेरो ने बच्चों को शिक्षा संबंधित संदेश भी दिया था। उल्लेखनीय है कि जी-20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अशोक स्तंभ के इतिहास का जिक्र विदेशी मेहमानों के सामने किया था, उसके बाद से भिक्षुओं ने यहां बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों को भ्रमण करने की जिज्ञासा जताई थी। प्रतिनिधि मंडल में 27 महिला और 11 पुरुष अनुयायी यहां आए थे। सिद्धार्थ गौरी ने बताया कि सेक कायली महाथेरो ने उन्हें यहां हर संभव सहयोग करने का भी भरोसा दिया है। संवाद
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मलयेशिया के बौद्ध भिक्षुओं ने यमुनानगर में भ्रमण करने के बाद बौद्ध विरासत के बारे में जो फीडबैक दिया है वह काफी सराहनीय है। इस दिशा में सीएम से चर्चा कर भविष्य के लिए कार्य करने का प्रयास करेंगे।
-कंवरपाल, केंद्रीय वन एवं पर्यटन मंत्री, हरियाणा सरकार।