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Yamuna Nagar News: आदि शंकराचार्य की एक मई को मनाई जाएगी जयंती
Sat, 19 Apr 2025 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 19 Apr 2025 02:29 AM IST
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महंत दंडी स्वामी महेशाश्रम।
रादौर। श्री नागेश्वर धाम मंदिर पक्का घाट के महंत दंडी स्वामी महेशाश्रम महाराज ने बताया कि आदि शंकराचार्य एक महान हिन्दू दार्शनिक एवं धर्मगुरु थे। आदि शंकराचार्य जी का जन्म 789 ईसा पूर्व केरल के कालड़ी में एक नंबूदरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इसी उपलक्ष्य में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन आदि गुरु शंकराचार्य जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष आद्यगुरू शंकराचार्य जयंती वीरवार 1 मई को मनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इन्हें भगवान शंकर का अवतार माना जाता है, ये अद्वैत वेदान्त के संस्थापक और हिन्दू धर्म प्रचारक थे। आदि शंकराचार्य जीवनपर्यंत सनातन धर्म के जीर्णोद्धार में लगे रहे व उनके प्रयासों ने हिंदू धर्म को नव चेतना प्रदान की। आदि शंकराचार्य जयंती के पावन अवसर पर शहर में पूजा पाठ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदि शंकराचार्य जी महाराज ने चार धार्मिक मठों की स्थापना की थी। इनमें दक्षिण के शृंगेरी शंकराचार्य पीठ, पूर्व जगन्नाथपुरी में गोवर्धन पीठ, पश्चिम द्वारका में शारदा मठ तथा बद्रिकाश्रम में ज्योतिर्पीठ आदि शामिल हैं। ये मठ भारत की एकात्मकता को आज भी दिग्दर्शित कर रहे हैं। आदि शंकराचार्य 32 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हुए।
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उन्होंने बताया कि इन्हें भगवान शंकर का अवतार माना जाता है, ये अद्वैत वेदान्त के संस्थापक और हिन्दू धर्म प्रचारक थे। आदि शंकराचार्य जीवनपर्यंत सनातन धर्म के जीर्णोद्धार में लगे रहे व उनके प्रयासों ने हिंदू धर्म को नव चेतना प्रदान की। आदि शंकराचार्य जयंती के पावन अवसर पर शहर में पूजा पाठ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आदि शंकराचार्य जी महाराज ने चार धार्मिक मठों की स्थापना की थी। इनमें दक्षिण के शृंगेरी शंकराचार्य पीठ, पूर्व जगन्नाथपुरी में गोवर्धन पीठ, पश्चिम द्वारका में शारदा मठ तथा बद्रिकाश्रम में ज्योतिर्पीठ आदि शामिल हैं। ये मठ भारत की एकात्मकता को आज भी दिग्दर्शित कर रहे हैं। आदि शंकराचार्य 32 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हुए।
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