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Yamuna Nagar News: समय से पहले सड़क टूटने पर की जाए कार्रवाई
Sun, 10 Sep 2023 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 10 Sep 2023 12:12 AM IST
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नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी की आय का हर साल बजट बढ़ते-बढ़ते अरबों में पहुंच गया है। इसके बाद भी विकास की दूरी कहलाने वाली सड़कों के हालात ढाक के तीन पात हैं। इन्हीं टूटी सड़कों से निदान के लिए लोगों ने अमर उजाला के जनमंच कार्यक्रम में अपने सुझाव दिए।
अधिकांश ने कहा कि तय समय से पहले सड़क टूटने पर उसे बनाने (ठेकेदार व एजेंसी) व बनवाने (अफसरों), दोनों पर कड़ी कार्रवाई हो। तभी पांच व तीन साल की अवधि के लिए बनी सड़कें समय से पहले नहीं टूटेंगी।
संजय मित्तल ने कहा कि सड़कों में इस्तेमाल सामग्री तय मानक मुताबिक नहीं होती। इसी कारण सड़कें तय समय से पहले टूट जाती हैं। ऐसा न हो, इसके लिए सड़कें बनाने वाले ठेकेदार व एजेंसी को ब्लैकलिस्ट सहित जुर्माने की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सड़कों को बनवाने वाले जिम्मेदार अफसरों को बर्खास्त करने जैसी कार्रवाई हो, तभी सड़कें समय से पहले टूटने से बचेंगी।
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सुभाष अरोड़ा ने कहा कि हर सड़क पर उसके निर्माण संबंधी सूचना पट्ट लगाए जाने चाहिए। जिस पर सड़क कब बनी, कितनी लागत आई और किस एजेंसी ने किस मानक सामग्री पर बनाई, यह सब अंकित हो। ऐसा होने से आमजन भी सड़कों के प्रति जागरूक होंगे और समय से पहले सड़कों के टूटने पर कार्रवाई की मांग कर पाएंगे।
केतन ने कहा कि ज्यादातर यह देखने में आता है कि सड़क का निर्माण पहले होता है और उसके बाद उसे निकासी, पेयजल, केबल तार डालने जैसे कामों के लिए खोद दिया जाता है। यह भी कारण है कि सड़कें समय से पहले टूट जाती हैं। क्योंकि कुछ हिस्से में खोदाई के बाद धीरे धीरे सड़क टूटकर बिखरने लगती है। उस पर मरम्मत कार्य के बाद भी वह पूरी तरह मजबूत नहीं बन पाती।
पूर्व रेलवे कर्मी सुरेश चंद्र ने कहा कि हर नेता अच्छी सोच व सच्ची नीयत से काम करे तो हर सड़क के गड्ढे दूर हो सकते हैं। क्योंकि आमजन अपने कामों में व्यस्त रहता है, इसलिए उसके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि को ही सड़कों की निगरानी में बनवाना और उसमें कोई कमी होने पर उसे दूर कराना चाहिए। ऐसा होने से भी टूटी सड़कों से निदान पाया जा सकता है।
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अधिकांश ने कहा कि तय समय से पहले सड़क टूटने पर उसे बनाने (ठेकेदार व एजेंसी) व बनवाने (अफसरों), दोनों पर कड़ी कार्रवाई हो। तभी पांच व तीन साल की अवधि के लिए बनी सड़कें समय से पहले नहीं टूटेंगी।
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संजय मित्तल ने कहा कि सड़कों में इस्तेमाल सामग्री तय मानक मुताबिक नहीं होती। इसी कारण सड़कें तय समय से पहले टूट जाती हैं। ऐसा न हो, इसके लिए सड़कें बनाने वाले ठेकेदार व एजेंसी को ब्लैकलिस्ट सहित जुर्माने की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही सड़कों को बनवाने वाले जिम्मेदार अफसरों को बर्खास्त करने जैसी कार्रवाई हो, तभी सड़कें समय से पहले टूटने से बचेंगी।
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सुभाष अरोड़ा ने कहा कि हर सड़क पर उसके निर्माण संबंधी सूचना पट्ट लगाए जाने चाहिए। जिस पर सड़क कब बनी, कितनी लागत आई और किस एजेंसी ने किस मानक सामग्री पर बनाई, यह सब अंकित हो। ऐसा होने से आमजन भी सड़कों के प्रति जागरूक होंगे और समय से पहले सड़कों के टूटने पर कार्रवाई की मांग कर पाएंगे।
केतन ने कहा कि ज्यादातर यह देखने में आता है कि सड़क का निर्माण पहले होता है और उसके बाद उसे निकासी, पेयजल, केबल तार डालने जैसे कामों के लिए खोद दिया जाता है। यह भी कारण है कि सड़कें समय से पहले टूट जाती हैं। क्योंकि कुछ हिस्से में खोदाई के बाद धीरे धीरे सड़क टूटकर बिखरने लगती है। उस पर मरम्मत कार्य के बाद भी वह पूरी तरह मजबूत नहीं बन पाती।
पूर्व रेलवे कर्मी सुरेश चंद्र ने कहा कि हर नेता अच्छी सोच व सच्ची नीयत से काम करे तो हर सड़क के गड्ढे दूर हो सकते हैं। क्योंकि आमजन अपने कामों में व्यस्त रहता है, इसलिए उसके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि को ही सड़कों की निगरानी में बनवाना और उसमें कोई कमी होने पर उसे दूर कराना चाहिए। ऐसा होने से भी टूटी सड़कों से निदान पाया जा सकता है।