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Yamuna Nagar News: मस्जिद का ढांचा ढहाने का आरोप, ग्रामीणों का थाने में हंगामा
Sun, 30 Nov 2025 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 30 Nov 2025 06:03 AM IST
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ढांचा गली में गिरने से गली की आवाजाही बाधित नजर आ रही
साढौरा। रत्तुवाला गांव में एक मस्जिद का ढांचा ढहाए जाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने शुक्रवार देर रात को थाने में हंगामा किया। प्रदर्शन के दौरान बुड्डी के नूर मोहम्मद, अब्दूल सतार, यामीन व सोहिल यासीन माजरी ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्वों ने भाईचारा खराब करने के लिए मस्जिद को ध्वस्त कर दिया है। इसी दौरान बड़ी संख्या में थाने में पहुंचे लोगों ने मस्जिद ढहाने वाले लोगों की गिरफ्तारी की मांग के लिए प्रदर्शन शुरु कर दिया।
हंगामे की सूचना मिलने पर व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल व डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इन लोगों ने प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट करने का प्रयास किया। यह लोग मस्जिद ढहने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने व उनकी गिरफ्तारी करने की मांग पर अड़े रहे।आखिरकार देर रात को पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की तो प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों के समझाने पर प्रदर्शनकारी शनिवार सुबह 11 बजे तक गिरफ्तारी करने का अल्टीमेटम देने के बाद ही वापस चले गए।
इस तरह से शांत हुआ मामला
एसपी कमलदीप गोयल, एसडीएम जसपाल सिंह गिल व डीएसपी रजत गुलिया शनिवार सुबह ही साढौरा थाने में पहुंच गए। एसपी कमलदीप गोयल ने दोनों पक्षों से बात करके मामले की उचित जांच करने का आश्वासन दिया और दोषियों को शीघ्र पकड़ने का आश्वासन देते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद अधिकारियों ने रत्तुवाला गांव का दौरा करके मामले की जांच की। रत्तुवाला गांव के सरपंच प्रतिनिधि सागर, नंबरदार रघुबीर सिंह, नंबरदार परमाल सिंह, पूर्व सरपंच बलबीर सिंह व पूर्व सरपंच कुलदीप ने एसपी कमलजीत गोयल को बताया कि उनके गांव में मुस्लिम समाज का एक भी घर नहीं है। जिस ढांचे को मस्जिद बताया जा रहा है वहां कभी भी इबादत नहीं की जाती है। न ही यहां कोई इमाम देखा गया है। विवाद के बाद से यहां इमाम की तैनाती होने के दावे को भी इन लोगों ने झूठा करार दिया है। इस ढांचे की छत तो चालीस साल पहले ही ढह गई थी। बरसात के दौरान इसकी दीवार भी ढह कर इसका मलबा गली में गिर गया था। जिसकी वजह से यहां से आवाजाही में मुश्किल हो रही थी। आसपास रहने वालों ने इस मलबे को हटाने के लिए पंचायत से अर्ज की थी। किसी वजह से पंचायत फिलहाल उठवा नहीं पाई तो इन लोगों ने शुक्रवार देर शाम को खुद ही इस मलबे को हटाना शुरु कर दिया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने इन लोगों पर मस्जिद तोड़ने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों को मौके पर बुलाकर हंगामा शुरु कर दिया। इस हंगामे के बाद मलबा उठाने का काम रोक दिया गया।
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सरपंच प्रतिनिधि सागर के अनुसार लगभग 15 फीट वाया 12 फीट की यह जगह वक्फ की नहीं है। सात साल पहले प्रशासन ने आबादी के अंदर मौजूद इस जगह की रजिस्ट्री पंचायत के नाम करवा दी थी। जिसके बाद से यह जगह पंचायत के नाम ही चली आ रही है।
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ये बनाई गई एसआईटी
रत्तुवाला गांव में तथाकथित मस्जिद ढहाए जाने के विवाद की जांच के लिए प्रशासन ने व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी में व्यासपुर के एसएचओ कुलदीप सिंह, साढौरा के एसएचओ प्रमोद कुमार, एएसआई जुल्फकार व एएसआई मशरुफ को शामिल किया गया है। प्रशासन की इस पहल के बाद माहौल शांत बना हुआ है।
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हंगामे की सूचना मिलने पर व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल व डीएसपी रजत गुलिया के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इन लोगों ने प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट करने का प्रयास किया। यह लोग मस्जिद ढहने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने व उनकी गिरफ्तारी करने की मांग पर अड़े रहे।आखिरकार देर रात को पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की तो प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों के समझाने पर प्रदर्शनकारी शनिवार सुबह 11 बजे तक गिरफ्तारी करने का अल्टीमेटम देने के बाद ही वापस चले गए।
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इस तरह से शांत हुआ मामला
एसपी कमलदीप गोयल, एसडीएम जसपाल सिंह गिल व डीएसपी रजत गुलिया शनिवार सुबह ही साढौरा थाने में पहुंच गए। एसपी कमलदीप गोयल ने दोनों पक्षों से बात करके मामले की उचित जांच करने का आश्वासन दिया और दोषियों को शीघ्र पकड़ने का आश्वासन देते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद अधिकारियों ने रत्तुवाला गांव का दौरा करके मामले की जांच की। रत्तुवाला गांव के सरपंच प्रतिनिधि सागर, नंबरदार रघुबीर सिंह, नंबरदार परमाल सिंह, पूर्व सरपंच बलबीर सिंह व पूर्व सरपंच कुलदीप ने एसपी कमलजीत गोयल को बताया कि उनके गांव में मुस्लिम समाज का एक भी घर नहीं है। जिस ढांचे को मस्जिद बताया जा रहा है वहां कभी भी इबादत नहीं की जाती है। न ही यहां कोई इमाम देखा गया है। विवाद के बाद से यहां इमाम की तैनाती होने के दावे को भी इन लोगों ने झूठा करार दिया है। इस ढांचे की छत तो चालीस साल पहले ही ढह गई थी। बरसात के दौरान इसकी दीवार भी ढह कर इसका मलबा गली में गिर गया था। जिसकी वजह से यहां से आवाजाही में मुश्किल हो रही थी। आसपास रहने वालों ने इस मलबे को हटाने के लिए पंचायत से अर्ज की थी। किसी वजह से पंचायत फिलहाल उठवा नहीं पाई तो इन लोगों ने शुक्रवार देर शाम को खुद ही इस मलबे को हटाना शुरु कर दिया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने इन लोगों पर मस्जिद तोड़ने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों को मौके पर बुलाकर हंगामा शुरु कर दिया। इस हंगामे के बाद मलबा उठाने का काम रोक दिया गया।
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सरपंच प्रतिनिधि सागर के अनुसार लगभग 15 फीट वाया 12 फीट की यह जगह वक्फ की नहीं है। सात साल पहले प्रशासन ने आबादी के अंदर मौजूद इस जगह की रजिस्ट्री पंचायत के नाम करवा दी थी। जिसके बाद से यह जगह पंचायत के नाम ही चली आ रही है।
ये बनाई गई एसआईटी
रत्तुवाला गांव में तथाकथित मस्जिद ढहाए जाने के विवाद की जांच के लिए प्रशासन ने व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया है। इस एसआईटी में व्यासपुर के एसएचओ कुलदीप सिंह, साढौरा के एसएचओ प्रमोद कुमार, एएसआई जुल्फकार व एएसआई मशरुफ को शामिल किया गया है। प्रशासन की इस पहल के बाद माहौल शांत बना हुआ है।

ढांचा गली में गिरने से गली की आवाजाही बाधित नजर आ रही