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करोड़ों की ठगी का आरोपी बैंक क्लर्क भी काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Fri, 23 May 2014 12:19 AM IST
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यमुनानगर। सोसाइटी बनाकर करोड़ों रुपए हड़पने के मामले में मेन ब्रांच पीएनबी बैंक के क्लर्क कर्मचंद को गिरफ्तार कर थाना शहर जगाधरी पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया।
इससे पूर्व मामले में बैंक कैशियर मोहन लाल ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जिसे पुलिस आठ दिन की रिमांड पर ले चुकी है। थाना शहर जगाधरी के प्रभारी नरेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपियों से हड़पी गई रकम और उसके साथियों के बारे में पूछताछ करने में जुट गई है।
मामले में 24 व्यक्तियों ने शिकायत में आरोपियों पर करीब सवा तीन करोड़ रुपए हड़पे का आरोप लगाया था। जिस पर धारा 409, 420, 506, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था।
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निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोपी कैशियर मोहन लाल अंबाला का है। वह पिछले करीब 33 वर्षों तक यमुनानगर की विभिन्न शाखाओं में तैनात रहा। उसने 1998 में सोसाइटी रजिस्टर्ड करवाई। पहले उसने बैंक कर्मचारियों के साथ रकम का लेनेदन किया।
बाद में बैंक में आने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज का लालच देकर उनकी भी रकम अपनी सोसाइटी में जमा करवाई। निवेशकों की शिकायत पर पुलिस ने गत 24 अप्रैल को कैशियर सहित सात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। आरोपी कैशियर 30 अप्रैल को बैंक से सेवानिवृत्त हो गया था। इसके बाद से वह फरार था।
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इससे पूर्व मामले में बैंक कैशियर मोहन लाल ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जिसे पुलिस आठ दिन की रिमांड पर ले चुकी है। थाना शहर जगाधरी के प्रभारी नरेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस दोनों आरोपियों से हड़पी गई रकम और उसके साथियों के बारे में पूछताछ करने में जुट गई है।
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मामले में 24 व्यक्तियों ने शिकायत में आरोपियों पर करीब सवा तीन करोड़ रुपए हड़पे का आरोप लगाया था। जिस पर धारा 409, 420, 506, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया था।
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निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोपी कैशियर मोहन लाल अंबाला का है। वह पिछले करीब 33 वर्षों तक यमुनानगर की विभिन्न शाखाओं में तैनात रहा। उसने 1998 में सोसाइटी रजिस्टर्ड करवाई। पहले उसने बैंक कर्मचारियों के साथ रकम का लेनेदन किया।
बाद में बैंक में आने वाले ग्राहकों को अधिक ब्याज का लालच देकर उनकी भी रकम अपनी सोसाइटी में जमा करवाई। निवेशकों की शिकायत पर पुलिस ने गत 24 अप्रैल को कैशियर सहित सात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। आरोपी कैशियर 30 अप्रैल को बैंक से सेवानिवृत्त हो गया था। इसके बाद से वह फरार था।