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ट्राली पलटी, तीन युवकों की मौत, एक गंभीर

Fri, 14 Aug 2015 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर Updated Fri, 14 Aug 2015 12:27 AM IST
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बीकेडी रोड पर गांव शहजादपुर के पंच पीर के पास बने तीव्र मोड़ पर वीरवार तड़के इंटरलॉक टाइलों से भरी ट्राली पलट गई। तीन मजदूर ट्राली के नीचे दब गए जिस कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। सभी मृतक खिजराबाद क्षेत्र के गांव भूड़कलां के रहने वाले थे। पुलिस ने शव परिजनों के हवाले कर दिए हैं।
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खिजराबाद क्षेत्र के गांव भूड़कलां निवासी अंकित (19), प्रवेश (20), अंकेश (20) और प्रदीप कुमार (20) ट्राली में इंटरलॉक टाइलें लादने व उतारने का काम करते थे। वीरवार तड़के करीब तीन बजे वे भड़कलां निवासी संदीप की ट्राली में बल्लेवाला से इंटरलॉक टाइलें भरकर जगाधरी के लिए रवाना हुए। ट्रैक्टर संदीप चला रहा था, जबकि चारों मजदूर पीछे ट्राली पर सोए हुए थे।
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जब ट्रैक्टर ट्राली (बुडिय़ा-खदरी-देवधर) बीकेडी मार्ग पर गांव शहजादपुर के पंच पीर के नजदीक पहुंची तो तीव्र मोड़ होने के कारण ट्रैक्टर ट्राली बेकाबू होकर सड़क किनारे उतरकर पलट गई। ट्राली पलटने से चारों मजदूर टाइलों के नीचे दब गए। इसमें अंकित, प्रवेश व अंकेश की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि प्रदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया।
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पुलिस की सतर्कता से बच गई एक मजदूर की जान
ट्राली पलटने के बाद ट्रैक्टर चालक संदीप काफी घबरा गया। उसने इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। बुड़िया एसएचओ जंगशेर  ने हादसे की सूचना बीकेड़ी रोड पर गश्त कर रहे एएसआई राय सिंह को दी। उसके साथ गश्त पर एएसआई बलविंद्र सिंह व पीसीआर चालक एचसी अश्वनी कुमार थे। पुलिस कर्मी पीसीआर में खदरी गांव के नजदीक थे। वे घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस कर्मचारियों को टाइलों के नीचे दबे मजदूर प्रदीप की आवाज सुनाई दी। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी में काफी मशक्कत के बाद प्रदीप को टाइलों के नीचे से निकाल लिया और पीसीआर में बिठाकर ट्रामा सेंटर में पहुंचाया।

मदद के लिए सड़क के बीच खड़ी की पीसीआर : हादसा करीब पौने चार और चार बजे के बीच हुआ। उस समय काफी अंधेरा था और सड़क पर भी कोई नहीं था। पुलिस ने वाहन चालकों व राहगीरों की मदद लेने के लिए पीसीआर को सड़क के बीच खड़ा कर दिया। एएसआई रायसिंह ने बताया कि मजदूर पूरी तरह टाइलों के नीचे दबे हुए थे। सबसे पहले उन्होंने जो मजदूर जिंदा था, उसे बाहर निकाला। उसके बाद अपने स्तर पर बुड़िया, फतेहगढ़ व शहजादपुर गांव के कुछ लोगों की मदद से शवों को निकाला।  

भंडारे के लिए रुक जाते तो बच जाती जान : शिवरात्रि पर गांव भूडकलां में भंडारे का आयोजन था। अंकित के पिता पाला राम ने बताया कि  गांव में भंडारे होने पर उन्होंने चारों युवकों को भंडारे में शामिल होने की बात कही थी और भंडारे खाने के बाद काम पर चले जाने को कहा था लेकिन उन्होंने कहा था कि एक घंटे में आ जाएंगे। उन्हें क्या पता था कि एक घंटे का टाइम लेने के बाद वह हमेशा के लिए उनसे जुदा हो जाएंगे।
जो जागा था वही बचा : ट्रामा सेंटर में भर्ती प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने बुधवार शाम को ही ट्राली इंटरलॉक टाइलों से लोड कर दी थी और वीरवार तड़के जगाधरी उतारकर वापस गांव में आकर भंडारे में शामिल होना था। गांव देवधर के नजदीक आकर उसके तीनों साथी सो गए। वह जागा हुआ था। जब ट्राली पलटी तो उसने कूदकर बचने का प्रयास किया, लेकिन फिर भी वह दब गया। उसके जागा होने से उसके ऊपर कम ही टाइलें गिरीं जिससे वह बच गया।


ट्रैक्टर चालक संदीप पर मामला दर्ज किया है। वहीं शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जंगशेर, एसएचओ, थाना  बुड़िया।
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