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दूसरे दिन भी हुईं तीन दुघर्टनाएं, तीन की जान गई
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accident
- फोटो : Yamuna Nagar
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जिले में लगातार दूसरे दिन सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। गांव भोगपुर गांव में ट्रैक्टर-ट्राली और कार की टक्कर में शादी समारोह से लौट रहे मनीष की मौत हो गई। उसकी 21 दिन पहले ही शादी हुई थी। उसकी नवविवाहित दुल्हन के हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी कि वह विधवा हो गई। वहीं मलिकपुर बांगर के पास ट्रैक्टर ट्राली व बाइक की टक्कर से अरमान की मौत हो गई। डेढ़ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी और उसकी पत्नी छह माह की गर्भवती है। तीसरा हादसा साढौरा में हुआ, जहां रेहड़े में चुन्नी फंसने से एक महिला की मौत हो गई।
गांव रामपुर निवासी मनीष अपने साथियों पारस, अंकुश व मुकेश के साथ नारायणगढ़ की ओर शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। शुक्रवार देर रात्रि कार से घर लौटते समय जब उनकी कार साढौरा के पास गांव भोगपुर के समीप पहुंची तो एक ट्रैक्टर-ट्राली ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कार पलट कर सड़क के किनारे गड्ढे में गिरकर पेड़ से टक्करा गई। जिससे कार में सवार चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। चारों युवकों को उपचार के लिए यमुनानगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मनीष को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अंकुश की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मनीष का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। मनीष की 21 दिन पहले ही शादी हुई थी।
वहीं बिलासपुर-प्रतापनगर मार्ग पर गांव मलिकपुर बांगर के समीप गांव पथरवा बेहट निवासी अरमान की ट्रॉली से टक्कर हो जाने से मौके पर ही मौत हो गई। अरमान धनौरा स्थित क्रशर से काम करने मोटरसाइकिल से अपने घर के लिए निकला था। जैसे ही वह गांव मलिकपुर बांगर के मोड पर पहुंचा तो सड़क के किनारे खड़ी एक ट्राली से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अरमान काफी दूर तक मोटरसाइकिल के घसीटता हुआ गया। लड़के के पिता इरफान ने बताया कि वह महीने में दो या तीन बार दो दिन की छुट्टी लेकर रहने के लिए आता था। शुक्रवार की रात को अरमान घर के लिए निकला था। लगभग डेढ़ साल पूर्व ही अरमान की शादी बड़ी धूमधाम से करवाई थी। अरमान की पत्नी गर्भवती है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को दिन के समय एक ट्रैक्टर मुख्य सड़क से गुजर रहे थे कि अचानक ट्राली का बाई ओर के दोनों टायर निकल गए। जिसके कारण बड़ा हादसा होते होते बच गया। उसके बाद ट्रैक्टर चालक ने ट्राली को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। लेकिन, ट्राली को सड़क के किनारे लगा दिया।
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साढौरा कालाअंब रोड पर शनिवार सुबह घोड़ा रेहड़े पर बैठकर जा रही महिला की टायर में चुन्नी फंस जाने से दर्दनाक मौत हो गई। तीस साल की मृतका मंजीता साढौरा की रहने वाली थी। तीन साल पहले उसके पति की भी मौत हो गई थी। मंजीता की मौत के बाद चार बच्चों के सिर से मां-पिता का साया उठ गया। थाना साढौरा पुलिस ने मृतका के देवर रफी के बयान पर इत्तेफाकन मौत के तहत कार्रवाई करके शव परिजनों को सौंप दिया है।
रफी ने पुलिस को बताया कि वो और उसकी भाभी हर रोज की तरह कल भी रेहड़े पर बैठकर मजदूरी करने हवेली मुर्गी फार्म पर जा रहे थे। कल जब वे जा रही थी तो उसकी चुन्नी रेहड़े के टायर में फंस गई। जिससे मेरी भाभी का गला दब गया। भाभी को फंसा हुआ देखकर तुरंत रेहड़ा रुकवाया तो उनकी हालत बहुत नाजुक थी। तभी अपनी भाभी को सरकारी अस्पताल लेकर आया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रफी ने बताया कि उसकी भाभी की मौत अचानक हुईं है। जिसमें किसी का कोई दोष नही है। जांच अधिकारी जितेन्द्र ने बताया कि प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि यह घटना अचानक हुई है और इसमें किसी का कोई कसूर नहीं है।
तीन साल पहले महिला के पति की भी मौत हो गई थी पति की मौत के बाद महिला मेहनत मजदूरी करके अपने घर व बच्चों का पालन पोषण कर रहे थी । महिला की मौत की खबर जानकर ग्रामीणों की भीड़ लग गयी। मृतका के चार बच्चे हैं। अब मां की मौत के बाद अनाथ चार बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं रहा।
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गांव रामपुर निवासी मनीष अपने साथियों पारस, अंकुश व मुकेश के साथ नारायणगढ़ की ओर शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। शुक्रवार देर रात्रि कार से घर लौटते समय जब उनकी कार साढौरा के पास गांव भोगपुर के समीप पहुंची तो एक ट्रैक्टर-ट्राली ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कार पलट कर सड़क के किनारे गड्ढे में गिरकर पेड़ से टक्करा गई। जिससे कार में सवार चारों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुंची। चारों युवकों को उपचार के लिए यमुनानगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मनीष को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। अंकुश की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मनीष का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। मनीष की 21 दिन पहले ही शादी हुई थी।
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वहीं बिलासपुर-प्रतापनगर मार्ग पर गांव मलिकपुर बांगर के समीप गांव पथरवा बेहट निवासी अरमान की ट्रॉली से टक्कर हो जाने से मौके पर ही मौत हो गई। अरमान धनौरा स्थित क्रशर से काम करने मोटरसाइकिल से अपने घर के लिए निकला था। जैसे ही वह गांव मलिकपुर बांगर के मोड पर पहुंचा तो सड़क के किनारे खड़ी एक ट्राली से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अरमान काफी दूर तक मोटरसाइकिल के घसीटता हुआ गया। लड़के के पिता इरफान ने बताया कि वह महीने में दो या तीन बार दो दिन की छुट्टी लेकर रहने के लिए आता था। शुक्रवार की रात को अरमान घर के लिए निकला था। लगभग डेढ़ साल पूर्व ही अरमान की शादी बड़ी धूमधाम से करवाई थी। अरमान की पत्नी गर्भवती है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार को दिन के समय एक ट्रैक्टर मुख्य सड़क से गुजर रहे थे कि अचानक ट्राली का बाई ओर के दोनों टायर निकल गए। जिसके कारण बड़ा हादसा होते होते बच गया। उसके बाद ट्रैक्टर चालक ने ट्राली को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। लेकिन, ट्राली को सड़क के किनारे लगा दिया।
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साढौरा कालाअंब रोड पर शनिवार सुबह घोड़ा रेहड़े पर बैठकर जा रही महिला की टायर में चुन्नी फंस जाने से दर्दनाक मौत हो गई। तीस साल की मृतका मंजीता साढौरा की रहने वाली थी। तीन साल पहले उसके पति की भी मौत हो गई थी। मंजीता की मौत के बाद चार बच्चों के सिर से मां-पिता का साया उठ गया। थाना साढौरा पुलिस ने मृतका के देवर रफी के बयान पर इत्तेफाकन मौत के तहत कार्रवाई करके शव परिजनों को सौंप दिया है।
रफी ने पुलिस को बताया कि वो और उसकी भाभी हर रोज की तरह कल भी रेहड़े पर बैठकर मजदूरी करने हवेली मुर्गी फार्म पर जा रहे थे। कल जब वे जा रही थी तो उसकी चुन्नी रेहड़े के टायर में फंस गई। जिससे मेरी भाभी का गला दब गया। भाभी को फंसा हुआ देखकर तुरंत रेहड़ा रुकवाया तो उनकी हालत बहुत नाजुक थी। तभी अपनी भाभी को सरकारी अस्पताल लेकर आया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रफी ने बताया कि उसकी भाभी की मौत अचानक हुईं है। जिसमें किसी का कोई दोष नही है। जांच अधिकारी जितेन्द्र ने बताया कि प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि यह घटना अचानक हुई है और इसमें किसी का कोई कसूर नहीं है।
तीन साल पहले महिला के पति की भी मौत हो गई थी पति की मौत के बाद महिला मेहनत मजदूरी करके अपने घर व बच्चों का पालन पोषण कर रहे थी । महिला की मौत की खबर जानकर ग्रामीणों की भीड़ लग गयी। मृतका के चार बच्चे हैं। अब मां की मौत के बाद अनाथ चार बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं रहा।