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चालीस मिनट तक तड़पता रहा घायल नहीं पहुंची एंबुलेंस
अमर उजाला यमुनानगर
Updated Tue, 25 Feb 2014 12:36 AM IST
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यमुनानगर/छछरौली। छछरौली-पावंटा साहिब नेशनल हाइवे पर सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में कार चालक की तरफ का हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया और कार चालक मोहित बुरी तरह से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि धमाके की आवाज सुन बहादुरपुर और बांबेपुर गांव के ग्रामीण सड़क पर पहुंच गए। लोगों ने कार में फंसे घायल मोहित को बहुत मुश्किल बाहर निकाला। कार में सवार मोहित की पत्नी को भी काफी चोटें आईं। इस दौरान हादसे में घायल व्यक्ति चालीस मिनट तक तड़पता रहा। बाद में सूचना पर पहुंची पीसीआर ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। इससे पहले भी 16 दिसंबर को खिजराबाद के खिजरी मोड़ पर ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राहगीरों ने एंबुलेंस के लिए कंट्रोल रूम को फोन किया, लेकिन 40 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में लोगों ने एक टैक्सी मंगवाकर घायलों को खिजराबाद अस्पताल पहुंचाया। उस समय एंबूलेंस के चालक ने कंट्रोल रूम में एंट्री करवाई कि उसने घटनास्थल से घायलों को उठाकर अस्पताल पहुंचाया है। बिना मौके पर पहुंचे कंट्रोल रूम में घायलों को अस्पताल पहुंचाने की एंट्री किए जाने पर अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जानकारी के अनुसार सोनीपत निवासी मोहित अपनी पत्नी के साथ सैंट्रो कार से सोनीपत से देहरादून जा रहा था। सुबह तकरीबन 7:30 बजे बहादुरपुर गांव के पास से गुजरते समय पौंटा साहिब से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में कार के चालक की तरफ का हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया और मोहित बुरी तरह से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि धमाके की आवाज सुन बहादुरपुर और बांबेपुर गांव के ग्रामीण सड़क पर पहुंच गए। लोगों ने कार में फंसे घायल मोहित को बहुत मुश्किल बाहर निकाला। कार में सवार मोहित की पत्नी को भी काफी चोटें आईं।
बाक्स-
एंबुलेंस ना आने पर पीसीआर में डाला
हादसे के बाद सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे बांबेपुर निवासी वाहिद ने बताया कि उसने तुरंत एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन किया और हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायल को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकालने में जुट गया। लोगों ने बड़ी मुश्किल से घायल मोहित को कार से बाहर निकाला। एंबुलेंस के मौके पर ना पहुंचने के कारण घायल मोहित को एक चारपाई पर लिटा दिया गया। करीब 15 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो लोगों ने दोबारा कंट्रोल रूम में फोन किया। इस बार कंट्रोल रूम से बताया गया कि खिजराबाद अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। छछरौली अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर भेजी जा रही है। जब काफी देर तक छछरौली की एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो मौके पर आई पुलिस की पीसीआर में घायल मोहित को डालकर खिजराबाद अस्पताल भिजवाया गया। मोहित को अस्पताल पहुंचाने के बाद छछरौली की एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
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बाक्स-
आटो पलटने पर एक घंटा देरी से पहुंची थी एंबुलेंस
दो दिन पहले हुए बांबेपुर गांव के पास आटो और स्कोर्पियो की टक्कर में करीब आधा दर्जन घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस हादसे में भी एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची थी। क्षेत्र के सुनील, इस्लाम, असलम, कुरबान, फुरकान का कहना है कि खिजराबाद अस्पताल में एंबुलेंस सेवा होने के बावजूद वह समय पर नहीं पहुंचती मजबूरन जरूरत पड़ने पर घायलों को निजी वाहनों से ही अस्पताल लेकर जाना पड़ता है।
-वर्जन-
इस बारे में एंबुलेंस सेवा को जिला स्तर पर आपरेट करने वाले फ्लीट मैनेजर सचिन शर्मा का कहना है कि खिजराबाद अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण दिक्कत आती है। उन्होंने यह भी कहा कि एंबुलेंस के मौके पर देरी से पहुंचने की जांच की जाएगी। यदि स्टाफ की लापरवाही है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार सोनीपत निवासी मोहित अपनी पत्नी के साथ सैंट्रो कार से सोनीपत से देहरादून जा रहा था। सुबह तकरीबन 7:30 बजे बहादुरपुर गांव के पास से गुजरते समय पौंटा साहिब से आ रहे एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में कार के चालक की तरफ का हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया और मोहित बुरी तरह से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि धमाके की आवाज सुन बहादुरपुर और बांबेपुर गांव के ग्रामीण सड़क पर पहुंच गए। लोगों ने कार में फंसे घायल मोहित को बहुत मुश्किल बाहर निकाला। कार में सवार मोहित की पत्नी को भी काफी चोटें आईं।
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एंबुलेंस ना आने पर पीसीआर में डाला
हादसे के बाद सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे बांबेपुर निवासी वाहिद ने बताया कि उसने तुरंत एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन किया और हादसे की जानकारी दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से घायल को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकालने में जुट गया। लोगों ने बड़ी मुश्किल से घायल मोहित को कार से बाहर निकाला। एंबुलेंस के मौके पर ना पहुंचने के कारण घायल मोहित को एक चारपाई पर लिटा दिया गया। करीब 15 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो लोगों ने दोबारा कंट्रोल रूम में फोन किया। इस बार कंट्रोल रूम से बताया गया कि खिजराबाद अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। छछरौली अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर भेजी जा रही है। जब काफी देर तक छछरौली की एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची तो मौके पर आई पुलिस की पीसीआर में घायल मोहित को डालकर खिजराबाद अस्पताल भिजवाया गया। मोहित को अस्पताल पहुंचाने के बाद छछरौली की एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
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आटो पलटने पर एक घंटा देरी से पहुंची थी एंबुलेंस
दो दिन पहले हुए बांबेपुर गांव के पास आटो और स्कोर्पियो की टक्कर में करीब आधा दर्जन घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस हादसे में भी एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची थी। क्षेत्र के सुनील, इस्लाम, असलम, कुरबान, फुरकान का कहना है कि खिजराबाद अस्पताल में एंबुलेंस सेवा होने के बावजूद वह समय पर नहीं पहुंचती मजबूरन जरूरत पड़ने पर घायलों को निजी वाहनों से ही अस्पताल लेकर जाना पड़ता है।
-वर्जन-
इस बारे में एंबुलेंस सेवा को जिला स्तर पर आपरेट करने वाले फ्लीट मैनेजर सचिन शर्मा का कहना है कि खिजराबाद अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण दिक्कत आती है। उन्होंने यह भी कहा कि एंबुलेंस के मौके पर देरी से पहुंचने की जांच की जाएगी। यदि स्टाफ की लापरवाही है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।