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Yamuna Nagar News: रेलवे बाईपास के नीचे बनेगा नया अंडरपास
Fri, 26 Jun 2026 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच स्थित रेलवे बाईपास के नीचे नया अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से करीब 1.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंडरपास के लिए निविदा जारी कर दी गई है।
अंडरपास बनने से रेलवे बाईपास के दोनों ओर रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और लंबे समय से बनी एक बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को बाईपास पार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है। अंडरपास नहीं होने के कारण कई लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में भी यह मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। इसी के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी ने पहले पुराने बंद पड़े अंडरपास को दोबारा खोलने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा था। तकनीकी कारणों से उस योजना को मंजूरी नहीं मिल सकी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पुराने अंडरपास को दोबारा शुरू करने से रेलवे बाईपास की संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
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इसके चलते पुराने स्थान से करीब 300 मीटर आगे नया अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया। मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। करीब 11 वर्ष पहले भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या के कारण पुराने अंडरपास को दोनों ओर से दीवार बनाकर बंद कर दिया गया था। इसके बाद से बाईपास के दोनों तरफ रहने वाले लोगों को सड़क पार कर आवागमन करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों को सड़क पार करने से रोकने के लिए पांच फीट ऊंची लोहे की ग्रिल भी लगवाई है, लेकिन इसके बावजूद लोग जोखिम उठाकर बाईपास पार करते दिखाई देते हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित है। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज तक का हिस्सा सबसे अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। यहां से इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी, कुलदीप नगर, गांधी नगर समेत दर्जनों कॉलोनियों के लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। अनुमान के अनुसार करीब 50 हजार लोग इस मार्ग से प्रभावित होते हैं।
2019 से अब तक 35 से अधिक मौतें
इन क्षेत्रों के निवासियों को इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी, पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय और स्टेशन रोड जाने के लिए मजबूरी में रेलवे बाईपास पार करना पड़ता है। वर्ष 2019 से अब तक इस स्थान पर 35 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। ऐसे में नया अंडरपास बनने से न केवल लोगों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
आरओबी के नीचे अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए निविदा लगा दी गई है। एजेंसी को वर्क अलॉट होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच स्थित रेलवे बाईपास के नीचे नया अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से करीब 1.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंडरपास के लिए निविदा जारी कर दी गई है।
अंडरपास बनने से रेलवे बाईपास के दोनों ओर रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी और लंबे समय से बनी एक बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को बाईपास पार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है। अंडरपास नहीं होने के कारण कई लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में भी यह मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। इसी के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी ने पहले पुराने बंद पड़े अंडरपास को दोबारा खोलने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा था। तकनीकी कारणों से उस योजना को मंजूरी नहीं मिल सकी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पुराने अंडरपास को दोबारा शुरू करने से रेलवे बाईपास की संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
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इसके चलते पुराने स्थान से करीब 300 मीटर आगे नया अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया। मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। करीब 11 वर्ष पहले भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या के कारण पुराने अंडरपास को दोनों ओर से दीवार बनाकर बंद कर दिया गया था। इसके बाद से बाईपास के दोनों तरफ रहने वाले लोगों को सड़क पार कर आवागमन करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों को सड़क पार करने से रोकने के लिए पांच फीट ऊंची लोहे की ग्रिल भी लगवाई है, लेकिन इसके बावजूद लोग जोखिम उठाकर बाईपास पार करते दिखाई देते हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित है। महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज तक का हिस्सा सबसे अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। यहां से इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी, कुलदीप नगर, गांधी नगर समेत दर्जनों कॉलोनियों के लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। अनुमान के अनुसार करीब 50 हजार लोग इस मार्ग से प्रभावित होते हैं।
2019 से अब तक 35 से अधिक मौतें
इन क्षेत्रों के निवासियों को इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी, पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय और स्टेशन रोड जाने के लिए मजबूरी में रेलवे बाईपास पार करना पड़ता है। वर्ष 2019 से अब तक इस स्थान पर 35 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। ऐसे में नया अंडरपास बनने से न केवल लोगों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
आरओबी के नीचे अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए निविदा लगा दी गई है। एजेंसी को वर्क अलॉट होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।