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Yamuna Nagar News: 92 लाख रुपये भस्म, तीन साल में नहीं चल सका भस्मक यंत्र
Sat, 13 Sep 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:01 AM IST
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कैल स्थित कचरा प्लांट में लगाया गया पशु भस्मक यंत्र। संवाद
राजेश कुमार
यमुनानगर। मृत पशुओं को खुले में न फेंक कर जलाकर भस्म करने के लिए नगर निगम की टेक्निकल ब्रांच ने तीन साल पहले 92 लाख रुपये से कैल स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में पशु भस्मक यंत्र (इंसीनरेटर) लगाया था। तीन साल में एक भी मरे हुए पशु को नहीं जलाया गया। अभी तक तो यही निर्णय नहीं हो पा रहा था कि इस यंत्र को चलाने के लिए एलपीजी गैस का इंतजाम कौन करेगा?
नगर निगम के सीएसआई और एक्सईएन दोनों ही गैस देने के लिए तैयार नहीं थे। अब तीन साल बाद नई बात सामने आई है कि नगर निगम के किसी कर्मचारी को यह पशु भस्मक यंत्र चलाना ही नहीं आता। जब कोई चलाना ही नहीं जानता तो इसमें मरे हुए पशुओं को जलाया कैसे जाएगा। अब तो नगर निगम के उन अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं जिन्होंने साढ़े तीन साल पहले इसे लगाने की योजना बनाई थी।
करीब 92 लाख रुपये खर्च कर आधी अधूरी तैयारी के साथ मशीनरी लगा दी गई, जो अब धूल फांक रही है। नगर निगम के अधिकारी यह तय नहीं कर पाए कि इस यंत्र को नगर निगम का स्टाफ खुद चलाएगा या फिर इस यंत्र को लगाने इंस्टॉल करने वाली एजेंसी। पशु भस्मक यंत्र की मशीनरी अब चोरों के निशाने पर है।
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वह इसलिए क्योंकि जिस कचरा प्लांट परिसर में यह लगा है वहां पर सुरक्षा का बंदोबस्त बिल्कुल भी नहीं है। इस यंत्र में गैस कनेक्शन करने के लिए जो पाइप, रेगुलेटर आदि लगाए गए थे वह अब मौके पर नहीं है। इसके अलावा अन्य सामान चोरी हो चुका है। संवाद
धुएं के लिए लगाई थी 20 मीटर ऊंची चिमनी
पशु भस्मक यंत्र में मृत पशुओं को एलपीजी गैस से जलाकर भस्म किया जाता है। साथ ही पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए बिजली की मोटर के माध्यम से धुएं को 20 मीटर ऊंची चिमनी से ऊपर छोड़ा जाता है। पांच अगस्त 2022 को तब के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल गुर्जर और नमेयर मदन चौहान ने इसका उद्घाटन किया था। तब दावा किया गया था कि यह प्रदेश का पहला ऐसा पशु भस्मक यंत्र है, जहां मृत पशुओं का सही विधि के साथ निपटान किया जाएगा। तीन साल बीतने पर भी अधिकारी इसे चलाने के लिए एलपीजी का एक गैस सिलिंडर तक नहीं रखवा पाए। कामर्शियल गैस सिलिंडर की बाजार में कीमत 1680 रुपये है।
कैल प्लांट का निरीक्षण करने के दौरान मैंने पशु भस्मक यंत्र को देखा था। इसके बारे में अधिकारियों से बात की है। जिस एजेंसी ने इसे इंस्टाल किया था, उसे कहा गया है कि वह इसे चलाने के लिए निगम के स्टाफ को ट्रेनिंग दे दे। इसे चलाने के लिए स्टाफ का इंतजाम किया जा रहा है। एलपीजी का प्रबंध एसडीओ करेंगे। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। मृत पशुओं को खुले में न फेंक कर जलाकर भस्म करने के लिए नगर निगम की टेक्निकल ब्रांच ने तीन साल पहले 92 लाख रुपये से कैल स्थित कचरा निस्तारण प्लांट में पशु भस्मक यंत्र (इंसीनरेटर) लगाया था। तीन साल में एक भी मरे हुए पशु को नहीं जलाया गया। अभी तक तो यही निर्णय नहीं हो पा रहा था कि इस यंत्र को चलाने के लिए एलपीजी गैस का इंतजाम कौन करेगा?
नगर निगम के सीएसआई और एक्सईएन दोनों ही गैस देने के लिए तैयार नहीं थे। अब तीन साल बाद नई बात सामने आई है कि नगर निगम के किसी कर्मचारी को यह पशु भस्मक यंत्र चलाना ही नहीं आता। जब कोई चलाना ही नहीं जानता तो इसमें मरे हुए पशुओं को जलाया कैसे जाएगा। अब तो नगर निगम के उन अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं जिन्होंने साढ़े तीन साल पहले इसे लगाने की योजना बनाई थी।
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करीब 92 लाख रुपये खर्च कर आधी अधूरी तैयारी के साथ मशीनरी लगा दी गई, जो अब धूल फांक रही है। नगर निगम के अधिकारी यह तय नहीं कर पाए कि इस यंत्र को नगर निगम का स्टाफ खुद चलाएगा या फिर इस यंत्र को लगाने इंस्टॉल करने वाली एजेंसी। पशु भस्मक यंत्र की मशीनरी अब चोरों के निशाने पर है।
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वह इसलिए क्योंकि जिस कचरा प्लांट परिसर में यह लगा है वहां पर सुरक्षा का बंदोबस्त बिल्कुल भी नहीं है। इस यंत्र में गैस कनेक्शन करने के लिए जो पाइप, रेगुलेटर आदि लगाए गए थे वह अब मौके पर नहीं है। इसके अलावा अन्य सामान चोरी हो चुका है। संवाद
धुएं के लिए लगाई थी 20 मीटर ऊंची चिमनी
पशु भस्मक यंत्र में मृत पशुओं को एलपीजी गैस से जलाकर भस्म किया जाता है। साथ ही पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए बिजली की मोटर के माध्यम से धुएं को 20 मीटर ऊंची चिमनी से ऊपर छोड़ा जाता है। पांच अगस्त 2022 को तब के शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवरपाल गुर्जर और नमेयर मदन चौहान ने इसका उद्घाटन किया था। तब दावा किया गया था कि यह प्रदेश का पहला ऐसा पशु भस्मक यंत्र है, जहां मृत पशुओं का सही विधि के साथ निपटान किया जाएगा। तीन साल बीतने पर भी अधिकारी इसे चलाने के लिए एलपीजी का एक गैस सिलिंडर तक नहीं रखवा पाए। कामर्शियल गैस सिलिंडर की बाजार में कीमत 1680 रुपये है।
कैल प्लांट का निरीक्षण करने के दौरान मैंने पशु भस्मक यंत्र को देखा था। इसके बारे में अधिकारियों से बात की है। जिस एजेंसी ने इसे इंस्टाल किया था, उसे कहा गया है कि वह इसे चलाने के लिए निगम के स्टाफ को ट्रेनिंग दे दे। इसे चलाने के लिए स्टाफ का इंतजाम किया जा रहा है। एलपीजी का प्रबंध एसडीओ करेंगे। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।

कैल स्थित कचरा प्लांट में लगाया गया पशु भस्मक यंत्र। संवाद