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दो दोस्तों से 9.79 लाख ठगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कनाडा भेजने के नाम पर चेन्नई निवासी व्यक्ति ने टैगौर गार्डन निवासी दो दोस्तों से नौ लाख 79 हजार रुपये ठग लिए। सोशल मीडिया के जरिए दोनों युवकों की आरोपी से बातचीत हुई थी। रुपये लेने के बाद आरोपी ने दोनों युवकों को न तो कनाडा भेजा और न ही उनके रुपये वापस लौटाए।शहर पुलिस ने आरोपी चेन्नई की जयराम स्ट्रीट निवासी एलेक्स अरूल दास के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टैगोर गार्डन निवासी अमित कुमार ने बताया कि वह नोएडा में उन्नति फॉरचून ग्रुप में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। साल 2017 में वह वर्क परमिट पर कनाडा जाना चाहता था। इसके लिए उसने इंटरनेट पर सर्च किया। इंटरनेट पर उसका चेन्नई के जयराम स्ट्रीट निवासी एलेक्स अरूल दास से संपर्क हुआ। आरोपी ने उसे कहा कि वह कनाडा का वर्क परमिट दिलाकर वीजा लगवाने का भी कार्य करता है। इसके लिए उसने बंगलूरू की अपनी फर्म बना रखी है।
इस दौरान आरोपी ने उसे अपने झांसे में फंसा लिया। जून 2017 में आरोपी एलेक्स ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर मिलने के लिए बुलाया। वह अपने दोस्त हरप्रीत के साथ उससे दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला। वहां पर दोनों दोस्तों ने विदेश जाने के बारे में उससे बातचीत की। तब आरोपी ने वर्क परमिट के लिए दस्तावेज एकत्र करने के लिए कहा। साथ ही फाइल तैयार कराने के लिए एक लाख पांच हजार रुपये खाते में डलवाने को कहा। जिस पर उसके खाते में अलग-अलग खाते में 85 हजार रुपये डलवा दिए। 20 हजार रुपये बाद में देने के लिए कहा।
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कुछ दिन बाद फिर से आरोपी ने मिलने के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया। तब आरोपी ने एक व्यक्ति को कनाडा भेजने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये का खर्च बताया। इसके बाद आरोपी 10 अगस्त 2017 को यमुनानगर में आया। यहां पर आरोपी से बातचीत की और इकरारनामा तय किया कि वर्क परमिट मिलने के बाद पूरा पैसा दिया जाएगा। इसके बाद आरोपी चला गया।
कई महीने बीतने के बाद भी जब वर्क परमिट नहीं मिला, तो आरोपी से संपर्क किया। इस पर उसने चार लाख रुपये की मांग की। किसी तरह से आरोपी के खाते में अलग-अलग कर यह पैसा जमा कराया। बाद में आरोपी ने कनाडा के अलग-अलग फर्जी वर्क परमिट उसे व उसके दोस्त हरप्रीत को दिखाए। इसके बाद आरोपी शेष पैसा लेने के लिए मई 2018 में यहां आया। यहां पर वह अमित व हरप्रीत से पांच लाख रुपये लेकर गया।
इसके बाद कई माह बीत गए, लेकिन न तो वीजा लगा और न ही वर्क परमिट। आरोपी से बात की, तो वह टालमटोल करने लगा। बाद में आरोपी पर पैसे व पासपोर्ट वापस करने के लिए दबाव बनाया, तो उसने एक्सिस बैंक कल्याण नगर बंगलूरू ब्रांच के चेक दिए। जब यह चेक बैंक में लगाए, तो वह बाउंस हो गए। इस बारे में आरोपी से बात की, तो वह धमकी देने लगा। उन्होंने परेशान होकर इसकी शिकायत पुलिस को दी। शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले में आरोपी व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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यमुनानगर। कनाडा भेजने के नाम पर चेन्नई निवासी व्यक्ति ने टैगौर गार्डन निवासी दो दोस्तों से नौ लाख 79 हजार रुपये ठग लिए। सोशल मीडिया के जरिए दोनों युवकों की आरोपी से बातचीत हुई थी। रुपये लेने के बाद आरोपी ने दोनों युवकों को न तो कनाडा भेजा और न ही उनके रुपये वापस लौटाए।शहर पुलिस ने आरोपी चेन्नई की जयराम स्ट्रीट निवासी एलेक्स अरूल दास के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टैगोर गार्डन निवासी अमित कुमार ने बताया कि वह नोएडा में उन्नति फॉरचून ग्रुप में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। साल 2017 में वह वर्क परमिट पर कनाडा जाना चाहता था। इसके लिए उसने इंटरनेट पर सर्च किया। इंटरनेट पर उसका चेन्नई के जयराम स्ट्रीट निवासी एलेक्स अरूल दास से संपर्क हुआ। आरोपी ने उसे कहा कि वह कनाडा का वर्क परमिट दिलाकर वीजा लगवाने का भी कार्य करता है। इसके लिए उसने बंगलूरू की अपनी फर्म बना रखी है।
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इस दौरान आरोपी ने उसे अपने झांसे में फंसा लिया। जून 2017 में आरोपी एलेक्स ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर मिलने के लिए बुलाया। वह अपने दोस्त हरप्रीत के साथ उससे दिल्ली एयरपोर्ट पर मिला। वहां पर दोनों दोस्तों ने विदेश जाने के बारे में उससे बातचीत की। तब आरोपी ने वर्क परमिट के लिए दस्तावेज एकत्र करने के लिए कहा। साथ ही फाइल तैयार कराने के लिए एक लाख पांच हजार रुपये खाते में डलवाने को कहा। जिस पर उसके खाते में अलग-अलग खाते में 85 हजार रुपये डलवा दिए। 20 हजार रुपये बाद में देने के लिए कहा।
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कुछ दिन बाद फिर से आरोपी ने मिलने के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया। तब आरोपी ने एक व्यक्ति को कनाडा भेजने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये का खर्च बताया। इसके बाद आरोपी 10 अगस्त 2017 को यमुनानगर में आया। यहां पर आरोपी से बातचीत की और इकरारनामा तय किया कि वर्क परमिट मिलने के बाद पूरा पैसा दिया जाएगा। इसके बाद आरोपी चला गया।
कई महीने बीतने के बाद भी जब वर्क परमिट नहीं मिला, तो आरोपी से संपर्क किया। इस पर उसने चार लाख रुपये की मांग की। किसी तरह से आरोपी के खाते में अलग-अलग कर यह पैसा जमा कराया। बाद में आरोपी ने कनाडा के अलग-अलग फर्जी वर्क परमिट उसे व उसके दोस्त हरप्रीत को दिखाए। इसके बाद आरोपी शेष पैसा लेने के लिए मई 2018 में यहां आया। यहां पर वह अमित व हरप्रीत से पांच लाख रुपये लेकर गया।
इसके बाद कई माह बीत गए, लेकिन न तो वीजा लगा और न ही वर्क परमिट। आरोपी से बात की, तो वह टालमटोल करने लगा। बाद में आरोपी पर पैसे व पासपोर्ट वापस करने के लिए दबाव बनाया, तो उसने एक्सिस बैंक कल्याण नगर बंगलूरू ब्रांच के चेक दिए। जब यह चेक बैंक में लगाए, तो वह बाउंस हो गए। इस बारे में आरोपी से बात की, तो वह धमकी देने लगा। उन्होंने परेशान होकर इसकी शिकायत पुलिस को दी। शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले में आरोपी व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।