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Yamuna Nagar News: थर्मल पावर प्लांट में 800 मेगावाट की यूनिट होगी जीरो डिस्चार्ज
Fri, 04 Apr 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 04 Apr 2025 12:45 AM IST
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सुरेश सैनी
यमुनानगर। दीन बंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट के अंदर 7272 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया 800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल प्लांट एचपीजीसीएल (हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) का हरियाणा में यह पहला ऐसा प्लांट होगा जो इनवायरमेंट फ्रेंडली होगा। यह पर्यावरण को बनाए रखने की गाइडलाइन पर खरा उतरेगा।
सॉक्स (सल्फर डाईऑक्साइड) और नॉक्स (नाइट्रोजन ऑक्साइड) दोनों चिमनी से निकलती हैं और ये दोनों पर्यावरण के लिए सही है। वहीं, सॉक्स को कंट्रोल करने के लिए फ्लू-गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) का अहम रोल होता है। ऐसे में यूनिट में फ्लू-गैस डिसल्फराइजेशन का सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिसका कार्य चिमनी में धुआं छोड़ने से पहले कैल्शियम युक्त विधि से गुजारा जाएगा। ऐसे में निकलने वाली सल्फर डाईऑक्साइड उसमें ऑर्ब्जव हो जाएगी। इससे प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण बना रहेगा। वहीं, इस नई यूनिट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को शिलान्यास करेंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि एचपीजीसीएल के यमुनानगर, पानीपत और हिसार के खेदड़ में जो पुराने प्लांट लगे हैं किसी में भी सॉक्स संबंधी सुविधा नहीं है। ऐसे में 800 मेगावाट का ये पहला प्लांट होगा जिसमें सॉक्स की सुविधा होगी। इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत ये होगी बिजली बनाने में कम कोयला लगेगा। यही नहीं यह प्लांट पूरी तरह से जीरो डिस्चार्ज युक्त होगा, जिसका पानी बाहर नहीं जाएगा। जिससे अंदर ही ट्रीट किया जाएगा। इसलिए अलग से जीरो डिस्चार्ज सिस्टम भी लगाया जाएगा।
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800 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर यूनिट जहां नई तकनीक होगी, वहीं यह पूरी तरह से स्वदेशी भी होगी। खास बात यह रहेगी चिमनियां व कूलिंग टॉवर भी छोटे होंगे और तेजी से बिजली बनेगी साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। ऐसे में हरियाणा बिजली उत्पादन करने में भी बड़ा हब बन जाएगा। वहीं, नई यूनिट स्थापित होने पर यमुनानगर से एक साथ 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। उल्लेखनीय है यमुनानगर में थर्मल प्लांट के लिए कुल 1107 एकड़ जगह है। जिसके एक हिस्से में 300-300 की 600 मेगावाट की दो यूनिट स्थापित है जोकि अप्रैल 2008 में स्थापित हुई थी। उस दौरान इन यूनिटों पर लगभग 2400 करोड़ रुपये लागत आई थी। संवाद
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यमुनानगर। दीन बंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट के अंदर 7272 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया 800 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल प्लांट एचपीजीसीएल (हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड) का हरियाणा में यह पहला ऐसा प्लांट होगा जो इनवायरमेंट फ्रेंडली होगा। यह पर्यावरण को बनाए रखने की गाइडलाइन पर खरा उतरेगा।
सॉक्स (सल्फर डाईऑक्साइड) और नॉक्स (नाइट्रोजन ऑक्साइड) दोनों चिमनी से निकलती हैं और ये दोनों पर्यावरण के लिए सही है। वहीं, सॉक्स को कंट्रोल करने के लिए फ्लू-गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) का अहम रोल होता है। ऐसे में यूनिट में फ्लू-गैस डिसल्फराइजेशन का सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिसका कार्य चिमनी में धुआं छोड़ने से पहले कैल्शियम युक्त विधि से गुजारा जाएगा। ऐसे में निकलने वाली सल्फर डाईऑक्साइड उसमें ऑर्ब्जव हो जाएगी। इससे प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण बना रहेगा। वहीं, इस नई यूनिट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को शिलान्यास करेंगे।
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एक अधिकारी ने बताया कि एचपीजीसीएल के यमुनानगर, पानीपत और हिसार के खेदड़ में जो पुराने प्लांट लगे हैं किसी में भी सॉक्स संबंधी सुविधा नहीं है। ऐसे में 800 मेगावाट का ये पहला प्लांट होगा जिसमें सॉक्स की सुविधा होगी। इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत ये होगी बिजली बनाने में कम कोयला लगेगा। यही नहीं यह प्लांट पूरी तरह से जीरो डिस्चार्ज युक्त होगा, जिसका पानी बाहर नहीं जाएगा। जिससे अंदर ही ट्रीट किया जाएगा। इसलिए अलग से जीरो डिस्चार्ज सिस्टम भी लगाया जाएगा।
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800 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर यूनिट जहां नई तकनीक होगी, वहीं यह पूरी तरह से स्वदेशी भी होगी। खास बात यह रहेगी चिमनियां व कूलिंग टॉवर भी छोटे होंगे और तेजी से बिजली बनेगी साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। ऐसे में हरियाणा बिजली उत्पादन करने में भी बड़ा हब बन जाएगा। वहीं, नई यूनिट स्थापित होने पर यमुनानगर से एक साथ 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। उल्लेखनीय है यमुनानगर में थर्मल प्लांट के लिए कुल 1107 एकड़ जगह है। जिसके एक हिस्से में 300-300 की 600 मेगावाट की दो यूनिट स्थापित है जोकि अप्रैल 2008 में स्थापित हुई थी। उस दौरान इन यूनिटों पर लगभग 2400 करोड़ रुपये लागत आई थी। संवाद