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टिवनसिटी में पीएमएवाई के 800 पात्रों को मिला अपना आशियाना, 1675 की मंजूरी
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तरह पांच वर्षों में ट्विनसिटी के 800 पात्रों का आशियाना बनाने का सपना साकार हुआ है, जबकि 1675 पात्रों के मकान बनने की तैयारी है। जल्द ही निगम की ओर से इन्हें सेक्शन लेटर मुहैया करवाएं जाएंगे।
योजना के मुताबिक नगर निगम एरिया से 4375 लोगों ने आवेदन किया था। जांच के दौरान 1900 आवेदकों के आवेदन को विभिन्न कारण के चलते अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बाद 800 पात्रों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। जबकि 1675 पात्रों को मकान बनाने की अनुमति दे दी गई है। निगम अधिकारियों का दावा है कि मार्च माह के अंत तक इन पात्रों को भी योजना का लाभ दे दिया जाएगा। जरूरतमंद लोगों को मकान बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। योजना के तहत पात्र को पक्का मकान बनाने के लिए कुल ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। मकान की नींव भरते समय एक लाख रुपये, लेंटर डालने पर एक लाख व निर्माण पूरा होने पर प्लास्टर व पेंट के लिए 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
योजना के तहत नवंबर 2017 में नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी एरिया से 4375 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदकों की सूची मिलने के बाद इनकी जांच शुरु की गई। निगम की नगर परियोजना अधिकारी की टीम ने आवेदकों की घर घर जाकर जांच की। जांच के दौरान जिन पात्रों के मकान पक्के मिले व जिनके मकान अनियमित कॉलोनियों में थे, उनके आवेदकों को अस्वीकार कर दिया गया था। जांच के दौरान 1900 आवेदकों के आवेदन रिजेक्ट हो गए। अब तक ट्विनसिटी के 800 पात्रों के योजना के तहत पक्के मकान बनाए जा चुके है। 1675 पात्रों को योजना को लाभ देने के लिए अनुमति दे दी गई है। जल्द ही नगर निगम द्वारा इन्हें सेक्शन लेटर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 681 पात्रों को तीसरी किस्त जारी हो चुकी है। वहीं, इसके अलावा 1262 लोगों को दूसरी व 1506 को तीसरी किस्त जारी हो चुकी है।
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किस्त के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार, झेलनी पड़ती है परेशानी-
योजना का लाभ देने के लिए सरकार द्वारा तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये दिए जाते है। लेकिन यह किस्तें पात्रों को काफी देरी से मिल रही है। पात्रों को समय पर किस्त न मिलने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनको यहां-वहां से उधार लेकर मकान निर्माण का कार्य पूरा करना पड़ रहा है। बुड़िया निवासी सावित्री देवी, प्रतिभा व सरोज ने बताया कि मकान बनाने के लिए उन्हें काफी समय लगा, क्योंकि मकान निर्माण के दौरान उन्हें किस्तों का काफी इंतजार करना पड़ा। उनका ये भी कहना था कि हालांकि उनको मकान अनुदान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनका अपना मकान बनकर तैयार हो गया है। पहले उन्हें बारिश के दिनों में परेशानी झेलनी पड़ती थी। उसके बाद योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसके बाद उन्हें लाभ दिया गया।
वर्जन
नगर निगम महापौर मदन चौहान का कहना है कि जरूरतमंद के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना काफी कारगर साबित हो रही है। सभी पात्रों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना के पात्र किसी दलाल के चक्कर में न फंसे। हमारा प्रयास है कि सभी योग्य पात्रों को जल्द से जल्द योजना का लाभ पहुंचा दिया जाएगा।
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योजना के मुताबिक नगर निगम एरिया से 4375 लोगों ने आवेदन किया था। जांच के दौरान 1900 आवेदकों के आवेदन को विभिन्न कारण के चलते अस्वीकार कर दिया गया था। इसके बाद 800 पात्रों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। जबकि 1675 पात्रों को मकान बनाने की अनुमति दे दी गई है। निगम अधिकारियों का दावा है कि मार्च माह के अंत तक इन पात्रों को भी योजना का लाभ दे दिया जाएगा। जरूरतमंद लोगों को मकान बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। योजना के तहत पात्र को पक्का मकान बनाने के लिए कुल ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। मकान की नींव भरते समय एक लाख रुपये, लेंटर डालने पर एक लाख व निर्माण पूरा होने पर प्लास्टर व पेंट के लिए 50 हजार रुपये दिए जाते हैं।
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योजना के तहत नवंबर 2017 में नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी एरिया से 4375 लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदकों की सूची मिलने के बाद इनकी जांच शुरु की गई। निगम की नगर परियोजना अधिकारी की टीम ने आवेदकों की घर घर जाकर जांच की। जांच के दौरान जिन पात्रों के मकान पक्के मिले व जिनके मकान अनियमित कॉलोनियों में थे, उनके आवेदकों को अस्वीकार कर दिया गया था। जांच के दौरान 1900 आवेदकों के आवेदन रिजेक्ट हो गए। अब तक ट्विनसिटी के 800 पात्रों के योजना के तहत पक्के मकान बनाए जा चुके है। 1675 पात्रों को योजना को लाभ देने के लिए अनुमति दे दी गई है। जल्द ही नगर निगम द्वारा इन्हें सेक्शन लेटर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 681 पात्रों को तीसरी किस्त जारी हो चुकी है। वहीं, इसके अलावा 1262 लोगों को दूसरी व 1506 को तीसरी किस्त जारी हो चुकी है।
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किस्त के लिए करना पड़ता है लंबा इंतजार, झेलनी पड़ती है परेशानी-
योजना का लाभ देने के लिए सरकार द्वारा तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये दिए जाते है। लेकिन यह किस्तें पात्रों को काफी देरी से मिल रही है। पात्रों को समय पर किस्त न मिलने के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनको यहां-वहां से उधार लेकर मकान निर्माण का कार्य पूरा करना पड़ रहा है। बुड़िया निवासी सावित्री देवी, प्रतिभा व सरोज ने बताया कि मकान बनाने के लिए उन्हें काफी समय लगा, क्योंकि मकान निर्माण के दौरान उन्हें किस्तों का काफी इंतजार करना पड़ा। उनका ये भी कहना था कि हालांकि उनको मकान अनुदान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनका अपना मकान बनकर तैयार हो गया है। पहले उन्हें बारिश के दिनों में परेशानी झेलनी पड़ती थी। उसके बाद योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। जिसके बाद उन्हें लाभ दिया गया।
वर्जन
नगर निगम महापौर मदन चौहान का कहना है कि जरूरतमंद के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना काफी कारगर साबित हो रही है। सभी पात्रों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। योजना के पात्र किसी दलाल के चक्कर में न फंसे। हमारा प्रयास है कि सभी योग्य पात्रों को जल्द से जल्द योजना का लाभ पहुंचा दिया जाएगा।