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Yamuna Nagar News: क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर व्यक्ति से ठगे 73 हजार रुपये
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यमुनानगर। खुद को बैंक कर्मी बताकर साइबर ठग ने क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर रामपुरा कॉलोनी निवासी सौरभ शर्मा से 73 हजार रुपये ठग लिए। ठग ने सौरभ को फोन कर इंडसइंड बैंक से क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कराया। क्रेडिट कार्ड घर पहुंचने पर उसकी पिन जेनरेट कर ठगी की गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
रामपुरा काॅलोनी निवासी सौरभ शर्मा ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। उसने बताया कि उनके पास काफी समय से इंडसइंड बैंक से कस्टमर केयर से कॉल आ रही थी कि क्रेडिट कार्ड बनवा लो। जिसकी लिमिट छह लाख रुपये होगी। वह पहले इस प्रकार की कॉल को नजरअंदाज करता रहा। 25 अप्रैल को उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और उसे क्रेडिट कार्ड की कई स्कीम बताई। उसने आरोपी पर विश्वास कर लिया। जब उसने क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए हां की तो आरोपी ने उससे सैलरी स्लिप, आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटो मांगी। उसने यह सभी दस्तावेज आरोपी को व्हाट्सएप पर भेज दिए। गत 15 मई को उनके पास बैंक से क्रेडिट कार्ड पहुंचा। इसके बाद उसके पास कस्टमर केयर से कॉल आया। जिसने कहा कि क्रेडिट कार्ड का पिन कोड बना लो। जब उससे कहा कि उसका क्रेडिट कार्ड छह लाख रुपये की लिमिट का था, लेकिन यह 75 हजार रुपये की लिमिट का है। उसने आरोपी को यह क्रेडिट कार्ड कैंसिल करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने उसे बातों में उलझा कर उसका पिन जेनरेट कर दिया गया और क्रेडिट कार्ड से 73 हजार 189 रुपये निकाल लिए। जब उसने इस बारे कस्टमर केयर से बात की तो उन्होंने जल्द ही रुपये वापस आने के लिए कहा। मगर इसके बाद भी उसके पैसे वापस नहीं आए। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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रामपुरा काॅलोनी निवासी सौरभ शर्मा ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। उसने बताया कि उनके पास काफी समय से इंडसइंड बैंक से कस्टमर केयर से कॉल आ रही थी कि क्रेडिट कार्ड बनवा लो। जिसकी लिमिट छह लाख रुपये होगी। वह पहले इस प्रकार की कॉल को नजरअंदाज करता रहा। 25 अप्रैल को उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और उसे क्रेडिट कार्ड की कई स्कीम बताई। उसने आरोपी पर विश्वास कर लिया। जब उसने क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए हां की तो आरोपी ने उससे सैलरी स्लिप, आधार कार्ड, पैन कार्ड व फोटो मांगी। उसने यह सभी दस्तावेज आरोपी को व्हाट्सएप पर भेज दिए। गत 15 मई को उनके पास बैंक से क्रेडिट कार्ड पहुंचा। इसके बाद उसके पास कस्टमर केयर से कॉल आया। जिसने कहा कि क्रेडिट कार्ड का पिन कोड बना लो। जब उससे कहा कि उसका क्रेडिट कार्ड छह लाख रुपये की लिमिट का था, लेकिन यह 75 हजार रुपये की लिमिट का है। उसने आरोपी को यह क्रेडिट कार्ड कैंसिल करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने उसे बातों में उलझा कर उसका पिन जेनरेट कर दिया गया और क्रेडिट कार्ड से 73 हजार 189 रुपये निकाल लिए। जब उसने इस बारे कस्टमर केयर से बात की तो उन्होंने जल्द ही रुपये वापस आने के लिए कहा। मगर इसके बाद भी उसके पैसे वापस नहीं आए। उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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