फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   72 drains will not be cleaned this time, waterlogging is certain

Yamuna Nagar News: इस बार साफ नहीं होंगे 72 नाले, जलभराव तय

Thu, 20 Jun 2024 05:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 20 Jun 2024 05:57 AM IST
विज्ञापन
72 drains will not be cleaned this time, waterlogging is certain
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। मानसून से पहले सफाई के दिए ठेके में नालों की गिनती गत वर्ष से आधी भी नहीं है। पिछले वर्ष जहां 104 नालों की सफाई का ठेका हुआ, वहीं इस बार ठेके में महज 32 नाले हैं। इस तरह 72 नाले कम होने पर निवर्तमान पार्षद सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि गत वर्ष से इस बार के सफाई ठेके में जो 72 नाले हटे, वो भी मानसून से पहले साफ हों।
गत वर्ष से नालों की सफाई का खर्च भी आधे से कम कर दिया गया है। पिछले वर्ष 11-11 वार्डों के दो जोन बांट उन्हें अलग-अलग एजेंसियों को ठेका देने के लिए अलग-अलग ईनिविदा लगी। काम पर 1.42 करोड़ खर्च का अनुमान बना, पर दोनों जोन में 1 करोड़ 41 लाख 59 हजार रुपये के खर्च पर एजेंसियों को ठेका दिया इस बार सभी 22 वार्डों का एक जोन बना और छह माह की अवधि के लिए 50.33 लाख रुपये में ठेका दिया है।
विज्ञापन

नालों की सफाई का काम एक सप्ताह से चल रहा है। अभी जगाधरी से यमुनानगर आते बड़े नाले पर अफसरों का फोकस नजर आ रहा है। लेकिन शहर के ज्यादातर छोटे नाले भी गंदगी से अटे पड़े हैं। निवर्तमान पार्षदों की मानें तो इनमें कई छोटे नाले सफाई ठेके में शामिल नहीं किए गए हैं। यमुनानगर बस स्टैंड के बाहर, आजाद नगर रोड के नाले गंदगी से जाम हैं। जबकि यहां बारिश में काफी जलभराव होता है। ऐसे ही गंदगी भरे कई नाले हैं, जिन पर सफाई के लिए न तो ठेकेदार और न निगम कर्मचारी पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ठेका देते समय अफसरों ने नहीं ली राय
वार्ड 13 से निवर्तमान पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि पार्षदों का कार्यकाल भले गत सात जनवरी में खत्म हो गया है, पर नालों की सफाई जैसे शहर के जरूरी व बड़े कामों में उनकी राय ली जानी चाहिए। लेकिन इस बार नालों की सफाई का ठेका करते अफसरों ने निवर्तमान पार्षदों की राय नहीं ली। अब वार्डों में नालों की सफाई भी उनकी निगरानी में नहीं हो रही। जबकि निवर्तमान पार्षदों को यह पता रहता है कि मानसून में वार्डों में कहां ज्यादा जलभराव होता है, ऐसी जगह पर वह प्राथमिकता से नालों की सफाई करवा सकता है।
नालों की सूची न तय नियमों की प्रति दी
वार्ड सात से निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि गत वर्ष नालों की सफाई के ठेके में 104 नाले थे। जबकि अब 32 नालों की सफाई का ठेका दिया है। यह सही नहीं हैं, क्योंकि मानसून से पहले सभी नालों की सफाई जरूरी है। इसलिए गत वर्ष से इस बार के सफाई ठेके में जो 72 नाले हटे, उन्हें भी साफ कराया जाए। निगम अफसरों ने न तो नालों की सूची और न ही ठेके के तय नियमों की प्रति दी है, जबकि यह सार्वजनिक की जानी चाहिए। जिससे जनप्रतिनिधि व आमजन भी काम में कमी पर शिकायत देकर कार्रवाई करवा सके।
रेलवे रोड के नालों की छह साल से सफाई नहीं
सावनपुरी निवासी चिराग सिंघल ने बताया कि रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह चौक से जगाधरी के महाराजा अग्रसेन चौक तक दोनों ओर करीब छह वर्ष पहले नाले बने। इन्हें पीडब्ल्यूडी ने 2.71 करोड़ की लागत से बनाया। बनने के बाद से इन नालों की सफाई नहीं की गई। क्योंकि कई वर्षों से यह नाले पीडब्ल्यूडी से निगम को हैंडओवर नहीं हुए। इससे कई मानसून सीजन में भी यह साफ नहीं हुए। अब भी यह गंदगी से अटे पड़े हैं और मानसून की बारिश में नालों से गंदा पानी घरों में बैक मारता है या ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता है।

ठेकेदार के अलावा निगम कर्मचारी भी काम में लगे हैं। प्रयास है कि सभी नालों की सफाई मानसून से पहले कराई जाए। इस बारे में संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। -आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed