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Yamuna Nagar News: कैंप में 65 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच, एक माह की दवाई भी दी
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यमुनानगर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शनिवार को मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में एंटीनेटल चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की गई। लगभग 65 गर्भवती महिलाओं को पोषित आहार के रूप में गुड़-चना प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. आशुतोष, डॉ. शिमांकु गुप्ता, डॉ. कविता जैन व डॉ. जतिन मनोचा के साथ-साथ अन्य अधिकारी-कर्मचारी, गर्भवती महिलाएं व उनके अभिभावक भी उपस्थित रहें।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने महिलाओं को गुड़ चना प्रदान करते हुए बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं का आवश्यकता अनुसार अल्ट्रासाउंड व सभी प्रकार की प्रयोगशाला जांच निशुल्क कराई गई। महिलाओं को एक-एक माह के लिए आयरन, फॉलिक एसिड व कैल्शियम की गोलियां दी गई तथा टीके लगाए गए। कैंप के दौरान 65 महिलाओं की जांच की गई। इनमें से नौ महिलाएं हाई रिस्क में पाई गई।
जिनको स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण जांच उपरांत उपचार प्रदान किया गया। समय रहते यदि जांच व उपचार हो जाए, तो प्रसव के दौरान होने वाली कई प्रकार की कठिनाइयों को कम किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए, बाहर की तली हुई व पैक्ड खाद्य सामग्री का प्रयोग नहीं करना चाहिए। पोषक आहार के साथ-साथ मौसमी सब्जियों व फलों का सेवन करना चाहि। गर्भवती महिलाओं को लगातार पानी का सेवन करते रहना चाहिए, जिससे की शरीर में नमी बनी रहे व पानी की कमी न हो। महिलाओं को प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा सूखे मेवों का सेवन करना चाहिए। इसी कारण सरकार द्वारा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को गुड़-चना प्रदान किया जाता है।
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मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने महिलाओं को गुड़ चना प्रदान करते हुए बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं का आवश्यकता अनुसार अल्ट्रासाउंड व सभी प्रकार की प्रयोगशाला जांच निशुल्क कराई गई। महिलाओं को एक-एक माह के लिए आयरन, फॉलिक एसिड व कैल्शियम की गोलियां दी गई तथा टीके लगाए गए। कैंप के दौरान 65 महिलाओं की जांच की गई। इनमें से नौ महिलाएं हाई रिस्क में पाई गई।
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जिनको स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा पूर्ण जांच उपरांत उपचार प्रदान किया गया। समय रहते यदि जांच व उपचार हो जाए, तो प्रसव के दौरान होने वाली कई प्रकार की कठिनाइयों को कम किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए, बाहर की तली हुई व पैक्ड खाद्य सामग्री का प्रयोग नहीं करना चाहिए। पोषक आहार के साथ-साथ मौसमी सब्जियों व फलों का सेवन करना चाहि। गर्भवती महिलाओं को लगातार पानी का सेवन करते रहना चाहिए, जिससे की शरीर में नमी बनी रहे व पानी की कमी न हो। महिलाओं को प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा सूखे मेवों का सेवन करना चाहिए। इसी कारण सरकार द्वारा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को गुड़-चना प्रदान किया जाता है।
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