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नौकरी के नाम पर 6 लाख ठगे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jun 2021 01:21 AM IST
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6 lakh cheated in the name of job  , Yamunanagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर/बिलासपुर। ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन युवकों से तीन व्यक्तियों ने 6 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने मंत्रियों से अच्छी जानकारी बताकर बिना पेपर दिए नौकरी लगने की बात कही। पुलिस ने पालेवाला गांव निवासी सुनील की शिकायत पर लाहसाबाद निवासी रेनू कादियान, फेरूवाला निवासी रोशन लाल व गनौली निवासी अमन कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पालेवाला गांव निवासी सुनील कुमार ने बिलासपुर पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि साल 2019 में वह अपने रिश्तेदारी में गांव पिरथीपुर निवासी पिंकी के घर पर गया था। वहां पर उसकी मुलाकात लाहसाबाद निवासी रेनू कादियान, फेरूवाला निवासी अमन कुमार व गनौली निवासी रोशन लाल के साथ हुई थी। रोशन लाल ने कहा कि उसकी मंत्रियों के साथ अच्छी जानकारी है। आरोपी ने कहा कि वे उसे ग्रुप-डी में नौकरी पर लगवा सकता है। कुछ दिनों बाद आरोपियों ने ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के लिए बिलासपुर स्थित अपने कार्यालय बुलाया। वहां उससे दस्तावेजों की फोटो कापी और एक लाख रुपये ले लिए।
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आरोपियों पर विश्वास कर उसने अपने रिश्तेदार अंबाला के जिला मंढोर निवासी कविंद्र कुमार और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के ढीक्का टपरी निवासी सन्नी से भी नौकरी की बात की। फरवरी 2019 में आरोपियों ने उनसे भी दो लाख 60 हजार रुपये लिए और 40 हजार रोशन लाल के खाते में जमा कराए। आरोपियों ने कहा कि भर्ती के लिए उन्हें पेपर की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनकी मंत्रियों से अच्छी जान पहचान है। वे मंत्रियों के कोटे से उन्हें नौकरी दिलवा देंगे। कुछ दिन बाद अमन ने उन्हें बताया कि उनके नियुक्ति पत्र आ गए हैं।
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आरोपियों ने उन्हें बकाया राशि लेकर मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल बुलाया। वे तीनों ढाई लाख रुपये लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ देर बाद तीनों आरोपी आए। आरोपियों ने उसने ढाई लाख रुपये लिए और उन्हें नियुक्ति पत्र दिए। इसके बाद आरोपी जल्द मेडिकल होने की बात कहकर उन्हें वहीं छोड़कर निकल गए। जब वे अस्पताल गए तो वहां उनके कोई मेडिकल नहीं हुए। उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र भी फर्जी निकले। तब से आरोपियों के मोबाइल भी बंद हो गए। बिलासपुर जाकर पता किया तो आरोपियों का ऑफिस भी बंद मिला। बिलासपुर थाना प्रभारी जोगिंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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