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Yamuna Nagar News: जिले के 54 गांव तंबाकू मुक्त, जागरूकता ला रही बदलाव
Sun, 31 May 2026 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 31 May 2026 12:36 AM IST
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लोगों को जागरूक करने के लिए शहर में लगवाए गए बोर्ड। विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के 54 गांव तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि नई पीढ़ी तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों से दूरी बना रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी गांव को तंबाकू मुक्त घोषित करने के लिए 150 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित किया गया है। इसमें 80 प्रतिशत यानी 120 अंक प्राप्त करने वाले गांव को तंबाकू मुक्त घोषित किया जाता है।
तंबाकू मुक्त गांवों के प्रवेश द्वार पर विशेष बोर्ड लगाए जाते हैं, ताकि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा सके। तंबाकू मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत, आशा वर्कर और एएनएम को समिति में शामिल किया जाता है। इसके अलावा ग्राम सभा की बैठकों में तंबाकू मुक्त एजेंडा को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। गांव से किसी बच्चे, महिला, युवा या अन्य व्यक्ति को ब्रांड एंबेसडर बनाकर तंबाकू से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तंबाकू सेवन केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की वजह भी बन रहा है। विशेष रूप से मुंह का कैंसर तंबाकू सेवन से जुड़ी प्रमुख बीमारियों में शामिल है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष जिले में मुंह के कैंसर के 25 मरीज सामने आए थे, जिनका उपचार अभी भी चल रहा है। नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम की जिला नोडल अधिकारी डॉ. बुलबुल कटारिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लोगों को तंबाकू सेवन से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
अब कोई भी दुकानदार या खोखा संचालक तंबाकू उत्पादों का प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता। दुकानों पर लगे तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और होर्डिंग हटवाए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं। कोटपा अधिनियम की धारा 6-ए के तहत कोई भी दुकानदार या व्यक्ति नाबालिग को तंबाकू उत्पाद नहीं बेच सकता।
ये गांव हुए तंबाकू मुक्त
डॉ. बुलबुल कटारिया ने बताया कि सीएचसी साढौरा के अंतर्गत सरावां, फतेहपुर तुंबी, राजपुर, कप्तान माजरी, फिरोजपुर, रत्तूवाला, सीएचसी प्रतापनगर का किशनपुरा, शहजादवाला, मुजाफत कलां, बाकरवाला, कड़कौली। सीएचसी सरस्वतीनगर का मंसूरपुर, ऊंचा चांदना, हंगोली, मघरपुर, भगवानपुर, कान्हड़ी कलां, शहजादपुर टपरियां, सीएचसी नाहरपुर का खुर्दी, औरंगाबाद, नाहरपुर, दामला, हाफिजपुर, हरनौल, सीएचसी व्यासपुर का खुंडेवाला, रानीपुर खुर्द, टेहा ब्राह्मण, उधमगढ़, खानपुर, हरतौल, कपूरी खुर्द, मंगलौर, गनौला। सीएचसी रादौर का बुबका, सागड़ी, बकाना, बैंडी, मसाना, धौलरा, पूर्णगढ़, रामगढ़। पीएचसी अरनौली का खेड़ा हैबतपुर, चाउवाला, भेरथल, संखेड़ा, नगला जागीर। पीएचसी कोट का लोप्यो, दादूपुर सैनी, मानीपुर, तुगलपुर, दादूपुर जटान, चिंतपुर, खानूवाला, कोटड़ा काहन सिंह।
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यमुनानगर। जिले के 54 गांव तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि नई पीढ़ी तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों से दूरी बना रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांव-गांव जाकर लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी गांव को तंबाकू मुक्त घोषित करने के लिए 150 अंकों का मूल्यांकन मानदंड निर्धारित किया गया है। इसमें 80 प्रतिशत यानी 120 अंक प्राप्त करने वाले गांव को तंबाकू मुक्त घोषित किया जाता है।
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तंबाकू मुक्त गांवों के प्रवेश द्वार पर विशेष बोर्ड लगाए जाते हैं, ताकि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा सके। तंबाकू मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत, आशा वर्कर और एएनएम को समिति में शामिल किया जाता है। इसके अलावा ग्राम सभा की बैठकों में तंबाकू मुक्त एजेंडा को शामिल करना अनिवार्य किया गया है। गांव से किसी बच्चे, महिला, युवा या अन्य व्यक्ति को ब्रांड एंबेसडर बनाकर तंबाकू से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तंबाकू सेवन केवल एक बुरी आदत नहीं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों की वजह भी बन रहा है। विशेष रूप से मुंह का कैंसर तंबाकू सेवन से जुड़ी प्रमुख बीमारियों में शामिल है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष जिले में मुंह के कैंसर के 25 मरीज सामने आए थे, जिनका उपचार अभी भी चल रहा है। नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम की जिला नोडल अधिकारी डॉ. बुलबुल कटारिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग लोगों को तंबाकू सेवन से दूर रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।
अब कोई भी दुकानदार या खोखा संचालक तंबाकू उत्पादों का प्रचार-प्रसार नहीं कर सकता। दुकानों पर लगे तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन और होर्डिंग हटवाए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं। कोटपा अधिनियम की धारा 6-ए के तहत कोई भी दुकानदार या व्यक्ति नाबालिग को तंबाकू उत्पाद नहीं बेच सकता।
ये गांव हुए तंबाकू मुक्त
डॉ. बुलबुल कटारिया ने बताया कि सीएचसी साढौरा के अंतर्गत सरावां, फतेहपुर तुंबी, राजपुर, कप्तान माजरी, फिरोजपुर, रत्तूवाला, सीएचसी प्रतापनगर का किशनपुरा, शहजादवाला, मुजाफत कलां, बाकरवाला, कड़कौली। सीएचसी सरस्वतीनगर का मंसूरपुर, ऊंचा चांदना, हंगोली, मघरपुर, भगवानपुर, कान्हड़ी कलां, शहजादपुर टपरियां, सीएचसी नाहरपुर का खुर्दी, औरंगाबाद, नाहरपुर, दामला, हाफिजपुर, हरनौल, सीएचसी व्यासपुर का खुंडेवाला, रानीपुर खुर्द, टेहा ब्राह्मण, उधमगढ़, खानपुर, हरतौल, कपूरी खुर्द, मंगलौर, गनौला। सीएचसी रादौर का बुबका, सागड़ी, बकाना, बैंडी, मसाना, धौलरा, पूर्णगढ़, रामगढ़। पीएचसी अरनौली का खेड़ा हैबतपुर, चाउवाला, भेरथल, संखेड़ा, नगला जागीर। पीएचसी कोट का लोप्यो, दादूपुर सैनी, मानीपुर, तुगलपुर, दादूपुर जटान, चिंतपुर, खानूवाला, कोटड़ा काहन सिंह।