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पहले दिन स्कूल में 20 प्रतिशत विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
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कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने पर मंगलवार से स्कूल खोल दिए गए। हालांकि सरकार की ओर से अभी 10 से 12वीं कक्षा के लिए ही स्कूल खोले गए हैं। परंतु अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्कूल खुलने के बाद मंगलवार को पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति मात्र 20 प्रतिशत रही। यदि विद्यार्थियों की कुल संख्या के अनुसार देखा जाए, तो यह उपस्थिति दस प्रतिशत ही है। चूंकि सरकार की ओर से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ स्कूल खोलने के आदेश हैं। जिसमें से पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 20 प्रतिशत रही। वहीं स्कूल खुलने के बाद अधिकारी छुट्टी तक एक के बाद एक स्कूल का निरीक्षण करते रहे। इसके लिए अधिकारियों की चार टीम बनाकर निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर कोरोना नियमावली व बचाव के प्रबंधों का जायजा लिया।
सरकार की ओर से स्कूल खोलने की अनुमति दे दी गई है। परंतु अभी सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण नहीं हो पाया है। जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में करीब 60 हजार विद्यार्थी हैं। अभी तक सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण नहीं हो पाया है। सरकारी स्कूल के करीब नौ प्रतिशत विद्यार्थियों का टीकाकरण होना बाकी है। जबकि निजी स्कूल के 15 प्रतिशत विद्यार्थियों ने टीकाकरण नहीं करवाया है। जिस कारण इन विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। वहीं विभाग ने शेष विद्यार्थियों के टीकाकरण के लिए अभियान छेड़ दिया है।
विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने का कारण सर्दी है। पहले दिन उपस्थिति कम रही है, लेकिन अब स्थिति ठीक हो जाएगी। सरकारी स्कूल के करीब 92 प्रतिशत विद्यार्थियों का टीकाकरण हो चुका है। निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी 85 से 90 प्रतिशत टीकाकरण करवा चुके हैं। बीमार होने, बाहर चले जाने के कारण टीकाकरण रुका है। इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है। इस सप्ताह तक शत प्रतिशत टीकाकरण हो जाएगा।
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शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
रादौर। करीब दो महीने बाद मंगलवार को एक बार फिर कोरोना संक्रमण बचाव की नियमावली के साथ स्कूल खोल दिए गए हैं। मंगलवार को 10वीं से 12वीं के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। हालांकि पहले दिन कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या में काफी कम रही। लेकिन स्कूल खुलने से विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखाई दिए। शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति के बाद ही स्कूलों में प्रवेश दिया गया। सरकारी स्कूल में भी विद्यार्थियों के हाथों को सैनिटाइजर व उनका तापमान जांचने के बाद ही प्रवेश दिया गया। सरकारी स्कूल के उप प्रधानाचार्य महकार सिंह ने बताया कि उनके स्कूल में 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या 483 है। लेकिन पहले दिन मात्र 50 विद्यार्थी ही स्कूल में पहुंचे है। छात्रा शैफाली ने कहा कि उसे स्कूल में आकर काफी अच्छा लगा, चूंकि ऑनलाइन शिक्षा में कई बार गांव में इंटरनेट की दिक्कत के चलते वे कक्षा नहीं लगा पाती थी। लेकिन अब स्कूल खुलने से वे अच्छे से पढ़ पाएगी। उसने वैक्सीन लगवाई है, इसलिए वो स्कूल में आ सकी है। लेकिन जिन छात्रों ने अभी तक भी वैक्सीन नहीं लगवाई है, उन्हें अभी भी कक्षा में प्रवेश नहीं मिल पाएगा।
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सरकार की ओर से स्कूल खोलने की अनुमति दे दी गई है। परंतु अभी सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण नहीं हो पाया है। जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में करीब 60 हजार विद्यार्थी हैं। अभी तक सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण नहीं हो पाया है। सरकारी स्कूल के करीब नौ प्रतिशत विद्यार्थियों का टीकाकरण होना बाकी है। जबकि निजी स्कूल के 15 प्रतिशत विद्यार्थियों ने टीकाकरण नहीं करवाया है। जिस कारण इन विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जा सकता है। वहीं विभाग ने शेष विद्यार्थियों के टीकाकरण के लिए अभियान छेड़ दिया है।
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विद्यार्थियों की उपस्थिति कम होने का कारण सर्दी है। पहले दिन उपस्थिति कम रही है, लेकिन अब स्थिति ठीक हो जाएगी। सरकारी स्कूल के करीब 92 प्रतिशत विद्यार्थियों का टीकाकरण हो चुका है। निजी स्कूलों के विद्यार्थी भी 85 से 90 प्रतिशत टीकाकरण करवा चुके हैं। बीमार होने, बाहर चले जाने के कारण टीकाकरण रुका है। इसके लिए विभाग प्रयास कर रहा है। इस सप्ताह तक शत प्रतिशत टीकाकरण हो जाएगा।
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शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
रादौर। करीब दो महीने बाद मंगलवार को एक बार फिर कोरोना संक्रमण बचाव की नियमावली के साथ स्कूल खोल दिए गए हैं। मंगलवार को 10वीं से 12वीं के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। हालांकि पहले दिन कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या में काफी कम रही। लेकिन स्कूल खुलने से विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखाई दिए। शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद विद्यार्थियों को अभिभावकों की सहमति के बाद ही स्कूलों में प्रवेश दिया गया। सरकारी स्कूल में भी विद्यार्थियों के हाथों को सैनिटाइजर व उनका तापमान जांचने के बाद ही प्रवेश दिया गया। सरकारी स्कूल के उप प्रधानाचार्य महकार सिंह ने बताया कि उनके स्कूल में 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की संख्या 483 है। लेकिन पहले दिन मात्र 50 विद्यार्थी ही स्कूल में पहुंचे है। छात्रा शैफाली ने कहा कि उसे स्कूल में आकर काफी अच्छा लगा, चूंकि ऑनलाइन शिक्षा में कई बार गांव में इंटरनेट की दिक्कत के चलते वे कक्षा नहीं लगा पाती थी। लेकिन अब स्कूल खुलने से वे अच्छे से पढ़ पाएगी। उसने वैक्सीन लगवाई है, इसलिए वो स्कूल में आ सकी है। लेकिन जिन छात्रों ने अभी तक भी वैक्सीन नहीं लगवाई है, उन्हें अभी भी कक्षा में प्रवेश नहीं मिल पाएगा।