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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 18 लाख
अमर उजाला यमुनानगर
Updated Fri, 09 May 2014 12:47 AM IST
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यमुनानगर। बेटों और भतीजों को बेरोजगारी से बचाने और रेलवे में नौकरी दिलवाने के लालच में एक व्यक्ति लाखों रुपये की ठगी का शिकार हो गया। कोर्ट ने पीड़ित की याचिका पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए। मामला बिलासपुर थाना क्षेत्र का है। जहां मखौर निवासी फतेह सिंह ने मिल्कखास निवासी यशपाल पर नौकरी दिलवाने के नाम पर 18 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी मिल्कखास निवासी यशपाल को नामजद करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।
गांव मखौर निवासी फतेह सिंह ने शिकायत में बताया कि वह कस्बे के शिव चौक पर स्थित एक दुकान पर चाय पीने जाता था। दुकान पर उसकी मुलाकात गांव मिल्कखास निवासी यशपाल से हुई। फतेह सिंह ने बताया कि यशपाल ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को रेलवे में ऊंचे पदों पर बताया। यशपाल ने उसे लड़कों को नौकरी पर लगाने की बात कही और रेलवे में हेल्पर, खलासी और क्लर्क के पदों पर नियुक्त करवा सकता है। फतेह सिंह ने बताया कि यशपाल ने उसे इस काम पर कुछ रुपए खर्च आने की बात कहीं। यशपाल ने उसे पहले 20 हजार और नियुक्ति पत्र मिलने के बाद करीब शेष राशि देनी होगी। प्रति व्यक्ति करीब तीन लाख रुपये का खर्चा आएगा। फतेह सिंह ने बताया कि उसके दोनों बेटे विजय और अजय बेरोजगार थे वहीं भतीजे विनोद और शम्मी के पास भी कोई काम धंधा नहीं था। जिन्हें नौकरी पर लगवाने के लिए वह यशपाल के झांसे में आ गया। फतेह सिंह ने बताया कि उसने गांव के दो अन्य युवक मनदीप और किशन को भी यशपाल से मिलवाया। इस दौरान उन्होंने मार्च 2011 में दे प्रति व्यक्ति के हिसाब से यशपाल को 20 हजार रुपये दे दिए। कुछ समय गुजर जाने पर यश्पाल ने उनसे पचास हजार रुपए प्रति युवक के हिसाब से गोरखपुर के रोजगार कार्यालय में नाम दर्ज करवाने के लिए। फतेह सिंह ने बताया कि उन्होंने यशपाल को तीन लाख रुपए और दे दिए। इसके बाद यशपाल ने युवकों को उनका काम पक्का होने का आश्वासन दिया और उनका मेडिकल फिटनेस टेस्ट क्लीयर करवाने के नाम पर एक-एक लाख रुपये और ले लिए। फतेह सिंह ने बताया कि यशपाल धीरे-धीरे करके उनसे नौकरी लगवाने की तय रकम पूरी ले बैठा। काफी समय बाद भी जब उन्हें अपना काम बनता नहीं दिखाई तो उन्होंने यशपाल पर उनके रुपये लौटाने की बात कही। जिस पर वह टाल मटोल करने और फिर उन्हें जान से खत्म करने की धमकी देने लगा।
-बाक्स-
गौरखपुर में करवाया मेडिकल
पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने यशपाल को नौकरी के लिए बार कहा तो उसने उन्हें उनका काम होने का आश्वासन दिया और उसके बाद उन्हें गोरखपुर में मेडिकल टेस्ट की बात कहने लगा। फिर मेडिकल टेस्ट क्लीयर के नाम पर उनसे एक-एक लाख रुपये और ऐंठ लिए।
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वर्जन
कोर्ट के आदेश पर आरोपी मिल्कखास निवासी यशपाल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुभाष चंद, इंस्पेक्टर एसएसओ, थाना बिलासपुर
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गांव मखौर निवासी फतेह सिंह ने शिकायत में बताया कि वह कस्बे के शिव चौक पर स्थित एक दुकान पर चाय पीने जाता था। दुकान पर उसकी मुलाकात गांव मिल्कखास निवासी यशपाल से हुई। फतेह सिंह ने बताया कि यशपाल ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को रेलवे में ऊंचे पदों पर बताया। यशपाल ने उसे लड़कों को नौकरी पर लगाने की बात कही और रेलवे में हेल्पर, खलासी और क्लर्क के पदों पर नियुक्त करवा सकता है। फतेह सिंह ने बताया कि यशपाल ने उसे इस काम पर कुछ रुपए खर्च आने की बात कहीं। यशपाल ने उसे पहले 20 हजार और नियुक्ति पत्र मिलने के बाद करीब शेष राशि देनी होगी। प्रति व्यक्ति करीब तीन लाख रुपये का खर्चा आएगा। फतेह सिंह ने बताया कि उसके दोनों बेटे विजय और अजय बेरोजगार थे वहीं भतीजे विनोद और शम्मी के पास भी कोई काम धंधा नहीं था। जिन्हें नौकरी पर लगवाने के लिए वह यशपाल के झांसे में आ गया। फतेह सिंह ने बताया कि उसने गांव के दो अन्य युवक मनदीप और किशन को भी यशपाल से मिलवाया। इस दौरान उन्होंने मार्च 2011 में दे प्रति व्यक्ति के हिसाब से यशपाल को 20 हजार रुपये दे दिए। कुछ समय गुजर जाने पर यश्पाल ने उनसे पचास हजार रुपए प्रति युवक के हिसाब से गोरखपुर के रोजगार कार्यालय में नाम दर्ज करवाने के लिए। फतेह सिंह ने बताया कि उन्होंने यशपाल को तीन लाख रुपए और दे दिए। इसके बाद यशपाल ने युवकों को उनका काम पक्का होने का आश्वासन दिया और उनका मेडिकल फिटनेस टेस्ट क्लीयर करवाने के नाम पर एक-एक लाख रुपये और ले लिए। फतेह सिंह ने बताया कि यशपाल धीरे-धीरे करके उनसे नौकरी लगवाने की तय रकम पूरी ले बैठा। काफी समय बाद भी जब उन्हें अपना काम बनता नहीं दिखाई तो उन्होंने यशपाल पर उनके रुपये लौटाने की बात कही। जिस पर वह टाल मटोल करने और फिर उन्हें जान से खत्म करने की धमकी देने लगा।
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गौरखपुर में करवाया मेडिकल
पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने यशपाल को नौकरी के लिए बार कहा तो उसने उन्हें उनका काम होने का आश्वासन दिया और उसके बाद उन्हें गोरखपुर में मेडिकल टेस्ट की बात कहने लगा। फिर मेडिकल टेस्ट क्लीयर के नाम पर उनसे एक-एक लाख रुपये और ऐंठ लिए।
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कोर्ट के आदेश पर आरोपी मिल्कखास निवासी यशपाल के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुभाष चंद, इंस्पेक्टर एसएसओ, थाना बिलासपुर