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बिजली बिल न भरने वाले 699 डिफाल्टरों के खिलाफ एफआईआर
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यमुनानगर। बिजली बिल न जमा करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ निगम सख्त हो गया है। निगम ने 699 डिफाल्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, जिन्होंने एक साल से अधिक समय से बकाया बिल जमा नहीं करवाया। निगम ने अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक इन 12 माह में कुल 1174 केस बिजली चोरी के पकड़े हैं। इन केसों से रिकवरी का पांच करोड़ 52 लाख 69 हजार रुपये बनाया गया। जिसमें से अभी तक दो करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपये आया है। जबकि दो करोड़ 66 लाख 71 हजार रुपये की रिकवरी अभी भी बकाया है।
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने बनाईं टीमें
12 माह में बिजली चोरी के हजारों मामले मिलने के बाद अब निगम ने बिजली चोरी को रोकने के लिए कमर कस ली है। बिजली चोरी रोकने के लिए चार से पांच टीम बनाई हैं। इन टीमों द्वारा लगातार बिजली चोरी को लेकर छापामारी की जा रही है। यह टीम दिन और रात छापामारी कर बिजली चोरी करने वाले लोगों को शिकंजा कसेगी। दरअसल, बिजली चोरी होने के कारण निगम को काफी चपत लग रही है। जिससे निगम को रोजाना काफी नुकसान झेलना पड़ता है। इन्हीं चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए टीमों का गठन किया गया।
पहली बार जुर्माना, दूसरी बार में होगी जेल
अधिकारियों के अनुसार बिजली निगम चोरी को लेकर काफी सख्त हो चुका है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बिजली नहीं चोरी करने को लेकर जागरूक किया जाता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति पहली बार चोरी करते पकड़ा जाता तो उसे जुर्माना लगाया जाता है, मगर दूसरी बार पकड़े जाने पर जेल भी हो सकती है। बता दें कि विभाग ने पिछले एक साल से डिफाल्टरों को कई बार नोटिस भी दे चुका, परंतु बावजूद उनके कानों जूं तक नहीं रेंगती। इसलिए विभाग ने इन्हें डिफाल्टर घोषित कर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
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निगम ने अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक 1174 केस बिजली चोरी के पकड़े हैं। इन केसों से रिकवरी का पांच करोड़ 52 लाख 69 हजार रुपये बनाया गया। जिसमें से अभी तक दो करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपये आया है। जबकि दो करोड़ 66 लाख 71 हजार रुपये की रिकवरी अभी भी बकाया है। बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के लिए चार से पांच टीमें बनाई गई है। छापेमारी के दौरान पहली बार चोरी करते हुए पकड़ा जाने पर जुर्माना लगेगा और दूसरी बार जेल भी हो सकती है।
-योगराज, एसई, यमुनानगर।
बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने बनाईं टीमें
12 माह में बिजली चोरी के हजारों मामले मिलने के बाद अब निगम ने बिजली चोरी को रोकने के लिए कमर कस ली है। बिजली चोरी रोकने के लिए चार से पांच टीम बनाई हैं। इन टीमों द्वारा लगातार बिजली चोरी को लेकर छापामारी की जा रही है। यह टीम दिन और रात छापामारी कर बिजली चोरी करने वाले लोगों को शिकंजा कसेगी। दरअसल, बिजली चोरी होने के कारण निगम को काफी चपत लग रही है। जिससे निगम को रोजाना काफी नुकसान झेलना पड़ता है। इन्हीं चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए टीमों का गठन किया गया।
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पहली बार जुर्माना, दूसरी बार में होगी जेल
अधिकारियों के अनुसार बिजली निगम चोरी को लेकर काफी सख्त हो चुका है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बिजली नहीं चोरी करने को लेकर जागरूक किया जाता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति पहली बार चोरी करते पकड़ा जाता तो उसे जुर्माना लगाया जाता है, मगर दूसरी बार पकड़े जाने पर जेल भी हो सकती है। बता दें कि विभाग ने पिछले एक साल से डिफाल्टरों को कई बार नोटिस भी दे चुका, परंतु बावजूद उनके कानों जूं तक नहीं रेंगती। इसलिए विभाग ने इन्हें डिफाल्टर घोषित कर इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
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निगम ने अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक 1174 केस बिजली चोरी के पकड़े हैं। इन केसों से रिकवरी का पांच करोड़ 52 लाख 69 हजार रुपये बनाया गया। जिसमें से अभी तक दो करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपये आया है। जबकि दो करोड़ 66 लाख 71 हजार रुपये की रिकवरी अभी भी बकाया है। बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के लिए चार से पांच टीमें बनाई गई है। छापेमारी के दौरान पहली बार चोरी करते हुए पकड़ा जाने पर जुर्माना लगेगा और दूसरी बार जेल भी हो सकती है।
-योगराज, एसई, यमुनानगर।