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तालाब का गंदा पानी लोगों के प्लाटों में घुसा, लोगों में रोष
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तालाब का गंदा पानी लोगों के प्लाटों में घुसा, लोगों में रोष
बिलासपुर। नवांशहर गांव में पंचायत की लापरवाही के चलते तालाब का गंदा पानी लोगों के प्लाटों में घुस गया। जिससे उनका लाखों रुपये की कीमत की निर्माण सामग्री खराब हो गई। लोगों ने पंचायत पर गलत तरीके से तालाब की खुदाई करवाने का आरोप लगाया है। नवांशहर गांव में गांव का गंदा पानी एकत्र करने के लिए एक एकड़ में तालाब खुदवाया गया है। लोगों का कहना है कि जून महीने में इस तालाब की खुदाई का काम पूरा हुआ। जिसके बाद से पूरे गांव का पानी लोगों के आवंटित 100-100 गज के प्लाटों में घुस गया। गांववासी मायाराम, रोशन लाल, रूप चंद, धर्मपाल, प्रभदयाल, मलकीत सिंह, करनैलो देवी, चंपा देवी, पंच सुनीता रानी, अमरजीत सिंह, प्रेम चंद, प्रकाश व सही राम का कहना है कि उन्होंने गर्मियों में इन प्लाटों में मकान बनाने के लिए निर्माण सामग्री मंगवा ली थी। लेकिन बरसात से पहले ही तालाब का पानी उनके प्लाटों में घुस गया। जिससे उनका लाखों रुपए का नुकसान हो गया। उनका कहना है कि सरपंच ने गलत जगह पर तालाब बनवाया है। साथ ही तालाब को गहरा नहीं किया गया। उनका कहनाहै कि तालाब से ओवरफ्लो पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे पंचायती जमीन के अलावा आसपास के किसानों की फसल भी खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बीडीपीओ बिलासपुर व डीसी यमुनानगर से भी मिल चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई।
जल्द दबाई जाएगी पाइप
सरपंच सोमनाथ का कहना है कि तालाब की खुदाई सेंटर गर्वंमेंट की स्कीम के तहत की गई है। उन्होंने तालाब के पानी से सिंचाई के लिए पाइप लाइन दबाने का प्रोपोजल बनवा कर भेज दिया गया है। तालाब के ओवरफ्लो पानी का प्रबंध कर दिया जाएगा। किसी भी गांववासी को परेशानी नही होने दी जाएगी।
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बिलासपुर। नवांशहर गांव में पंचायत की लापरवाही के चलते तालाब का गंदा पानी लोगों के प्लाटों में घुस गया। जिससे उनका लाखों रुपये की कीमत की निर्माण सामग्री खराब हो गई। लोगों ने पंचायत पर गलत तरीके से तालाब की खुदाई करवाने का आरोप लगाया है। नवांशहर गांव में गांव का गंदा पानी एकत्र करने के लिए एक एकड़ में तालाब खुदवाया गया है। लोगों का कहना है कि जून महीने में इस तालाब की खुदाई का काम पूरा हुआ। जिसके बाद से पूरे गांव का पानी लोगों के आवंटित 100-100 गज के प्लाटों में घुस गया। गांववासी मायाराम, रोशन लाल, रूप चंद, धर्मपाल, प्रभदयाल, मलकीत सिंह, करनैलो देवी, चंपा देवी, पंच सुनीता रानी, अमरजीत सिंह, प्रेम चंद, प्रकाश व सही राम का कहना है कि उन्होंने गर्मियों में इन प्लाटों में मकान बनाने के लिए निर्माण सामग्री मंगवा ली थी। लेकिन बरसात से पहले ही तालाब का पानी उनके प्लाटों में घुस गया। जिससे उनका लाखों रुपए का नुकसान हो गया। उनका कहना है कि सरपंच ने गलत जगह पर तालाब बनवाया है। साथ ही तालाब को गहरा नहीं किया गया। उनका कहनाहै कि तालाब से ओवरफ्लो पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे पंचायती जमीन के अलावा आसपास के किसानों की फसल भी खराब हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बीडीपीओ बिलासपुर व डीसी यमुनानगर से भी मिल चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई।
जल्द दबाई जाएगी पाइप
सरपंच सोमनाथ का कहना है कि तालाब की खुदाई सेंटर गर्वंमेंट की स्कीम के तहत की गई है। उन्होंने तालाब के पानी से सिंचाई के लिए पाइप लाइन दबाने का प्रोपोजल बनवा कर भेज दिया गया है। तालाब के ओवरफ्लो पानी का प्रबंध कर दिया जाएगा। किसी भी गांववासी को परेशानी नही होने दी जाएगी।
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