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बिगड़ते हालात को देख बैकफूट पर आने लगा स्वास्थ्य विभाग, बातचीत के लिए तैयार
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बिगड़ते हालात को देख बैकफूट पर आने लगा स्वास्थ्य विभाग, बातचीत के लिए तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। एनएचएम की हड़ताल से बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए विभाग अब बैकफुट पर आता हुआ दिखाई दे रहा है। विभाग ने कर्मचारियों से सुलह करने के लिए 11 फरवरी को डायरेक्टर के पास बुलाया है। लेकिन तब तक कर्मचारियों ने हड़ताल को जारी रखने का फैसला लिया है। रविवार को कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन में प्रवेश कर गई। कर्मचारियों ने सोमवार को जिला सचिवालय की तरफ रूख करने के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल में बैठकर तख्तियां, बैनर व पंपलेट्स तैयार किए। जिनके ऊपर नारे लिखे गए।
आज आशा वर्कर भी हो सकती हैं शामिल
सिविल अस्पताल में हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मियों की हड़ताल में आशा वर्कर ने समर्थन दिया। आशा वर्कर की प्रधान नीरू बाला ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जिला की एक हजार आशा वर्कर हड़ताल में समर्थन देने के लिए धरने पर बैठ जाएगी। वहीं एनएचएम कर्मचारी संघ के नेता अमित ने कहा कि कर्मचारी 15 साल से काम कर रहे हैं। फिर भी उनसे हर साल एक अप्रैल को संविदा पत्र या शपथ पत्र लिया जाता है। उसमें कई तरह की शर्तें होती हैं उसमें यहां तक लिखा होता है कि उनकी सेवाएं कभी भी समाप्त हो सकती हैं।
विभाग से दस सेवाओं पर पड़ा गहरा असर
एनएचएम की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की दस सेवाओं पर गहरा असर देखने को मिल रहा है। इसमें डिलीवरी कार्य, जन्म-प्रमाण पत्र, टीकाकरण, अकाउंट्स, कंप्यूटर डिपार्टमेंट, एंबुलेंस समेत दस कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जिसके चलते विभाग व मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने साफतौर पर कहा है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है वह धरने से टस से मस नहीं होंगे। इसके लिए फिर चाहे उन्हें लंबा संघर्ष ही क्यों न करना पड़े।
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। एनएचएम की हड़ताल से बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए विभाग अब बैकफुट पर आता हुआ दिखाई दे रहा है। विभाग ने कर्मचारियों से सुलह करने के लिए 11 फरवरी को डायरेक्टर के पास बुलाया है। लेकिन तब तक कर्मचारियों ने हड़ताल को जारी रखने का फैसला लिया है। रविवार को कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन में प्रवेश कर गई। कर्मचारियों ने सोमवार को जिला सचिवालय की तरफ रूख करने के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल में बैठकर तख्तियां, बैनर व पंपलेट्स तैयार किए। जिनके ऊपर नारे लिखे गए।
आज आशा वर्कर भी हो सकती हैं शामिल
सिविल अस्पताल में हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मियों की हड़ताल में आशा वर्कर ने समर्थन दिया। आशा वर्कर की प्रधान नीरू बाला ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जिला की एक हजार आशा वर्कर हड़ताल में समर्थन देने के लिए धरने पर बैठ जाएगी। वहीं एनएचएम कर्मचारी संघ के नेता अमित ने कहा कि कर्मचारी 15 साल से काम कर रहे हैं। फिर भी उनसे हर साल एक अप्रैल को संविदा पत्र या शपथ पत्र लिया जाता है। उसमें कई तरह की शर्तें होती हैं उसमें यहां तक लिखा होता है कि उनकी सेवाएं कभी भी समाप्त हो सकती हैं।
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विभाग से दस सेवाओं पर पड़ा गहरा असर
एनएचएम की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य विभाग की दस सेवाओं पर गहरा असर देखने को मिल रहा है। इसमें डिलीवरी कार्य, जन्म-प्रमाण पत्र, टीकाकरण, अकाउंट्स, कंप्यूटर डिपार्टमेंट, एंबुलेंस समेत दस कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जिसके चलते विभाग व मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने साफतौर पर कहा है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है वह धरने से टस से मस नहीं होंगे। इसके लिए फिर चाहे उन्हें लंबा संघर्ष ही क्यों न करना पड़े।
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