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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुकानों पर लगे तम्बाकू उत्पादों के बोर्डों को उतरवाया
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:51 AM IST
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दुकानों पर लगे तम्बाकू उत्पादों के बोर्डों को उतरवाया
यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोटपा एक्ट 2003 का उल्लंघन न करने तथा धू्म्रपान निषेध क्षेत्र में धूम्रपान न करने की सलाह दी। टीम ने दुकानों पर लगू तंबाकू उत्पादों के बोर्डों को भी उतरवाया व साथ ही दुकानदारों को चेेतावनी दा कि ऐसे विज्ञापन वाले बोर्ड न लगाएं क्यों इसे प्रकार के बोर्ड भी कोटपा एक्ट 2003 का उल्लंघन है तथा इसके लिए दो साल की सजा का प्रावधान है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया द्वारा गठित की गई टीम ने शहर के मॉडल टाऊन के एमएल कॉलेज व स्कूल के पास दुकानों व ठेलों की जांच की और कोटपा एक्ट 2003 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तथा चेतावनी दी। इस मौके पर डॉ. विजय दहिया ने बताया की प्रदेश को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए राज्य के हर जिले में डीसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। सरकार द्वारा कार्यक्रम को पूर्ण रूप से लागू करने के लिये डीएलसीसी को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 के तहत दंड व जुर्माना करने का अधिकार दिया गया है। कोटपा के तहत विभिन्न धाराओं के तहत उल्लंघन करने पर दंड व जुर्माने निश्चित है। डॉ. विजय दहिया ने यह भी बताया की कोटपा एक्ट 2003 के अनुसार जिले के सभी स्थास्थ्य व सार्वजनिक संस्थानों पर धूम्रपान निषेध के या धूम्रपान वर्जित क्षेत्र के बोर्ड लगाए जाने अनिवार्य है तथा सभी संस्थानों में ड्रॉप बोक्स लगाए जाने चाहिए। जिनके साथ यह लिखा जाये कि यह एक तंबाकू मुक्त इमारत है कृप्या इसमें प्रवेश करने से पहले तंबाकू उत्पाद जैसे की बीडी, सिगरेट, खैनी, जर्दा इत्यादि इस बॉक्स में डालें।
इस मौके पर डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जल्द ही स्कूल व कॉलेजों में भी तंबाकू मुक्त अभियान के तहत जल्द ही ट्रेनिंग का अयोजन किया जाएगा। जिससे की बच्चों को इस व्यसनों से बचाया जा सके।
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फोटो नंबर- 12,13
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यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोटपा एक्ट 2003 का उल्लंघन न करने तथा धू्म्रपान निषेध क्षेत्र में धूम्रपान न करने की सलाह दी। टीम ने दुकानों पर लगू तंबाकू उत्पादों के बोर्डों को भी उतरवाया व साथ ही दुकानदारों को चेेतावनी दा कि ऐसे विज्ञापन वाले बोर्ड न लगाएं क्यों इसे प्रकार के बोर्ड भी कोटपा एक्ट 2003 का उल्लंघन है तथा इसके लिए दो साल की सजा का प्रावधान है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया द्वारा गठित की गई टीम ने शहर के मॉडल टाऊन के एमएल कॉलेज व स्कूल के पास दुकानों व ठेलों की जांच की और कोटपा एक्ट 2003 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तथा चेतावनी दी। इस मौके पर डॉ. विजय दहिया ने बताया की प्रदेश को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए राज्य के हर जिले में डीसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। सरकार द्वारा कार्यक्रम को पूर्ण रूप से लागू करने के लिये डीएलसीसी को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 के तहत दंड व जुर्माना करने का अधिकार दिया गया है। कोटपा के तहत विभिन्न धाराओं के तहत उल्लंघन करने पर दंड व जुर्माने निश्चित है। डॉ. विजय दहिया ने यह भी बताया की कोटपा एक्ट 2003 के अनुसार जिले के सभी स्थास्थ्य व सार्वजनिक संस्थानों पर धूम्रपान निषेध के या धूम्रपान वर्जित क्षेत्र के बोर्ड लगाए जाने अनिवार्य है तथा सभी संस्थानों में ड्रॉप बोक्स लगाए जाने चाहिए। जिनके साथ यह लिखा जाये कि यह एक तंबाकू मुक्त इमारत है कृप्या इसमें प्रवेश करने से पहले तंबाकू उत्पाद जैसे की बीडी, सिगरेट, खैनी, जर्दा इत्यादि इस बॉक्स में डालें।
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इस मौके पर डॉ. विजय दहिया ने बताया कि जल्द ही स्कूल व कॉलेजों में भी तंबाकू मुक्त अभियान के तहत जल्द ही ट्रेनिंग का अयोजन किया जाएगा। जिससे की बच्चों को इस व्यसनों से बचाया जा सके।
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फोटो नंबर- 12,13