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खरीद के दूसरे दिन देर शाम शुरू हुई धान की खरीद
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:26 AM IST
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खरीद के दूसरे दिन देर शाम शुरू हुई धान की खरीद
आढ़ती एसोसिएशन के बाद अधिकारी आए खरीद के लिए
बिलासपुर। आढ़ती एसोसिएशन के दबाव में खरीद के दूसरे दिन देर शाम धान की खरीद शुरू हुई। अनाजमंडी में एक तो गेहूं के भंडारण के कारण जगह नही थी दूसरे दो दिन की आवक से मंडी धान से अटी पड़ी थी। खरीद एजेंसी का अधिकारी मंगलवार से मंडी में नही आया था। आढ़ती एसोसिएशन की मीटिंग के बाद अधिकारी खरीद के लिए आए।
पहली अक्टूबर को धान मंडी में लेकर खरीद न होने के कारण दूसरे दिन भी परेशान हो रहे थे। शाम चार बजे तक वेयरहाउस का मैनेजर मंडी में नही पहुंचा था। जिस पर आढ़तियों ने मीटिंग कर डीएफएससी यमुनानगर को फोन कर खरीद शुरू कराने की मांग की। मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि करीब साढे़ चार बजे मैनेजर सुखदेव सिंह ने खरीद शुरू की।
आढ़तियों को नही मिला बारदाना
मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि खरीद शुरू हो चुकी है। लेकिन आढ़तियों के पास न तो खरीद एजेंसी और न ही राइस मिलर्स ने बारदाना पहुंचाया। जिसके चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसी की मिलीभगत राइस मिलर्स से होती है। इसलिए बारदाना मिलर्स को दिया जाता है। बाद वे मनमर्जी से आढ़तियों को बारदाना पहुंचाते हैं। आढ़तियों का आरोप है कि खरीद एजेंसी नया बारदाना बचा कर पुराने बारदाने से ही काम चला लेती है। जिसका खामियाजा किसानों व आढ़तियों को भुगतना पड़ता है। समय पर बारदाना न मिलने से किसानों की मेहनत को आवारा पशु खा जाते हैं।
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मंडी में जमा साढे़ तीन लाख कट्टे गेहूं
आढ़तियों का कहना है कि धान की आवक धीरे धीरे बढ़ रही है। लेकिन अनाज मंडी में साढे़ तीन लाख कट्टे गेहूं जमा की गई है। जिस कारण किसानों को अपना धान गिराने में दिक्कत पेश आएगी। वही खाद्य आपूर्ति विभाग की माने तो 15 अक्टूबर के बाद ही राहत की उम्मीद की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि स्पेशल लगने वाली है। 15 दिन में मंडी से गेहूं का उठान हो जाएगा।
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पहले दिन खरीदा 4000 क्विंटल धान
मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि मंडी में पहले दिन करीब चार हजार क्विंटल धान की खरीद की गई। मंडी में पहले दिन पचास किसान धान लेकर आए थे। लेकिन खरीद न होने का समाचार सुनकर दूसरे दिन केवल 30 किसान ही धान लेकर पहुंचें। नमी के चलते कुछ ढेरियां रिजेक्ट कर दी गई है। उन्हें इंप्रुव कर कल खरीदा जाएगा। उनका कहना है कि अधिकतर धान 15 व 16 प्वाइंट से कम मॉइस्चर की थी। खरीद एजेंसी को 17 प्वाइंट मास्टर तक की धान की खरीद करने के निर्देश है।
आढ़ती एसोसिएशन के बाद अधिकारी आए खरीद के लिए
बिलासपुर। आढ़ती एसोसिएशन के दबाव में खरीद के दूसरे दिन देर शाम धान की खरीद शुरू हुई। अनाजमंडी में एक तो गेहूं के भंडारण के कारण जगह नही थी दूसरे दो दिन की आवक से मंडी धान से अटी पड़ी थी। खरीद एजेंसी का अधिकारी मंगलवार से मंडी में नही आया था। आढ़ती एसोसिएशन की मीटिंग के बाद अधिकारी खरीद के लिए आए।
पहली अक्टूबर को धान मंडी में लेकर खरीद न होने के कारण दूसरे दिन भी परेशान हो रहे थे। शाम चार बजे तक वेयरहाउस का मैनेजर मंडी में नही पहुंचा था। जिस पर आढ़तियों ने मीटिंग कर डीएफएससी यमुनानगर को फोन कर खरीद शुरू कराने की मांग की। मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि करीब साढे़ चार बजे मैनेजर सुखदेव सिंह ने खरीद शुरू की।
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आढ़तियों को नही मिला बारदाना
मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि खरीद शुरू हो चुकी है। लेकिन आढ़तियों के पास न तो खरीद एजेंसी और न ही राइस मिलर्स ने बारदाना पहुंचाया। जिसके चलते किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि खरीद एजेंसी की मिलीभगत राइस मिलर्स से होती है। इसलिए बारदाना मिलर्स को दिया जाता है। बाद वे मनमर्जी से आढ़तियों को बारदाना पहुंचाते हैं। आढ़तियों का आरोप है कि खरीद एजेंसी नया बारदाना बचा कर पुराने बारदाने से ही काम चला लेती है। जिसका खामियाजा किसानों व आढ़तियों को भुगतना पड़ता है। समय पर बारदाना न मिलने से किसानों की मेहनत को आवारा पशु खा जाते हैं।
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मंडी में जमा साढे़ तीन लाख कट्टे गेहूं
आढ़तियों का कहना है कि धान की आवक धीरे धीरे बढ़ रही है। लेकिन अनाज मंडी में साढे़ तीन लाख कट्टे गेहूं जमा की गई है। जिस कारण किसानों को अपना धान गिराने में दिक्कत पेश आएगी। वही खाद्य आपूर्ति विभाग की माने तो 15 अक्टूबर के बाद ही राहत की उम्मीद की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि स्पेशल लगने वाली है। 15 दिन में मंडी से गेहूं का उठान हो जाएगा।
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पहले दिन खरीदा 4000 क्विंटल धान
मंडी प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि मंडी में पहले दिन करीब चार हजार क्विंटल धान की खरीद की गई। मंडी में पहले दिन पचास किसान धान लेकर आए थे। लेकिन खरीद न होने का समाचार सुनकर दूसरे दिन केवल 30 किसान ही धान लेकर पहुंचें। नमी के चलते कुछ ढेरियां रिजेक्ट कर दी गई है। उन्हें इंप्रुव कर कल खरीदा जाएगा। उनका कहना है कि अधिकतर धान 15 व 16 प्वाइंट से कम मॉइस्चर की थी। खरीद एजेंसी को 17 प्वाइंट मास्टर तक की धान की खरीद करने के निर्देश है।